{"_id":"5f81f2048ebc3e9b874ed803","slug":"can-not-remove-tower-stand-on-mid-road-faridabad-news-noi5416826143","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो विभागों की खींचातानी से 2 साल बाद भी राष्ट्रीय राजमार्ग से नहीं हट सका बिजली का टावर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो विभागों की खींचातानी से 2 साल बाद भी राष्ट्रीय राजमार्ग से नहीं हट सका बिजली का टावर
विज्ञापन
फरीदाबाद। यामाहा कंपनी के मोड़ पर 11 हजार वोल्टेज हाइटेंशन लाइन का टावर तीन साल से लोगों के लिए मुसीबत बन रहा है। टावर को हटाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारी बिजली विभाग अधिकारियों से कई बार कह चुके हैं, मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में दो विभागों के बीच खींचतान होने का खामियाजा हर रोज लोगों को भुगतना पड़ रहा है। सड़क के बीच में लगे होने से सुबह-शाम लंबा जाम लग रहा है।
राष्ट्रीय राजमार्ग-19 को इस समय छह लेन बनाने का काम जारी है। दो साल पहले वाईएमसीए चौक अंडरपास की एक सर्विस रोड का केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने उद्घाटन किया था। इसके बाद सड़क के एक हिस्से को लोगों के लिए शुरू कर दिया गया। बल्लभगढ़ से दिल्ली की ओर से जाने वाली रोड पर यह बिजली का टावर, 11 हजार वोल्टेज की हाइटेंशन लोड के साथ खड़ा है। बिजली अधिकारियों ने एनएचएआई की शिकायत पर 10 दिन में ही टावर को हटाने की बात कही थी, मगर दो साल बीत गए और हुआ कुछ नहीं। इस सर्विस रोड पर सबसे ज्यादा नौकरी-पेशा लोगों की आवाजाही होती है। टावर के कारण जाम लगता है। कई बार जाम खुलवाने के लिए यातायात पुलिस का सहारा लेना पड़ता है। ऐसे में पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है, आए दिन दुर्घटनाएं होती है। इसके बावजूद कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
कोट
वाईएमसीए फ्लाईओवर बनने से पूर्व राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने टावर हटाने की बात कही थी। इसके लिए एनएचएआई ने हमें प्रस्ताव बनाकर भेजा था। इसे हटाने के लिए आना वला खर्च स्वयं उठाने की बात कही थी। इस पर विभाग ने उन्हें मंजूरी दे दी थी। फ्लाईओवर बनने के बाद टावर हटाने पर हाथ पीछे खींच लिए। इससे दुर्घटनाओं की संभावना काफी बढ़ गई है।
विज्ञापन
- एमएल गर्ग, कार्यकारी अभियंता, एचवीपीएनएल
मामला तीन वर्षों से लंबित था। इस संबंध में शिकायतें बिजली निगम को दी गई थी। हाल ही में ट्रांसफर हो गया है। अब इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दे सकते।
- मोहम्मद सैफी, प्रोजेक्ट अधिकारी, एनएचएआई
विज्ञापन
राष्ट्रीय राजमार्ग-19 को इस समय छह लेन बनाने का काम जारी है। दो साल पहले वाईएमसीए चौक अंडरपास की एक सर्विस रोड का केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने उद्घाटन किया था। इसके बाद सड़क के एक हिस्से को लोगों के लिए शुरू कर दिया गया। बल्लभगढ़ से दिल्ली की ओर से जाने वाली रोड पर यह बिजली का टावर, 11 हजार वोल्टेज की हाइटेंशन लोड के साथ खड़ा है। बिजली अधिकारियों ने एनएचएआई की शिकायत पर 10 दिन में ही टावर को हटाने की बात कही थी, मगर दो साल बीत गए और हुआ कुछ नहीं। इस सर्विस रोड पर सबसे ज्यादा नौकरी-पेशा लोगों की आवाजाही होती है। टावर के कारण जाम लगता है। कई बार जाम खुलवाने के लिए यातायात पुलिस का सहारा लेना पड़ता है। ऐसे में पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है, आए दिन दुर्घटनाएं होती है। इसके बावजूद कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
विज्ञापन
कोट
वाईएमसीए फ्लाईओवर बनने से पूर्व राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने टावर हटाने की बात कही थी। इसके लिए एनएचएआई ने हमें प्रस्ताव बनाकर भेजा था। इसे हटाने के लिए आना वला खर्च स्वयं उठाने की बात कही थी। इस पर विभाग ने उन्हें मंजूरी दे दी थी। फ्लाईओवर बनने के बाद टावर हटाने पर हाथ पीछे खींच लिए। इससे दुर्घटनाओं की संभावना काफी बढ़ गई है।
विज्ञापन
- एमएल गर्ग, कार्यकारी अभियंता, एचवीपीएनएल
मामला तीन वर्षों से लंबित था। इस संबंध में शिकायतें बिजली निगम को दी गई थी। हाल ही में ट्रांसफर हो गया है। अब इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दे सकते।
- मोहम्मद सैफी, प्रोजेक्ट अधिकारी, एनएचएआई