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Faridabad News: जेल में हुई रंकित गुर्जर की मौत पर निकाला कैंडल मार्च, न्याय दिलाने की मांग
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सात जून को संदिग्ध परिस्थितियों में जिला जेल मेें हुई थी रंकित की मौत
फरीदाबाद। जिला जेल में बंद नीमका गांव निवासी रंकित गुर्जर की सात जून को संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत पर लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है। बृहस्पतिवार देर शाम सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने मशाल और कैंडल मार्च निकालकर विरोध जताया। मार्च माता गुजरी बाई चौक से शुरू होकर तेज बहादुर चौक तक निकाला गया। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने हाथों में मशाल और मोमबत्तियां लेकर रंकित गुर्जर को श्रद्धांजलि दी व उसके परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
मार्च में नूंह हिंसा के आरोपी राजकुमार पांचाल उर्फ बिट्टू बजरंगी, समाजसेविका संदीप अधाना सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जिला जेल में रंकित गुर्जर की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी स्पष्ट जानकारी अब तक सामने नहीं आई है। उनका आरोप था कि घटना को कई दिन बीत जाने के बावजूद संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। उन्होंने जेल प्रशासन की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई। लोगों ने कहा कि रंकित गुर्जर के परिवार को न्याय मिलना चाहिए और मामले में सामने आने वाले जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते न्याय नहीं मिला तो आगे भी आंदोलन जारी रहेगा। मार्च के दौरान लोगों ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें रखीं और प्रशासन से मामले की सच्चाई सामने लाने की अपील की। संवाद
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फरीदाबाद। जिला जेल में बंद नीमका गांव निवासी रंकित गुर्जर की सात जून को संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत पर लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है। बृहस्पतिवार देर शाम सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने मशाल और कैंडल मार्च निकालकर विरोध जताया। मार्च माता गुजरी बाई चौक से शुरू होकर तेज बहादुर चौक तक निकाला गया। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने हाथों में मशाल और मोमबत्तियां लेकर रंकित गुर्जर को श्रद्धांजलि दी व उसके परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
मार्च में नूंह हिंसा के आरोपी राजकुमार पांचाल उर्फ बिट्टू बजरंगी, समाजसेविका संदीप अधाना सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जिला जेल में रंकित गुर्जर की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी स्पष्ट जानकारी अब तक सामने नहीं आई है। उनका आरोप था कि घटना को कई दिन बीत जाने के बावजूद संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। उन्होंने जेल प्रशासन की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई। लोगों ने कहा कि रंकित गुर्जर के परिवार को न्याय मिलना चाहिए और मामले में सामने आने वाले जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते न्याय नहीं मिला तो आगे भी आंदोलन जारी रहेगा। मार्च के दौरान लोगों ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें रखीं और प्रशासन से मामले की सच्चाई सामने लाने की अपील की। संवाद
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