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बिजेंद्र का नशीला साम्राज्य चलाने को आतुर हैं भाई और साला
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फरीदाबाद पुलिस द्वारा बरामद किया गया नोटों से भरा बैग और साथ में आरोपी।
- फोटो : Faridabad
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फरीदाबाद (कैलाश गठवाल)। शहर में नशे का सबसे बड़ा तस्कर कहे जाने वाले बिजेंद्र उर्फ लाला की एक बीमारी के चलते मौत हो गई। लाला की मौत के बाद अब उसकी संपत्ति और नशे के कारोबार को संभालने के लिए उसके बसाए दो परिवार आमने सामने हैं। लाला ने दो शादियां कर रखी थी। उसकी मौत के बाद अब उसकी संपत्ति पर दोनों परिवार अपना हक जताते रहे हैं।
रविवार रात क्राइम ब्रांच द्वारा की गई छापेमारी भी इसी का हिस्सा मानी जा रही है। सूत्रों का दावा है कि एक पक्ष ने दूसरे की भनक पुलिस को दे दी। बीस अक्तूबर को लाला की दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गई। मौत के स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आए हैं। परिवार के लोग मौत का कारण बीमारी बता रहे हैं। लाला की मौत के बाद उसकी दोनों पत्नियां, भाई व साला उसकी सम्पति को अपना बनाना चाहते हैं। सूत्रों के मुताबिक लाला के पास करीब साढ़े पांच करोड़ की नकदी थी। लाला की मौत के बाद नकदी दोनों पत्नियों के बीच बंट तो गई, लेकिन बंटवारे पर विवाद बना। लाला की एक पत्नी का भाई गणेश जेल में है। दूसरी का भाई अमित बाहर था, जिसे बदरपुर बॉर्डर क्राइम ब्रांच ने रुपयों के साथ हिरासत में लिया है। लाला के नशे के कारोबार पर गणेश व लाला का भाई डेविड मिलकर कब्जा करके बैठे हैं। लाला की एक पत्नी सेक्टर 15 में रहती है, दूसरी सेक्टर 23 में। लाला का नशीला कारोबार सेक्टर 23 मच्छी मार्केट में ज्यादा था, इसलिए सेक्टर-23 निवासी अमित भी इसमें हाथ आजमा रहा है।
नशे की सूचना में असल मकसद रुपये पकड़वाना था
रविवार देर रात क्राइम ब्रांच बदरपुर बॉर्डर ने लाला की दूसरी पत्नी के भाई अमित के घर छापा मारकर एक करोड़ 13 लाख रुपये जब्त कर लिए। पुलिस को सूचना देने वाले का मकसद अमित के पास रखी नकदी पकड़वाना ही था। हालांकि पुलिस को सूचना नशीले पदार्थ के बारे में दी गई थी। अमित के पास इतनी बड़ी रकम होने के बारे में केवल कुछ लोगों को ही पता था। सूचना देने वाला यह जानता था कि पुलिस के अलावा कोई भी अमित के घर में छापा नहीं मार सकता। मौके पर पुलिस को स्मैक या अन्य कोई नशीला पदार्थ नहीं मिला। नकदी मिलने पर पुलिस ने आयकर विभाग के अधिकारियों को बुलाया और नकदी जब्त कर ली। आयकर विभाग ने अमित से इन रुपयों का हिसाब-किताब मांगा है। क्राइम ब्रांच लाला की संपत्ति की जांच के लिए आयकर और ईडी को पत्र लिख चुकी है।
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सेक्टर-22 मछली मार्केट लाला उर्फ बिजेंद्र नशे का काला कारोबार करने के लिए बदनाम था। एक समय था जब वह जिले में सबसे बड़े गांजा सप्लायर बन गया था। सेक्टर-22 की मछली मार्केट की झुग्गियों से उसका अड्डा चलता था। अक्तूबर 2018 को स्पेशल सेल सेक्टर-85 ने उसके अड्डे पर छापेमारी कर करीब 19 लाख रुपये और बड़ी मात्रा में गांजे की खेप बरामद की थी। पुलिस ने मौके से लाला के पिता जॉनी को गिरफ्तार किया। लाला फरार हो गया था। बाद में पुलिस ने उसे भी पकड लिया। कुछ महीने बाद लाला को हाईकोर्ट से जमानत मिली। पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक लाला शुरू में कबाड़े का काम करता था। करीब 12 साल पहले उसने छोटे स्तर पर गांजा बेचना शुरू किया था। शुरू में पुलिस ने उस पर अंकुश नहीं लगाया। उसका हौसला बढ़ा तो वह बाहर से गांजा लाकर बेचने लगा। उसके कारण सेक्टर-22 की मछली मार्केट गांजे के लिए बदनाम हो गई। कभी कबाड़ी का काम करने वाला लाला करोड़पति बन गया था। शहर में उसके कई प्लॉट व कोठियां बताई जा रही हैं।
