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Faridabad News: चन्द्रयान-3 स्वदेशी प्रौद्योगिकी का एक अद्भुत उदाहरण

Tue, 29 Aug 2023 05:43 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 29 Aug 2023 05:43 PM IST
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Chandrayaan-3 a wonderful example of indigenous technology
- जेसी. बोस विश्वविद्यालय में मनाया गया ‘उद्यमिता प्रोत्साहन सम्मेलन’
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। जेसी बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में विश्व उद्यमिता दिवस पर उद्यमी अमर गोपाल ने कहा कि स्वदेशी प्रौद्योगिकी के महत्व पर चन्द्रयान-3 की हर तरफ चर्चा हो रही है। इससे पहले भी भारत अपनी स्वदेशी प्रौद्योगिकी से दुनिया को आश्चर्य चकित कर चुका है, जिसमें स्वदेशी तकनीक से विकसित सुपर कंप्यूटर और इसरो का पीएसएलवी राॅकेट भी शामिल है। जेसी बोस में ‘उद्यमिता प्रोत्साहन सम्मेलन’ में स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय संगठक कश्मीरी लाल मुख्य वक्ता रहे। सम्मेलन में स्वावलंबी भारत अभियान के संरक्षक पंकज हंस और गंगाशंकर मिश्र विशिष्ट अतिथि रहे। सम्मेलन की अध्यक्षता कुलपति प्रो. सुशील कुमार तोमर ने की।

कश्मीरी लाल ने विद्यार्थियों को इनोवेशन अपनाने के लिए प्रेरित किया। टैक सिक्योरिटी के संस्थापक त्रिशनीत अरोड़ा, क्विक हील के चेयरमैन कैलाश काटकर, जोहो कंपनी के संस्थापक श्रीधर वेम्बू, बोस कार्पोरेशन के संस्थापक अमर गोपाल जैसे सफल उद्यमियों के अनेकों उदाहरण देते हुए कहा कि इनोवेशन के लिए डिग्री जरूरी नहीं है, बल्कि आपकी सोच इनोवेटिव होनी चाहिए। अमर गोपाल ने कहा कि देश के लिए स्वदेशी प्रौद्योगिकी के महत्व पर देश में चन्द्रयान-3 की बात हो रही है, जोकि स्वदेशी प्रौद्योगिकी का एक अद्भुत उदाहरण है। इससे पहले भी भारत अपनी स्वदेशी प्रौद्योगिकी से दुनिया को आश्चर्य चकित कर चुका है, जिसमें स्वदेशी तकनीक से विकसित सुपर कम्प्यूटर और इसरो का पीएसएलवी राॅकेट भी शामिल है। जिसने अपनी एक ही उड़ान में 104 उपग्रहों को प्रक्षेपित कर इतिहास रचा था। उद्यमशीलता को अपनाने के साथ-साथ देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए काम करने के लिए प्रेरित किया। स्वावलंबी भारत अभियान के संरक्षक पंकज हंस ने कहा कि स्वदेशी जागरण मंच द्वारा देश के युवाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमशीलता के लिए प्रेरित करने के लिए राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश में 15-29 वर्ष आयु वर्ग के 37 करोड़ युवा यदि उद्यमशीलता तथा स्वदेशी को अपनाएंगे तो देश को 2030 तक 10 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनने से कोई नहीं रोक सकता। गंगाशंकर ने कहा कि जिस तरह चीन ने अपनी जनशक्ति का उपयोग अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए किया, उसी तरह भारत को भी अपनी जनशक्ति को स्वरोजगार एवं उद्यमशीलता के लिए प्रेरित करना होगा। कुलपति प्रो. एसके तोमर ने विश्व उद्यमी दिवस पर छात्रों और उद्यमियों को बधाई दी और राष्ट्रव्यापी स्वावलंबी भारत अभियान के माध्यम से स्वदेश जागरण मंच द्वारा की जा रही पहल की सराहना की। युवाओं को केवल अपने रोजगार तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें दूसरों के लिए रोजगार पैदा करने की दिशा में काम करना चाहिए । प्रो. तोमर ने छात्रों को उद्यमिता के लिए प्रेरित किया और उनसे हरित प्रौद्योगिकी के उभरते क्षेत्रों पर काम करने के लिए प्रेरित किया।
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