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Faridabad News: स्मार्ट सिटी में अब नहीं दौड़ेंगी सिटी बसें, सभी बसों को गुरुग्राम भेजने के आदेश
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आठ दिन से ठप है बस सेवा, सीएनजी पंप का भुगतान नहीं होने से नहीं मिल रही गैस
हेमलता
फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी में गांवों और शहर को जोड़ने वाली सिटी बस सेवा पर अब पूरी तरह बंद होने का खतरा मंडरा रहा है। यात्रियों की लाइफलाइन कही जाने वाली यह सेवा महज सात साल में ही बदहाली का शिकार हो गई है। बसों के रखरखाव में कमी, रूट बंद होने और संचालन संबंधी समस्याओं के बीच अब सभी बसों को गुरुग्राम भेजने के आदेश जारी किए गए हैं। बल्लभगढ़ बस डिपो से संचालित फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) की बसों को जल्दी ही गुरुग्राम के लिए रवाना किया जाएगा। इससे शहर में सिटी बस सेवा स्थायी रूप से बंद होने की आशंका बढ़ गई है।
7 अक्तूबर को सीएनजी नहीं मिलने के कारण एक भी सिटी बस सड़क पर नहीं उतरी। कर्मचारियों के अनुसार, सीएनजी पंप का भुगतान नहीं होने के कारण पंप संचालक ने बसों को गैस देने से इनकार कर दिया। इस कारण पिछले आठ दिनों से बसों का संचालन पूरी तरह ठप है। एफएमडीए की ओर से बल्लभगढ़ बस डिपो के माध्यम से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में 35 सिटी बसें चलाई जा रही थीं। कर्मचारियों का कहना है कि सीएनजी का भुगतान नहीं होने के कारण बसों के संचालन रुक गया है। इसके चलते बसें डिपो में खड़ी हैं। लगातार आठ दिन से सेवा बंद रहने के कारण यात्रियों को दूसरे सार्वजनिक और निजी परिवहन साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
जर्जर बसों को भेजने के लिए करनी पड़ेगी मशक्कत
डिपो इंचार्ज मनीश त्यागी ने बताया कि डिपो में खड़ी कई बसों की हालत खराब है। कुछ बसों के टायर और रिम निकले हुए हैं, जबकि कुछ बसों के इंजन तक नहीं हैं। ऐसे में सभी बसों को गुरुग्राम भेजना भी आसान नहीं होगा। पहले उन बसों में टायर और रिम लगाए जाएंगे। उसके बाद उन बसों को भेजा जाएगा। वहीं जिन बसों के इंजन नहीं हैं, उन्हें टो करके ले जाया जाएगा। कर्मचारियों के अनुसार टो करके ले जाने वाली बसों को रात के समय रवाना किया जाएगा, ताकि सड़क पर चलने वाले अन्य वाहनों को परेशानी न हो।
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चालकों ने रोकी बस
बस को गुरुग्राम भेजने की सूचना मिलने पर देर शाम को सभी चालक डिपो में इक्ठ्ठा हो गए और बसों को गुरुग्राम जाने से रोका गया। चालकों का कहना है कि उनको इस महीने का वेतन नहीं मिला है। उनको वेतन दिया जाए। इसके अलावा उनको तीन महीने का जो कंपनी की ओर से पैसा दिया जाता है वह भी दिया जाए। उसके बाद ही इन बसों को डिपो से बाहर जाने दिया जाएगा।
लोगों से बात
सिटी बसों से रोजाना शहर और आसपास के गांवों में आना-जाना करते हैं। बसें बंद होने से काम पर जाने और जरूरी काम निपटाने में परेशानी हो रही है। - दीपक
कॉलेज और दूसरे शिक्षण संस्थानों में जाने के लिए सिटी बसें काफी सुविधाजनक थीं। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को सफर करने की सुविधा मिलती थी। - सियाराम
सिटी बसें नौकरीपेशा लोगों और छात्रों के लिए आवागमन का सस्ता साधन थीं। इनके बंद होने से समय पर कार्यालय पहुंचना मुश्किल हो जाता है। - रितेश