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रविवार रात क्राइम ब्रांच द्वारा की गई छापेमारी भी इसी का हिस्सा मानी जा रही है। सूत्रों का दावा है कि एक पक्ष ने दूसरे की भनक पुलिस को दे दी। बीस अक्तूबर को लाला की दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गई। मौत के स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आए हैं। परिवार के लोग मौत का कारण बीमारी बता रहे हैं। लाला की मौत के बाद उसकी दोनों पत्नियां, भाई व साला उसकी सम्पति को अपना बनाना चाहते हैं। सूत्रों के मुताबिक लाला के पास करीब साढ़े पांच करोड़ की नकदी थी। लाला की मौत के बाद नकदी दोनों पत्नियों के बीच बंट तो गई, लेकिन बंटवारे पर विवाद बना। लाला की एक पत्नी का भाई गणेश जेल में है। दूसरी का भाई अमित बाहर था, जिसे बदरपुर बॉर्डर क्राइम ब्रांच ने रुपयों के साथ हिरासत में लिया है। लाला के नशे के कारोबार पर गणेश व लाला का भाई डेविड मिलकर कब्जा करके बैठे हैं। लाला की एक पत्नी सेक्टर 15 में रहती है, दूसरी सेक्टर 23 में। लाला का नशीला कारोबार सेक्टर 23 मच्छी मार्केट में ज्यादा था, इसलिए सेक्टर-23 निवासी अमित भी इसमें हाथ आजमा रहा है।
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नशे की सूचना में असल मकसद रुपये पकड़वाना था
रविवार देर रात क्राइम ब्रांच बदरपुर बॉर्डर ने लाला की दूसरी पत्नी के भाई अमित के घर छापा मारकर एक करोड़ 13 लाख रुपये जब्त कर लिए। पुलिस को सूचना देने वाले का मकसद अमित के पास रखी नकदी पकड़वाना ही था। हालांकि पुलिस को सूचना नशीले पदार्थ के बारे में दी गई थी। अमित के पास इतनी बड़ी रकम होने के बारे में केवल कुछ लोगों को ही पता था। सूचना देने वाला यह जानता था कि पुलिस के अलावा कोई भी अमित के घर में छापा नहीं मार सकता। मौके पर पुलिस को स्मैक या अन्य कोई नशीला पदार्थ नहीं मिला। नकदी मिलने पर पुलिस ने आयकर विभाग के अधिकारियों को बुलाया और नकदी जब्त कर ली। आयकर विभाग ने अमित से इन रुपयों का हिसाब-किताब मांगा है। क्राइम ब्रांच लाला की संपत्ति की जांच के लिए आयकर और ईडी को पत्र लिख चुकी है।
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सेक्टर-22 मछली मार्केट लाला उर्फ बिजेंद्र नशे का काला कारोबार करने के लिए बदनाम था। एक समय था जब वह जिले में सबसे बड़े गांजा सप्लायर बन गया था। सेक्टर-22 की मछली मार्केट की झुग्गियों से उसका अड्डा चलता था। अक्तूबर 2018 को स्पेशल सेल सेक्टर-85 ने उसके अड्डे पर छापेमारी कर करीब 19 लाख रुपये और बड़ी मात्रा में गांजे की खेप बरामद की थी। पुलिस ने मौके से लाला के पिता जॉनी को गिरफ्तार किया। लाला फरार हो गया था। बाद में पुलिस ने उसे भी पकड लिया। कुछ महीने बाद लाला को हाईकोर्ट से जमानत मिली। पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक लाला शुरू में कबाड़े का काम करता था। करीब 12 साल पहले उसने छोटे स्तर पर गांजा बेचना शुरू किया था। शुरू में पुलिस ने उस पर अंकुश नहीं लगाया। उसका हौसला बढ़ा तो वह बाहर से गांजा लाकर बेचने लगा। उसके कारण सेक्टर-22 की मछली मार्केट गांजे के लिए बदनाम हो गई। कभी कबाड़ी का काम करने वाला लाला करोड़पति बन गया था। शहर में उसके कई प्लॉट व कोठियां बताई जा रही हैं।