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सीएम बोले, खोरी वासियों को मिलेंगे दो हजार मकान
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फरीदाबाद। अरावली वन क्षेत्र में बसे गांव खोरी वासियों को जवाहरलाल नेहरू नेशनल अर्बन रिन्यूवल मिशन (जेएनएनयूआरएम) के तहत बनाए गए करीब दो हजार मकान दिए जाएंगे। इसकी घोषणा बुधवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने की। उन्होंने कहा कि इस सुविधा का लाभ लेने के लिए लोगोें के पास परिवार पहचान पत्र होना जरूरी है। वहीं दूसरी तरफ इस ऐलान पर खोरी के लोगों का कहना है कि कई लोगों के पास परिवार पहचान पत्र नहीं है। इसलिए वह जिस जगह पर रह रहे हैं, उसी जगह पर सरकार बसाए।
हिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर बसे गांव खोरी में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर खाली करवाने की तैयारी की जा रही है। निगम द्वारा गांव में मुनादी कराई जा रही है। इस दौरान कई लोग तो मकान खाली कर चले गए हैं, लेकिन अभी भी कुछ लोग खोरी में मौजूद है जो पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में बुधवार को सीएम मनोहर लाल ने चंडीगढ़ में प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि हरियाणा की सीमा के अंदर 1400 परिवार रह रहे हैं जिन्हें चिन्हित करने का काम कर लिया गया है। इन सभी परिवारों को डबुआ कॉलोनी में खाली पड़े फ्लैट दिए जाएंगे। नगर निगम ने जेएनएनयूआरएम के तहत डबुआ कॉलोनी और बापू नगर निगम गरीबों के लिए फ्लैट बनाए थे, जो पिछले 12 सालों से खाली पड़े है। डबुआ कॉलोनी में 205 परिवारों को फ्लैट दिया गया है, बाकी के दो हजार फ्लैट खाली पड़े है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी नियम पूरे करने वाले और पहचान पत्र वाले लोगों को ये फ्लैट दिए जाएंगे। लेकिन वहीं दूसरी तरफ स्थानीय लोगों ने इस फैसले का विरोध किया है। स्थानीय निवासी विमला, कमलकांत, सचिन ने बताया कि अधिकतर लोगों के पास पहचान पत्र नहीं है। ऐसे में उनको वहां पर घर मिलना मुश्किल है। इसलिए जो लोग जहां रह रहे हैं उन्हें वहीं पर स्थापित किया जाए। इसके अलावा उन्हें सरकार से कुछ नहीं चाहिए।
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हिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर बसे गांव खोरी में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर खाली करवाने की तैयारी की जा रही है। निगम द्वारा गांव में मुनादी कराई जा रही है। इस दौरान कई लोग तो मकान खाली कर चले गए हैं, लेकिन अभी भी कुछ लोग खोरी में मौजूद है जो पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में बुधवार को सीएम मनोहर लाल ने चंडीगढ़ में प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि हरियाणा की सीमा के अंदर 1400 परिवार रह रहे हैं जिन्हें चिन्हित करने का काम कर लिया गया है। इन सभी परिवारों को डबुआ कॉलोनी में खाली पड़े फ्लैट दिए जाएंगे। नगर निगम ने जेएनएनयूआरएम के तहत डबुआ कॉलोनी और बापू नगर निगम गरीबों के लिए फ्लैट बनाए थे, जो पिछले 12 सालों से खाली पड़े है। डबुआ कॉलोनी में 205 परिवारों को फ्लैट दिया गया है, बाकी के दो हजार फ्लैट खाली पड़े है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी नियम पूरे करने वाले और पहचान पत्र वाले लोगों को ये फ्लैट दिए जाएंगे। लेकिन वहीं दूसरी तरफ स्थानीय लोगों ने इस फैसले का विरोध किया है। स्थानीय निवासी विमला, कमलकांत, सचिन ने बताया कि अधिकतर लोगों के पास पहचान पत्र नहीं है। ऐसे में उनको वहां पर घर मिलना मुश्किल है। इसलिए जो लोग जहां रह रहे हैं उन्हें वहीं पर स्थापित किया जाए। इसके अलावा उन्हें सरकार से कुछ नहीं चाहिए।
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