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Faridabad News: फैक्टरी में मशीन से कुचले दोनों हाथ, 11 महीने बाद प्राथमिकी
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सेक्टर-24 स्थित फैक्टरी में हादसे के बाद इलाज और मुआवजा नहीं देने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। 11 माह पहले सेक्टर-24 स्थित फैक्टरी में मशीन पर काम करते समय दोनों हाथ गंभीर रूप से कुचलने के मामले में मुजेसर थाना पुलिस ने फैक्टरी संचालक और ठेकेदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। बल्लभगढ़ निवासी साहिल ने आरोप लगाया कि फैक्टरी में खराब मशीन और सुरक्षा इंतजाम नहीं होने के कारण छह नवंबर 2025 को हादसा हुआ था।
शिकायत के बावजूद पुलिस कार्रवाई नहीं होने पर उसने अदालत का रुख किया। अदालत के आदेश पर 16 अक्तूबर को प्राथमिकी दर्ज की गई। साहिल के मुताबिक, वह एक नवंबर 2025 से ठेकेदार हरि मोहन के माध्यम से फैक्टरी में मजदूरी कर रहा था। उसे 19,500 रुपये मासिक वेतन मिलता था। आरोप है कि छह नवंबर को ड्यूटी के दौरान वह प्रेशर मशीन की चपेट में आ गया। मशीन में दोनों हाथ फंसने से उसकी उंगलियां बुरी तरह कुचल गईं और जल गईं। उसे ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि हादसे के बाद फैक्टरी प्रबंधन और ठेकेदार ने उसके इलाज का खर्च नहीं उठाया और न ही मुआवजा दिया। उसने यह भी आरोप लगाया कि घटना की शिकायत करने पर पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय समझौते का दबाव बनाया। साहिल के पिता ने जनवरी 2026 में सीएम विंडो पर शिकायत दी थी। जून में रिमाइंडर देने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर उसने अदालत में इस्तगासा दायर किया। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि मुजेसर थाना ने अदालत के आदेश पर 16 अक्तूबर प्राथमिकी दर्ज की है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। 11 माह पहले सेक्टर-24 स्थित फैक्टरी में मशीन पर काम करते समय दोनों हाथ गंभीर रूप से कुचलने के मामले में मुजेसर थाना पुलिस ने फैक्टरी संचालक और ठेकेदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। बल्लभगढ़ निवासी साहिल ने आरोप लगाया कि फैक्टरी में खराब मशीन और सुरक्षा इंतजाम नहीं होने के कारण छह नवंबर 2025 को हादसा हुआ था।
शिकायत के बावजूद पुलिस कार्रवाई नहीं होने पर उसने अदालत का रुख किया। अदालत के आदेश पर 16 अक्तूबर को प्राथमिकी दर्ज की गई। साहिल के मुताबिक, वह एक नवंबर 2025 से ठेकेदार हरि मोहन के माध्यम से फैक्टरी में मजदूरी कर रहा था। उसे 19,500 रुपये मासिक वेतन मिलता था। आरोप है कि छह नवंबर को ड्यूटी के दौरान वह प्रेशर मशीन की चपेट में आ गया। मशीन में दोनों हाथ फंसने से उसकी उंगलियां बुरी तरह कुचल गईं और जल गईं। उसे ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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शिकायतकर्ता का आरोप है कि हादसे के बाद फैक्टरी प्रबंधन और ठेकेदार ने उसके इलाज का खर्च नहीं उठाया और न ही मुआवजा दिया। उसने यह भी आरोप लगाया कि घटना की शिकायत करने पर पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय समझौते का दबाव बनाया। साहिल के पिता ने जनवरी 2026 में सीएम विंडो पर शिकायत दी थी। जून में रिमाइंडर देने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर उसने अदालत में इस्तगासा दायर किया। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि मुजेसर थाना ने अदालत के आदेश पर 16 अक्तूबर प्राथमिकी दर्ज की है।
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