Faridabad: सीजीएसटी टीम ने पकड़ा प्रतिबंधित पटाखों का जखीरा, ट्रैक्टर-ट्रॉली से जंगल पहुंची टीम
फरीदाबाद की टीम ने पलवल के बघोला स्थित 21 गोदामों पर छापा मारकर प्रतिबंधित पटाखों का जखीरा बरामद किया है। टीम ने मौके से 50.80 लाख कैश और करोड़ों रुपये के पटाखे बरामद किए हैं।
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सीजीएसटी एंटी इवेजन टीम को सूचना मिली कि पलवल के बघोला की पटाखे बनाने वाली कंपनी आरपी इंटरप्राइजेज बल्लभगढ़ में बिना चालान के पटाखों की खरीद-बिक्री कर रही है। सूचना के आधार पर अपर आयुक्त अपवंचन राजेश कुमार के नेतृत्व में चार टीमें गठित की गई है।
सीजीएसटी एंटी इवेजन टीम को सूचना मिली कि पलवल के बघोला की पटाखे बनाने वाली कंपनी आरपी इंटरप्राइजेज बल्लभगढ़ में बिना चालान के पटाखों की खरीद-बिक्री कर रही है। सूचना के आधार पर अपर आयुक्त अपवंचन राजेश कुमार के नेतृत्व में चार टीमें गठित की गई है। गांव बघोला में ही कंपनी के 21 गोदाम मिले। इन गोदामों को जंगल-झाड़ियों के बीच बनाया गया है। जहां चारों तरफ केवल झाड़ियां और पानी है। गोदाम तक पहुंचने का रास्ता भी काफी दुर्गम है। चारों तरफ दलदल और पानी भरा मिला। गोदाम के आसपास सांप मिले। सीजीएसटी की टीम ट्रैक्टर से गोदाम तक पहुंची और एक साथ कंपनी के सभी गोदामों पर छापा मारा।
गोदाम के अंदर का नाजारा देकर अधिकारी दंग रहे गए। सभी गोदाम पटाखों से भरे मिले। टीम ने सील कर पटाखे जब्त कर लिए। मौके से अधिकारियों ने जीएसटी की बड़े पैमाने पर चोरी करने के शक में कच्ची पर्ची के साथ 50.88 लाख कैश भी जब्त किया है। टीम की कार्रवाई में गोदाम में तैनात कर्मचारी फरार हो गए।
ग्रीन पटाखों को छोड़कर सभी पटाखे बैन
एनजीटी के आदेशों के अनुसार दिवाली पर ग्रीन पटाखों को छोड़कर सभी प्रकार के पटाखे चलाने, बेचने और बनाने पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद कंपनी संचालक द्वारा नियमों की अवहेलना की गई। टीम के पास डीआरआई, डीजीजीआई जैसे आधुनिक उपकरण है, जिसकी मदद से ऐसे मामलों पर नजर रखी जा रही है।
पलवल में बारुद के कई कारखाने
पलवल में बारुद बनाने के कई कारखाने हैं। बारुद को देश के कई राज्यों में भेजा जाता है। नोएडा में ट्विन टावरों को ध्वस्त करने में पलवल से बारुद गया था। ऐसे में वहां पर कई कंपनियां बड़े स्तर पर पटाखे बनाती हैं।
सीजीएसटी की एंटी-इविजन शाखा ने "ग्रीन वॉरियर्स" के रूप में अपने कर्तव्य का निर्वहन किया है। जिसमें पटाखों का एक बड़ा जखीरा और 50.88 लाख की नकदी के साथ कई अहम दस्तावेज शामिल हैं। बड़े पैमाने पर जीएसटी की चोरी रोकने में सहायता मिली है।
- राजेश कुमार, अपर आयुक्त, एंटी इवेजन सीजीएसटी