{"_id":"658481fcf58640a6a6050a27","slug":"budget-increased-by-40-to-50-crores-faridabad-news-c-26-1-gnd1001-18361-2023-12-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: चार बड़ी परियोजनाएं समय पर शुरू न होने से बजट 40 से 50 करोड़ तक बढ़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: चार बड़ी परियोजनाएं समय पर शुरू न होने से बजट 40 से 50 करोड़ तक बढ़ा
विज्ञापन
धनंजय चौहान
फरीदाबाद। सरकार की लेट लतीफी और फंड के अभाव में पांच साल बाद भी जिले की पांच बढ़ी विकास परियोजनाएं सिरे नहीं चढ़ पाई है। एनआईटी स्थित अंतरराष्ट्रीय राजा नाहर सिंह क्रिकेट स्टेडियम और गांव दयालपुर, अरुआ में बन रहे नर्सिंग कॉलेज का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है, ग्रेटर फरीदाबाद में विज्ञान भवन का निर्माण कार्य शुरु नहीं हुआ। परियोजनाओं में देरी के कारण इनके बजट में भी 40 से 50 करोड़ रुपये तक की बढ़ोतरी हो गई है। जिसका खामियाजा लोगों को टैक्स देकर भुगतना होगा।
पांच वर्ष पहले मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने स्मार्ट सिटी के विभिन्न क्षेत्रों में रैली के दौरान करोड़ों रुपये के विकास परियोजनाओं को शुरू करने की घोषणा की थी। इसमें मुजेसर फाटक पर अंडरपास, बल्लभगढ़ रेलवे ओवरब्रिज को दो लेन से चार लेन करना, अंतरराष्ट्रीय राजा नाहर सिंह क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण कार्य, सेक्टर-78 में विज्ञान भवन, दो नर्सिंग कॉलेजों, बड़खल झील, गांव बुखारपुर में खेल स्टेडियम, पैरा खिलाड़ियाें के खिलाड़ी एनआईटी स्थित राजा नाहर सिंह स्टेडियम के पास पैरा एथलीट भवन, ग्रेटर फरीदाबाद को एनआईटी क्षेत्र से जोड़ने के लिए ईस्ट-वेस्ट जोड़ने की परियोजनाएं शामिल हैं। इनमें से अधिकांश योजना अभी धरातल पर भी नहीं उतर पाई हैं।
आठ वर्ष में 100 करोड़ रुपये बढ़ी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम की लागत
बड़खल से भाजपा विधायक सीमा त्रिखा की मांग पर जून 2015 में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बड़खल में आयोजित रैली में स्टेडियम को नए सिरे से बनाने की घोषणा की थी। वर्ष 2018 में करीब 115 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य शुरू हुआ। बाद में यह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया और ठेकेदार ने काम बंद कर दिया। इसके कुछ समय बाद 99 करोड़ रुपये और बढ़ाकर निर्माण की लागत 222 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। लेकिन इसके बावजूद ठेकेदार कंपनी ने स्टेडियम का निर्माण लंबे समय से अधर में लटकाया हुआ है। निगम अधिकारियों और ठेकेदार की लापरवाही से स्टेडियम का निर्माण करीब डेढ़ साल से से बंद पड़ा है। क्रिकेट खिलाड़ियों द्वारा लगातार शिकायत करने पर निगरानी कमेटी के चेयरमैन विधायक नरेंद्र गुप्ता ने विधायक नीरज शर्मा, सीमा त्रिखा, विशनलाल सैनी, घनश्याम सौरोत और अधिकारियों के साथ जुलाई 2022 में स्टेडियम का दौरा किया था। कमेटी ने सरकार को अपनी रिपोर्ट भेज दी थी। लेकिन इसके बावजूद दोबारा इस स्टेडियम का निर्माण कार्य शुरू करवाने की जरूरत महसूस नहीं की गई। हाल ही में स्टेडियम निर्माण का जिम्मा फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण को सौंपा गया है।
विज्ञापन
ग्रेटर फरीदाबाद में विज्ञान भवन की लागत 48 करोड़ बढ़ी
