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जीजा की पुलिस पिटाई से आहत साली ने फंदा लगाकर जान दी

Sat, 26 Dec 2020 10:41 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 26 Dec 2020 10:41 PM IST
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Brother-in-law hurt by police's brother-in-law's death
आशा का फाइल फोटो - फोटो : Faridabad
फरीदाबाद। गुरुग्राम के राजेंद्रा पार्क में साइबर ठगी के आरोपी को काबू करने गई फरीदाबाद साइबर थाना पुलिस आरोपी के ना मिलने पर उसके परिजनों को उठाकर ले आई। आरोप है कि थाने में आरोपी के जीजा को कपड़े उतारकर पीटा गया। जीजा की पिटाई से दहशत में आई आरोपी की बहन ने फंदा लगाकर जान दे दी। मृतका 22 वर्षीय आशा की भाभी नयनतारा ने वीडियो में फरीदाबाद साइबर थाना पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
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आरोपी शंकर की पत्नी नयनतारा ने शनिवार को साइबर थाना पुलिस टीम पर आरोप लगाते हुए कहा है कि बृहस्पतिवार रात को कुछ पुलिसकर्मी शंकर की तलाश में घर पर आए और परिजनों को पीटा। एक पुलिसकर्मी ने शंकर की बहन आशा को भी पीटा। कुछ पुलिस कर्मी नयनतारा को गाड़ी में बिठाकर ले गए। करीब दो घंटे तक पुलिसकर्मी उसे गाड़ी में पिटते रहे। इसके बाद उसे घर ले आए। रात भर कुछ पुलिसकर्मी उनके घर में ही रुके। इस बीच आशा ने अपने जीजा संदीप को फोन पर मामले की जानकारी दी। शुक्रवार सुबह करीब साढ़े छह बजे जैसे ही संदीप उनके घर आया तो पहले से मौजूद पुलिस टीम ने उसका मोबाइल ले लिया और नयनतारा व संदीप को फरीदाबाद सेक्टर 19 स्थित साइबर थाने ले आए। आरोप है कि यहां संदीप को निर्वस्त्र करके मारा गया और नयनतारा को भी पीटा गया। संदीप का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें छोड़ने की एवज में दस लाख रुपये मांगे। रात करीब दस बजे संदीप के परिजन फरीदाबाद आए और दोनों को उनके साथ भेज दिया। घर आकर आशा ने संदीप व नयनतारा की हालत देखी तो वह काफी दहशत में आ गई। शनिवार सुबह आशा का शव फंदे पर झूलता मिला। संदीप ने गुरुग्राम के थाना राजेंद्रा पार्क में मामले की शिकायत दी है।
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यह था मामला
साइबर थाना पुलिस ने एसजीएम नगर निवासी सत्येंद्र की शिकायत पर साइबर ठगी का मामला दर्ज किया था। सत्येंद्र का सिम हैक करके क्रेडिट कार्ड से करीब दो लाख रुपये के सोने के आभूषण और आइफोन-10 खरीद लिया। पुलिस की जांच में गुरुग्राम निवासी राहुल को काबू किया था। राहुल की निशानदेही पर उसके एक अन्य साथी शंकर को पकड़ने के लिए बृहस्पतिवार को पुलिस टीम गुरुग्राम गई। यहां शंकर ने पुलिस टीम पर हमला किया और राहुल व शंकर भाग निकले। सब इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार ने इस बारे में थाना बादशाहपुर में मामला भी दर्ज कराया है।
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पूछताछ के नाम पर बेल्ट और लात-घूंसों से पीटा
