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Faridabad News: सफाई कर्मचारियों ने लघु सचिवालय परिसर में किया प्रदर्शन
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फरीदाबाद सेक्टर 12 लघु सचिवालय पर सरकार का पुतला जलाते ग्रामीण सफाई कर्मचारी । स्रोत: कर्मचारी
सरकार पर लंबित मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाने का आरोपी लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की हड़ताल शुक्रवार को आठवें दिन और उग्र हो गई। कर्मचारियों ने लघु सचिवालय परिसर में प्रदर्शन करते हुए सरकार का पुतला फूंका और जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से लंबित मांगों पर सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है।
प्रदर्शन की अध्यक्षता प्रधान महेंद्र सिंह माढोतिया ने की जबकि संचालन वित्त सचिव दिनेश पाली ने किया। इस दौरान कर्मचारी कच्चे कर्मियों को पक्का करो, 26 हजार न्यूनतम वेतनमान लागू करो और 400 की आबादी पर एक सफाई कर्मचारी भर्ती करो जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन में सीटू के जिला प्रधान निरंतर पराशर और जिला सचिव वीरेंद्र सिंह डंगवाल भी मौजूद रहे।
ग्रामीण इलाकों में बढ़ी गंदगी की समस्या
हड़ताली कर्मचारियों का कहना है कि वे 15 मई से लगातार हड़ताल पर हैं जिसके कारण गांवों में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। कई इलाकों में कूड़े के ढेर लगने लगे हैं और नियमित सफाई कार्य प्रभावित हो रहा है। कर्मचारियों ने कहा कि इसके बावजूद सरकार बातचीत के लिए आगे नहीं आ रही है। सीटू जिला सचिव वीरेंद्र सिंह डंगवाल ने कहा कि यदि समय रहते मांगों का समाधान नहीं किया गया तो 24 और 25 मई को नरवाना में महापड़ाव डाला जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के उस फैसले को भी लागू नहीं किया, जिसमें 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को पक्का करने की बात कही गई थी।
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वेतन, भत्तों और सुविधाओं को लेकर नाराजगी
कर्मचारियों ने कहा कि सरकार ने ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का वेतन 26 हजार रुपये करने का निर्णय तो लिया था, लेकिन अब तक उसे लागू नहीं किया गया। इसके अलावा कर्मचारियों को महंगाई भत्ता, रिटायरमेंट लाभ, वर्दी, धुलाई भत्ता और आधुनिक उपकरण जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं। कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि ड्यूटी के दौरान किसी कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके परिवार को नौकरी देने की व्यवस्था भी नहीं है, जिससे परिवार आर्थिक संकट में आ जाता है।
कई ब्लॉकों के पदाधिकारी रहे मौजूद
प्रदर्शन को बल्लभगढ़ ब्लॉक प्रधान विनीत, तिगांव ब्लॉक प्रधान विनोद, सचिव नरेश पावटा, मनोज मौजपुर, राजू नरावली, गुलाब हंस हीरापुर, मनोज हंस और महेश अटाली समेत कई पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया। नेताओं ने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन जारी रहेगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की हड़ताल शुक्रवार को आठवें दिन और उग्र हो गई। कर्मचारियों ने लघु सचिवालय परिसर में प्रदर्शन करते हुए सरकार का पुतला फूंका और जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से लंबित मांगों पर सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है।
प्रदर्शन की अध्यक्षता प्रधान महेंद्र सिंह माढोतिया ने की जबकि संचालन वित्त सचिव दिनेश पाली ने किया। इस दौरान कर्मचारी कच्चे कर्मियों को पक्का करो, 26 हजार न्यूनतम वेतनमान लागू करो और 400 की आबादी पर एक सफाई कर्मचारी भर्ती करो जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन में सीटू के जिला प्रधान निरंतर पराशर और जिला सचिव वीरेंद्र सिंह डंगवाल भी मौजूद रहे।
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ग्रामीण इलाकों में बढ़ी गंदगी की समस्या
हड़ताली कर्मचारियों का कहना है कि वे 15 मई से लगातार हड़ताल पर हैं जिसके कारण गांवों में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। कई इलाकों में कूड़े के ढेर लगने लगे हैं और नियमित सफाई कार्य प्रभावित हो रहा है। कर्मचारियों ने कहा कि इसके बावजूद सरकार बातचीत के लिए आगे नहीं आ रही है। सीटू जिला सचिव वीरेंद्र सिंह डंगवाल ने कहा कि यदि समय रहते मांगों का समाधान नहीं किया गया तो 24 और 25 मई को नरवाना में महापड़ाव डाला जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के उस फैसले को भी लागू नहीं किया, जिसमें 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को पक्का करने की बात कही गई थी।
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वेतन, भत्तों और सुविधाओं को लेकर नाराजगी
कर्मचारियों ने कहा कि सरकार ने ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का वेतन 26 हजार रुपये करने का निर्णय तो लिया था, लेकिन अब तक उसे लागू नहीं किया गया। इसके अलावा कर्मचारियों को महंगाई भत्ता, रिटायरमेंट लाभ, वर्दी, धुलाई भत्ता और आधुनिक उपकरण जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं। कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि ड्यूटी के दौरान किसी कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके परिवार को नौकरी देने की व्यवस्था भी नहीं है, जिससे परिवार आर्थिक संकट में आ जाता है।
कई ब्लॉकों के पदाधिकारी रहे मौजूद
प्रदर्शन को बल्लभगढ़ ब्लॉक प्रधान विनीत, तिगांव ब्लॉक प्रधान विनोद, सचिव नरेश पावटा, मनोज मौजपुर, राजू नरावली, गुलाब हंस हीरापुर, मनोज हंस और महेश अटाली समेत कई पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया। नेताओं ने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन जारी रहेगा।