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार फंड मिलने में देरी होने के कारण कई विकास कार्यों पर होने वाला खर्च दो गुना हो गया है। विज्ञान भवन का पांच वर्ष पहले 380 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाया गया था। समय पर काम शुरु नहीं होने के कारण अब इसकी लागत करीब 48 करोड़ रुपये बढ़ गई है। अब इस परियोजना पर 428 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नव वर्ष इसका निर्माण कार्य शुरु किया जाएगा।
आठ वर्ष भी दो नर्सिंग कॉलेज का निर्माण अधूरा
18 मई 2015 को पूर्व पृथला विधायक टेकचंद शर्मा ने मुख्यमंत्री की रैली कराई थी। इसमें मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने क्षेत्र में दो नर्सिंग कॉलेज खोलने की घोषणा की थी। गांव दयालपुर और अरुआ में बनने वाले एक-एक नर्सिंग कॉलेज पर 40-40 करोड़ रुपये का बजट रखा गया था। लेकिन फंड के अभाव में बीच-बीच में काम बंद रहा। साथ ही कॉलेजों में कई नई चीजों को बाद में जोड़ा गया। फिलहाल करीब डेढ़ साल से दोनों कॉलेजों का निर्माण कार्य बंद पड़ा है। इससे दोनों नर्सिंग कॉलेज प्रोजेक्ट लागत करीब 35 करोड़ रुपये बढ़ गई है। प्राधिकरण के अधिकारियों ने सरकार से अतिरिक्त फंड की मांग की है। डेढ़ साल से वह भी नहीं मिल सका।
पैरा एथलीट भवन का नए सिरे से निर्माण की योजना
एनआईटी में राजा नाहर सिंह क्रिकेट स्टेडियम के साथ डेढ़ साल पहले 4.15 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हुआ देश का पहला पैरा एथलीट भवन अधिकारियों की लापरवाही के कारण शुरु नहीं हो सका है। इसके शीशे लोगों ने तोड़ दिए है। अब इसे अपग्रेड करने करने की योजना तैयार की गई है। पैरा एथलीट भवन का मुख्यमंत्री घोषणाओं के तहत नए सिरे से बनाया जाएगा। इससे इसके निर्माण कार्य में बढ़ोतरी होनी की संभावना है।
नए साल पर होगा निर्माण कार्य शुरु
सेक्टर-78 में बनने वाला विज्ञान भवन के निविदा जारी कर दी गई है। नए साल में इसका निर्माण शुरु कर दिया जाएगा। गांव अरुआ और दयालपुर में निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज का बजट मिलते ही रुके काम को दोबारा चालू करवा दिया जाएगा।
- संदीप दहिया, अधीक्षण अभियंता, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण
विज्ञापन
फरीदाबाद। सरकार की लेट लतीफी और फंड के अभाव में पांच साल बाद भी जिले की पांच बढ़ी विकास परियोजनाएं सिरे नहीं चढ़ पाई है। एनआईटी स्थित अंतरराष्ट्रीय राजा नाहर सिंह क्रिकेट स्टेडियम और गांव दयालपुर, अरुआ में बन रहे नर्सिंग कॉलेज का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है, ग्रेटर फरीदाबाद में विज्ञान भवन का निर्माण कार्य शुरु नहीं हुआ। परियोजनाओं में देरी के कारण इनके बजट में भी 40 से 50 करोड़ रुपये तक की बढ़ोतरी हो गई है। जिसका खामियाजा लोगों को टैक्स देकर भुगतना होगा।
पांच वर्ष पहले मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने स्मार्ट सिटी के विभिन्न क्षेत्रों में रैली के दौरान करोड़ों रुपये के विकास परियोजनाओं को शुरू करने की घोषणा की थी। इसमें मुजेसर फाटक पर अंडरपास, बल्लभगढ़ रेलवे ओवरब्रिज को दो लेन से चार लेन करना, अंतरराष्ट्रीय राजा नाहर सिंह क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण कार्य, सेक्टर-78 में विज्ञान भवन, दो नर्सिंग कॉलेजों, बड़खल झील, गांव बुखारपुर में खेल स्टेडियम, पैरा खिलाड़ियाें के खिलाड़ी एनआईटी स्थित राजा नाहर सिंह स्टेडियम के पास पैरा एथलीट भवन, ग्रेटर फरीदाबाद को एनआईटी क्षेत्र से जोड़ने के लिए ईस्ट-वेस्ट जोड़ने की परियोजनाएं शामिल हैं। इनमें से अधिकांश योजना अभी धरातल पर भी नहीं उतर पाई हैं।
विज्ञापन
आठ वर्ष में 100 करोड़ रुपये बढ़ी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम की लागत
