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Faridabad News: फरीदाबाद और पलवल में गौंछी ड्रेन के 10 किलोमीटर के दायरे में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे
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यमुना को प्रदूषण से बचाने के लिए एक्शन प्लान तैयार, नए एसटीपी होंगे स्थापित
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। यमुना नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए प्रदेश स्तर पर व्यापक एक्शन प्लान तैयार किया गया है। इसके तहत फरीदाबाद और पलवल में गौंछी ड्रेन के 10 किलोमीटर दायरे में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि अवैध रूप से गंदा पानी डालने वालों पर नजर रखी जा सके।
हाल ही में मंडलायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में दोनों जिलों के विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने इस योजना के क्रियान्वयन पर मंथन किया। उद्देश्य है कि यमुना में गिरने वाले प्रदूषित पानी को नियंत्रित कर नदी की स्वच्छता सुनिश्चित की जा सके।
गौरतलब है कि गौंछी ड्रेन का निर्माण मूल रूप से वर्षा जल निकासी के लिए किया गया था, लेकिन समय के साथ इसमें अवैध सीवर कनेक्शन जोड़ दिए गए। साथ ही कई औद्योगिक इकाइयों का केमिकल युक्त पानी भी इसी ड्रेन के माध्यम से यमुना में पहुंच रहा है, जिससे प्रदूषण बढ़ा है।
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इस स्थिति को देखते हुए सिंचाई विभाग और नगर निगम संयुक्त रूप से ड्रेन के आसपास संवेदनशील स्थानों की पहचान कर वहां सीसीटीवी कैमरे लगाएंगे। साथ ही, ऐसे उद्योगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी जो गंदा पानी ड्रेन में छोड़ रहे हैं।
इसके अतिरिक्त, हसनपुर, होडल और हथीन में नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित किए जाएंगे। इनमें 3 एमएलडी, 9 एमएलडी और 4.5 एमएलडी क्षमता के प्लांट होंगे, जिनमें गंदे पानी को शोधित कर यमुना में छोड़ा जाएगा।
फिलहाल फरीदाबाद में मिर्जापुर और बादशाहपुर स्थित एसटीपी के जरिए प्रतिदिन करीब 50 एमएलडी पानी का शोधन किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि नए प्लांट और निगरानी व्यवस्था से यमुना प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।
यमुना एक्शन प्लान के तहत ड्रेन के किनारे सीसीटीवी कैमरे लगाने और एसटीपी स्थापित करने की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। सिंचाई विभाग के साथ समन्वय कर इस प्रस्ताव को जल्द धरातल पर उतारने के प्रयास किए जा रहे हैं।-ओमबीर सिंह, अधीक्षण अभियंता-नगर निगम
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। यमुना नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए प्रदेश स्तर पर व्यापक एक्शन प्लान तैयार किया गया है। इसके तहत फरीदाबाद और पलवल में गौंछी ड्रेन के 10 किलोमीटर दायरे में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि अवैध रूप से गंदा पानी डालने वालों पर नजर रखी जा सके।
हाल ही में मंडलायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में दोनों जिलों के विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने इस योजना के क्रियान्वयन पर मंथन किया। उद्देश्य है कि यमुना में गिरने वाले प्रदूषित पानी को नियंत्रित कर नदी की स्वच्छता सुनिश्चित की जा सके।
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गौरतलब है कि गौंछी ड्रेन का निर्माण मूल रूप से वर्षा जल निकासी के लिए किया गया था, लेकिन समय के साथ इसमें अवैध सीवर कनेक्शन जोड़ दिए गए। साथ ही कई औद्योगिक इकाइयों का केमिकल युक्त पानी भी इसी ड्रेन के माध्यम से यमुना में पहुंच रहा है, जिससे प्रदूषण बढ़ा है।
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इस स्थिति को देखते हुए सिंचाई विभाग और नगर निगम संयुक्त रूप से ड्रेन के आसपास संवेदनशील स्थानों की पहचान कर वहां सीसीटीवी कैमरे लगाएंगे। साथ ही, ऐसे उद्योगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी जो गंदा पानी ड्रेन में छोड़ रहे हैं।
इसके अतिरिक्त, हसनपुर, होडल और हथीन में नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित किए जाएंगे। इनमें 3 एमएलडी, 9 एमएलडी और 4.5 एमएलडी क्षमता के प्लांट होंगे, जिनमें गंदे पानी को शोधित कर यमुना में छोड़ा जाएगा।
फिलहाल फरीदाबाद में मिर्जापुर और बादशाहपुर स्थित एसटीपी के जरिए प्रतिदिन करीब 50 एमएलडी पानी का शोधन किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि नए प्लांट और निगरानी व्यवस्था से यमुना प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।
यमुना एक्शन प्लान के तहत ड्रेन के किनारे सीसीटीवी कैमरे लगाने और एसटीपी स्थापित करने की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। सिंचाई विभाग के साथ समन्वय कर इस प्रस्ताव को जल्द धरातल पर उतारने के प्रयास किए जा रहे हैं।-ओमबीर सिंह, अधीक्षण अभियंता-नगर निगम