फरीदाबाद। छह पुलिसकर्मियों के बीच से साइबर ठगी के आरोपी को साथी द्वारा छुड़ा ले जाने से फरीदाबाद पुलिस का गुस्सा सातवें आसमान पर था। यही कारण है कि पुलिस ने अपना गुस्सा आरोपी के परिवार पर निकाला। आरोपी शंकर का पता लगाने के लिए पुलिस ने मानवता की सभी हदें पार कर दी। परिवार का आरोप है कि शंकर के बारे में पूछताछ करने के नाम पर उसकी भाभी, बहन और जीजा को बेल्ट, लात-घूंसों और डंडों से पीटा। शंकर की पत्नी नयनतारा ने बताया कि बृहस्पतिवार को जब पुलिस उनके घर आई तो उसने ही दरवाजा खोला था। दरवाजा खोलते ही महिला पुलिसकर्मी ने बिना कुछ बात किए उसे पीटना शुरू कर दिया। शोर सुनकर उनकी ननद आशा उर्फ आयशा आ गई और उसे भी पुलिस ने बुरी तरह से पीटा। आरोप है कि उपनिरीक्षक राजेश ने आशा को लातों से मारा था। इस तरह घर में घुसकर पुलिस द्वारा बिना बात किए पीटे जाने से दोनों ही काफी आहत और डरे हुए थे।
दो पुलिसकर्मी रात भर घर में सोए
नयनतारा ने बताया कि बृहस्पतिवार रात से ही पुलिस ने उनके घर पर कब्जा कर लिया। एक महिला व एक पुरुष पुलिसकर्मी रात भर उनके घर पर डेरा जमाए रहे। उनके मोबाइल को भी अपने कब्जे में ले लिया। घर में लकवाग्रस्त पड़े उनके ससुर व 11 साल के बच्चे के सामने उन दोनों को बुरी तरह से पीटा गया। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। आशा को घर छोड़कर चेतावनी दी गई कि वह शंकर से संपर्क करे और उसे अपने साथी राहुल के साथ हर हाल में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने के लिए दबाव बनाए। ऐसा न करने पर उसे भी थाने ले जाकर टॉर्चर करने की धमकी दी थी।
जीजा की हालत देखकर निकल गए थे आंसू
पुलिस से घर पर ही मार खा चुकी आशा के उस वक्त आंसू निकल गए थे जब शुक्रवार शाम को उसकी भाभी और जीजा पुलिस हिरासत से वापस घर लौटे। उनके शरीर पर बने डंडों, बेल्ट के निशान देखकर वह अपने आप को रोने से नहीं रोक पाई। उसके मन में डर बैठ गया था। भाभी नयनतारा ने जब उसे बताया कि जीजा संदीप को पुलिस ने निर्वस्त्र कर बुरी तरह से पीटा तो वह और सहम गई।
काफी देर तक शव नहीं उठाने दिया
मौके पर पहुंची गुरुग्राम पुलिस ने आशा का शव कब्जे में लेने का प्रयास किया, लेकिन परिजनों ने फरीदाबाद पुलिस की अपराध शाखा पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की। परिजनों ने तब तक शव का पोस्टमार्टम न कराने का निर्णय लिया है जब तक आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार नहीं कर लिया जाता। काफी देर बाद पुलिस शव को कब्जे में ले सकी।
टीम साइबर अपराधियो को पकड़ने गुरुग्राम गई थी। वहां अपराधियों ने पुलिस टीम पर हमला किया और आरोपी को छुड़ाकर ले गए। आरोपी शंकर व उसकी पत्नी नयनतारा की कई बार व्हाट्सअप कॉल हुई थी। इसलिए उनके परिवार के मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। आरोपी के परिजनों के साथ कोई मारपीट नहीं की गई है। साइबर टीम पर लगाए गए आरोप निराधार हैं।
- बसंत कुमार, साइबर थाना प्रभारी
घटना गुरुग्राम में हुई है। वहां की पुलिस अपने स्तर पर मामले की जांच कर रही है। फरीदाबाद टीम की भूमिका की जांच भी वहीं की पुलिस करेगी।--ओपी सिंह, पुलिस आयुक्त, फरीदाबाद

इस संबंध में परिजनों ने शिकायत दी है। थाना प्रभारी को मौके पर जांच के लिए भेजा गया है। मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। रविवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
- राजीव यादव, सहायक पुलिस आयुक्त (उद्योग), गुरुग्राम
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