बड़खल से भाजपा विधायक सीमा त्रिखा की मांग पर जून 2015 में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बड़खल में आयोजित रैली में स्टेडियम को नए सिरे से बनाने की घोषणा की थी। वर्ष 2018 में करीब 115 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य शुरू हुआ। बाद में यह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया और ठेकेदार ने काम बंद कर दिया। इसके कुछ समय बाद 99 करोड़ रुपये और बढ़ाकर निर्माण की लागत 222 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। लेकिन इसके बावजूद ठेकेदार कंपनी ने स्टेडियम का निर्माण लंबे समय से अधर में लटकाया हुआ है। निगम अधिकारियों और ठेकेदार की लापरवाही से स्टेडियम का निर्माण करीब डेढ़ साल से से बंद पड़ा है। क्रिकेट खिलाड़ियों द्वारा लगातार शिकायत करने पर निगरानी कमेटी के चेयरमैन विधायक नरेंद्र गुप्ता ने विधायक नीरज शर्मा, सीमा त्रिखा, विशनलाल सैनी, घनश्याम सौरोत और अधिकारियों के साथ जुलाई 2022 में स्टेडियम का दौरा किया था। कमेटी ने सरकार को अपनी रिपोर्ट भेज दी थी। लेकिन इसके बावजूद दोबारा इस स्टेडियम का निर्माण कार्य शुरू करवाने की जरूरत महसूस नहीं की गई। हाल ही में स्टेडियम निर्माण का जिम्मा फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण को सौंपा गया है।
विज्ञापन
ग्रेटर फरीदाबाद में विज्ञान भवन की लागत 48 करोड़ बढ़ी
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार फंड मिलने में देरी होने के कारण कई विकास कार्यों पर होने वाला खर्च दो गुना हो गया है। विज्ञान भवन का पांच वर्ष पहले 380 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाया गया था। समय पर काम शुरु नहीं होने के कारण अब इसकी लागत करीब 48 करोड़ रुपये बढ़ गई है। अब इस परियोजना पर 428 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नव वर्ष इसका निर्माण कार्य शुरु किया जाएगा।
आठ वर्ष भी दो नर्सिंग कॉलेज का निर्माण अधूरा
18 मई 2015 को पूर्व पृथला विधायक टेकचंद शर्मा ने मुख्यमंत्री की रैली कराई थी। इसमें मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने क्षेत्र में दो नर्सिंग कॉलेज खोलने की घोषणा की थी। गांव दयालपुर और अरुआ में बनने वाले एक-एक नर्सिंग कॉलेज पर 40-40 करोड़ रुपये का बजट रखा गया था। लेकिन फंड के अभाव में बीच-बीच में काम बंद रहा। साथ ही कॉलेजों में कई नई चीजों को बाद में जोड़ा गया। फिलहाल करीब डेढ़ साल से दोनों कॉलेजों का निर्माण कार्य बंद पड़ा है। इससे दोनों नर्सिंग कॉलेज प्रोजेक्ट लागत करीब 35 करोड़ रुपये बढ़ गई है। प्राधिकरण के अधिकारियों ने सरकार से अतिरिक्त फंड की मांग की है। डेढ़ साल से वह भी नहीं मिल सका।
पैरा एथलीट भवन का नए सिरे से निर्माण की योजना
एनआईटी में राजा नाहर सिंह क्रिकेट स्टेडियम के साथ डेढ़ साल पहले 4.15 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हुआ देश का पहला पैरा एथलीट भवन अधिकारियों की लापरवाही के कारण शुरु नहीं हो सका है। इसके शीशे लोगों ने तोड़ दिए है। अब इसे अपग्रेड करने करने की योजना तैयार की गई है। पैरा एथलीट भवन का मुख्यमंत्री घोषणाओं के तहत नए सिरे से बनाया जाएगा। इससे इसके निर्माण कार्य में बढ़ोतरी होनी की संभावना है।
नए साल पर होगा निर्माण कार्य शुरु
सेक्टर-78 में बनने वाला विज्ञान भवन के निविदा जारी कर दी गई है। नए साल में इसका निर्माण शुरु कर दिया जाएगा। गांव अरुआ और दयालपुर में निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज का बजट मिलते ही रुके काम को दोबारा चालू करवा दिया जाएगा।
- संदीप दहिया, अधीक्षण अभियंता, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण