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Faridabad: पैर में चोट लगने पर बच्चे को भर्ती कराया, काटना पड़ा पैर, लापरवाही के आरोप में केस दर्ज

Thu, 27 Jun 2024 10:44 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदाबाद Published by: Vikas Kumar Updated Thu, 27 Jun 2024 10:44 PM IST
सार

फरीदाबाद सेक्टर-15ए निवासी सुलोचना भाटिया ने बताया कि 21 अक्तूबर 2023 को उनके बेटे जियांश भाटिया (14) को घर के बाहर साइकिल चलाते समय गिरने से चोट लग गई थी। दर्द और सूजन होने पर महिला जियांश को लेकर नीलम-बाटा रोड स्थित एस्कॉर्ट फोर्टिस अस्पताल पहुंचीं। इमरजेंसी में इलाज के बाद बच्चे को भर्ती कर लिया गया।

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child admitted after suffering a leg injury leg had to be amputated a case was filed for negligence
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

फरीदाबाद सेक्टर-15ए निवासी एक महिला ने अपने बच्चे के पैर में चोट लगने पर उसे एस्कॉर्ट फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज में लापरवाही के बाद उसका पैर काटना पड़ गया। परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। बच्चे की मां की शिकायत पर कोतवाली थाना पुलिस ने एस्कोर्ट अस्पताल के डॉक्टरों पर लापरवाही का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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सेक्टर-15ए निवासी सुलोचना भाटिया ने बताया कि 21 अक्तूबर 2023 को उनके बेटे जियांश भाटिया (14) को घर के बाहर साइकिल चलाते समय गिरने से चोट लग गई थी। दर्द और सूजन होने पर महिला जियांश को लेकर नीलम-बाटा रोड स्थित एस्कॉर्ट फोर्टिस अस्पताल पहुंचीं। इमरजेंसी में इलाज के बाद बच्चे को भर्ती कर लिया गया। अस्पताल में उन्होंने व इमरजेंसी विभाग के कर्मचारियों ने डॉ. केडी सोनी के मोबाइल पर कई बार फोन किया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।

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इसके बाद डॉ. सुरेंद्र रैना अस्पताल पहुंचे और बेटे के पैर को सीधा कर पट्टी कर दी व एमआरआई व अन्य जांच कराने को कहा। आरोप है कि अस्पताल के कर्मचारियों ने एमआरआई नहीं कराया। आरोप है कि बच्चे के कराहने पर इमरजेंसी में तैनात नर्सिंग स्टाफ ने बच्चे को धमकाया। आरोप है कि नर्स ने बच्चे को दर्द बताने पर उसे आईसीयू में मां से दूर भेजने की धमकी दी। 

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आरोप है कि रात भर वह दर्द से कराहता रहा। अगले दिन 22 अक्तूबर को दोपहर में एमआरआई के बाद डॉ. सुरेन्द्र ने बच्चे का ऑपरेशन कर दिया। इसके बावजूद बच्चे को कोई आराम नहीं मिला। सुलोचना ने कहा कि बेटे की हालत बिगड़ती देख, उन्होंने जियांश को दूसरे अस्पताल में भर्ती कराने का फैसला लिया। बिल का भुगतान कर अस्पताल प्रबंधन से सभी कागजात मांगे। आरोप है कि काफी जद्दोजहद के बाद उन्हें जांच रिपोर्ट व अन्य कागजात सौंपे गए। इसके बाद उन्होंने बेटे को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें इलाज में लापरवाही की बात बताते हुए कहा कि बच्चे की जीवन की सुरक्षा के लिए उसका पैर काटना पड़ेगा। इसके बाद उनके बेटे का एक पैर काट दिया गया।

स्वास्थ्य विभाग के बोर्ड की रिपोर्ट में भी सामने आई लापरवाही, मामला दर्ज
सुलोचना ने बताया कि नीलम-बाटा रोड एस्कॉर्ट फोर्टिस अस्पताल के डॉक्टर की तरफ से इलाज में लापरवाही की शिकायत उन्होंने 14 नवंबर-2023 को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से की। स्वास्थ्य विभाग के बोर्ड के सदस्यों ने लापरवाही के मामले की जांच कराई। डॉक्टरों के बोर्ड की रिपोर्ट में भी लापरवाही सामने आई। कोतवाली थाना पुलिस ने अस्पताल डॉ. सुरेन्द्र रैना, डॉ. केडी सोनी, डॉ. अशोक धर व अन्य कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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