सिटी बसों से बल्लभगढ़ और फरीदाबाद के ग्रामीण क्षेत्रों का शहर से सीधा संपर्क बना हुआ था। खासकर उन लोगों को सुविधा मिलती थी, जिनके पास निजी वाहन नहीं हैं। - भूवन
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हेमलता
फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी में गांवों और शहर को जोड़ने वाली सिटी बस सेवा पर अब पूरी तरह बंद होने का खतरा मंडरा रहा है। यात्रियों की लाइफलाइन कही जाने वाली यह सेवा महज सात साल में ही बदहाली का शिकार हो गई है। बसों के रखरखाव में कमी, रूट बंद होने और संचालन संबंधी समस्याओं के बीच अब सभी बसों को गुरुग्राम भेजने के आदेश जारी किए गए हैं। बल्लभगढ़ बस डिपो से संचालित फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) की बसों को जल्दी ही गुरुग्राम के लिए रवाना किया जाएगा। इससे शहर में सिटी बस सेवा स्थायी रूप से बंद होने की आशंका बढ़ गई है।
7 अक्तूबर को सीएनजी नहीं मिलने के कारण एक भी सिटी बस सड़क पर नहीं उतरी। कर्मचारियों के अनुसार, सीएनजी पंप का भुगतान नहीं होने के कारण पंप संचालक ने बसों को गैस देने से इनकार कर दिया। इस कारण पिछले आठ दिनों से बसों का संचालन पूरी तरह ठप है। एफएमडीए की ओर से बल्लभगढ़ बस डिपो के माध्यम से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में 35 सिटी बसें चलाई जा रही थीं। कर्मचारियों का कहना है कि सीएनजी का भुगतान नहीं होने के कारण बसों के संचालन रुक गया है। इसके चलते बसें डिपो में खड़ी हैं। लगातार आठ दिन से सेवा बंद रहने के कारण यात्रियों को दूसरे सार्वजनिक और निजी परिवहन साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
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जर्जर बसों को भेजने के लिए करनी पड़ेगी मशक्कत
डिपो इंचार्ज मनीश त्यागी ने बताया कि डिपो में खड़ी कई बसों की हालत खराब है। कुछ बसों के टायर और रिम निकले हुए हैं, जबकि कुछ बसों के इंजन तक नहीं हैं। ऐसे में सभी बसों को गुरुग्राम भेजना भी आसान नहीं होगा। पहले उन बसों में टायर और रिम लगाए जाएंगे। उसके बाद उन बसों को भेजा जाएगा। वहीं जिन बसों के इंजन नहीं हैं, उन्हें टो करके ले जाया जाएगा। कर्मचारियों के अनुसार टो करके ले जाने वाली बसों को रात के समय रवाना किया जाएगा, ताकि सड़क पर चलने वाले अन्य वाहनों को परेशानी न हो।
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चालकों ने रोकी बस
बस को गुरुग्राम भेजने की सूचना मिलने पर देर शाम को सभी चालक डिपो में इक्ठ्ठा हो गए और बसों को गुरुग्राम जाने से रोका गया। चालकों का कहना है कि उनको इस महीने का वेतन नहीं मिला है। उनको वेतन दिया जाए। इसके अलावा उनको तीन महीने का जो कंपनी की ओर से पैसा दिया जाता है वह भी दिया जाए। उसके बाद ही इन बसों को डिपो से बाहर जाने दिया जाएगा।
लोगों से बात
सिटी बसों से रोजाना शहर और आसपास के गांवों में आना-जाना करते हैं। बसें बंद होने से काम पर जाने और जरूरी काम निपटाने में परेशानी हो रही है। - दीपक
कॉलेज और दूसरे शिक्षण संस्थानों में जाने के लिए सिटी बसें काफी सुविधाजनक थीं। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को सफर करने की सुविधा मिलती थी। - सियाराम
सिटी बसें नौकरीपेशा लोगों और छात्रों के लिए आवागमन का सस्ता साधन थीं। इनके बंद होने से समय पर कार्यालय पहुंचना मुश्किल हो जाता है। - रितेश
सिटी बसों से बल्लभगढ़ और फरीदाबाद के ग्रामीण क्षेत्रों का शहर से सीधा संपर्क बना हुआ था। खासकर उन लोगों को सुविधा मिलती थी, जिनके पास निजी वाहन नहीं हैं। - भूवन