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Faridabad News: शहर में बेखौप दौड़ रही हैं पर्दे और काले शीशे वाली बसें

Tue, 01 Sep 2026 12:48 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 01 Sep 2026 12:48 AM IST
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Buses with curtains and tinted windows are running unchecked across the city.
फरीदाबाद सेक्टर 21 पटेल चौक के पास एक निजी कंपनी के कर्मचारियों को छोड़कर जाती काले शीशे व परदे
अमर उजाला ब्यूरो
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फरीदाबाद। दिल्ली में चलती बस में किशोरी से दुष्कर्म की घटना के बाद भी फरीदाबाद में निजी बसों की सुरक्षा व्यवस्था बेपरवाह नजर आ रही है। अमर उजाला की पड़ताल में शहर में कई निजी स्लीपर बसें ऐसी मिलीं, जिनकी खिड़कियों पर पर्दे और काले शीशे लगे थे। इससे बस के अंदर की गतिविधियां बाहर से दिखाई नहीं दे रही थी। दिल्ली की घटना में भी पर्दे लगी स्लीपर बस के अंदर वारदात को अंजाम दिया गया। ऐसे में फरीदाबाद की सड़कों पर दौड़ रही पर्दे और काले शीशे वाली बसें यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।


फरीदाबाद में भी दिखी ऐसी तस्वीर-

अमर उजाला की पड़ताल के दौरान सेक्टर-21 के पटेल चौक के पास से गुजरने वाली कई निजी बसों में खिड़कियों पर पर्दे लगे हुए दिखाई दिए। कुछ बसों के शीशे भी इस तरह काले थे कि बाहर से अंदर का हिस्सा साफ नजर नहीं आ रहा था। इसके अलावा मथुरा रोड, बाटा चौक, बड़खल मोड़, एनआईटी और बल्लभगढ़ बस स्टैंड के आसपास भी काले शीशे वाली कई बसें और अन्य वाहन रोजाना बेखौफ चलते नजर आते हैं। निजी ट्रेवल्स और स्लीपर बसों में लगे पर्दों और काले शीशों के कारण बस के अंदर क्या हो रहा है, यह बाहर से देख पाना मुश्किल हो जाता है। पड़ताल के दौरान कुछ बसों में खिड़कियों पर बाकायदा पर्दे लगे मिले, जबकि कई बसों के शीशे इतने काले थे कि अंदर बैठे यात्रियों की स्थिति तक स्पष्ट नजर नहीं आ रही थी। शहर के प्रमुख चौराहे पर पुलिसकर्मी तैनात होने के बावजूद मुख्य मार्गों पर काले शीशे और पर्दे लगी बसों का बेरोकटोक दौड़ना परिवहन और यातायात विभाग की निगरानी व्यवस्था की पोल खोल रहा है।
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क्या है नियम--


बसों की खिड़कियों पर पर्दे और काले शीशे लगाकर अंदर का दृश्य छिपाना सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ है। सुप्रीम कोर्ट ने 2012 में सभी वाहनों के सुरक्षा शीशों, आगे-पीछे की विंडस्क्रीन और साइड ग्लास पर काली फिल्म या किसी भी अन्य सामग्री, जिसमें पर्दे और जाली भी शामिल हैं, के इस्तेमाल पर देशभर में रोक लगाई थी। यह रोक फिल्म की विजुअल लाइट ट्रांसमिशन क्षमता की परवाह किए बिना लागू है। केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में भी शीशों में निर्धारित दृश्यता बनाए रखने का प्रावधान है। ऐसे में बाहरी खिड़कियों पर पर्दे लगाकर बस के अंदर का हिस्सा पूरी तरह ढकना नियमों के अनुरूप नहीं है।

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ब्लैक फिल्म और पर्दे लगे वाहनों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। ऐसे वाहनों के चालान किए जा रहे हैं और आगे भी अभियान जारी रहेगा। ब्लैक फिल्म या पर्दे लगाना नियमों के खिलाफ है। नियम तोड़ने वाले किसी भी वाहन चालक को बख्शा नहीं जाएगा।- यशपाल, पुलिस प्रवक्ता



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