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Faridabad News: जाति और क्षेत्रीय समीकरण पर भाजपा ने जिताऊ प्रत्याशियों पर लगाया दांव
Wed, 04 Sep 2024 11:10 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
Updated Wed, 04 Sep 2024 11:10 PM IST
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- भाजपा ने मूलचंद शर्मा, राजेश नागर, विपुल गोयल और टेकचंद शर्मा को बनाया उम्मीदवार
- दो स्थानों से पूर्व विधायक को दिया मौका, ओल्ड फरीदाबाद क्षेत्र से काटा विधायक नरेंद्र गुप्ता का टिकट
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। हरियाणा विधानसभा चुनावों में भाजपा ने बुधवार रात एक ओर जहां प्रदेशभर में 67 प्रत्याशियों की लिस्ट जारी की है। वहीं फरीदाबाद जिले से पार्टी ने जिन 4 प्रत्याशियों की घोषणा की है, उनमें भाजपा ने जिताऊ प्रत्याशियों पर ही दांव खेला है। खास बात यह है कि दो स्थानों से पूर्व विधायकों मूलचंद शर्मा बल्लभगढ़ और तिगांव से राजेश नागर को पार्टी ने मौका तो दिया है।
बल्लभगढ़ में जहां मौजूदा कैबिनेट मंत्री मूलचंद शर्मा बेहद मजबूत प्रत्याशी माने जा रहे हैं। पार्टी और सरकार में अच्छी पकड़ बनाने वाले मूलचंद ने क्षेत्र के विकास के लिए बड़ी राशि मंजूर कर कई कार्य कराए हैं। दूसरी तरफ, तिगांव में बड़ी संख्या में गुर्जर मत होने के चलते मौजूदा विधायक राजेश नागर पर ही दांव खेला है। हालांकि, आलाकमान ने ओल्ड फरीदाबाद क्षेत्र से वर्तमान विधायक नरेंद्र गुप्ता का टिकट काट दिया है। यहां पर पूर्व विधायक विपुल गोयल को टिकट दिया है। इस सीट पर बड़ी संख्या में वैश्य समाज के लोग हैं। विपुल गोयल इस क्षेत्र में और पार्टी में भी बड़ा कद रखते हैं।
इसके अलावा पार्टी ने पृथला विधानसभा में भाजपा को सपोर्ट करने वाले मौजूदा निर्दलीय विधायक नयनपाल रावत को भी मौका नहीं दिया है। यहां से पार्टी ने 2014 में बसपा से पूर्व विधायक रहे टेकचंद शर्मा को टिकट दिया है। वह 2014 में विधायक बनने के बाद भाजपा सरकार को समर्थन कर रहे थे। इस सीट पर ब्राह्मण वर्ग के मत अधिक होने के चलते है।
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पृथला विधानसभा: टेकचंद शर्मा
बसपा से 2014 में पूर्व विधायक रहे हैं। क्षेत्र में बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाज के मतदाता होने के चलते इन्हें टिकट दी गई है। 2019 में टिकट न देने के बाद भी उन्होंने भाजपा का दामन नहीं छोड़ा, इसके चलते पार्टी ने भाजपा को बाहर से समर्थन देने वाले निर्दलीय विधायक नयनपाल रावत की अपेक्षा टेकचंद शर्मा को जिताऊ प्रत्याशी समझकर टिकट सौंपा है। टेकचंद शर्मा का राजनीतिक सफर वर्ष 2007 से शुरू हुआ था। 2014 में वह भाजपा प्रत्याशी नयनपाल रावत को करीब दो हजार मतों से हराकर चुनाव जीते थे। इसके बाद भाजपा की सरकार आने पर उन्होंने भाजपा सरकार को बाहर से समर्थन किया।
फरीदाबाद ओल्ड: विपुल गोयल
भारतीय जनता पार्टी के लिए 2014 में हरियाणा विधान सभा चुनाव जीता। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के आनंद कौशिक को हराया। वह नवचेतना ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं। उन्हें 22 जुलाई 2016 को सीएम मनोहर लाल खट्टर की हरियाणा सरकार के फेरबदल और विस्तार के दौरान कैबिनेट मंत्री के रूप में शामिल किया गया था। उन्हें उद्योग और वाणिज्य मंत्रालय, पर्यावरण मंत्रालय और औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्रालय सौंपा गया था। वह समय-समय पर बड़े स्तर पर सामाजिक आयोजनों को कराते हैं। ओल्ड फरीदाबाद विधानसभा में सबसे अधिक वैश्य मतदाताओं का प्रभाव है। लोकसभा सीट न मिल पाने के कारण इन्हें इस बार विधानसभा सीट से नवाजा गया।
बल्लभगढ़: मूलचंद शर्मा
मूलचंद शर्मा इनेलो से भारतीय जनता पार्टी में आए थे। वह इनेलो के विधानसभा क्षेत्र के अध्यक्ष, महासचिव, जिलाध्यक्ष रहे चुके हैं। इनेलो की टिकट पर उन्होंने 1996 व 2004 में दो बार विधानसभा का चुनाव लड़ा। इन दोनों चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। 2009 में वह इनेलो छोड़ कर भाजपा में शामिल हुए और भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष बने। 2014 में भाजपा ने पहली बार बल्लभगढ़ से टिकट दिया। यहां से चुनाव जीत कर विधायक बने। 2019 में भाजपा से दोबारा चुनाव जीत कर विधायक बने। अब प्रदेश में पिछले पांच वर्ष से कैबिनेट मंत्री हैं। मूलचंद शर्मा के आने से पहले लगातार भाजपा इस सीट पर लगातार हारी थी। इस सीट पर उम्मीदवार बनाए जाने पर मूलचंद शर्मा लगातार दो बार से विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं।
तिगांव राजेश नागर
राजेश नागर के पिता रूप सिंह नागर लंबे समय से भाजपा से जुड़े रहे। यह भी लंबे समय से भाजपा के कार्यकर्ता रहे। गुर्जर मतदाताओं की इस सीट पर प्रभाव के चलते राजेश नागर को दोबारा से उम्मीदवार बनाने की प्रबल संभावना है। पिछले चुनाव में भी इनका प्रदर्शन बेहतर था। मौजूदा सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के नजदीकी होने के चलते पहली बार वर्ष 2014 में लड़ा था लेकिन हार गए थे। 1200 मतों से हारने के बाद वर्ष 2019 में उन्होंने फिर चुनाव लड़ा और करीब 31 हजार से अधिक मतों से जीत दर्ज की।
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- दो स्थानों से पूर्व विधायक को दिया मौका, ओल्ड फरीदाबाद क्षेत्र से काटा विधायक नरेंद्र गुप्ता का टिकट
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। हरियाणा विधानसभा चुनावों में भाजपा ने बुधवार रात एक ओर जहां प्रदेशभर में 67 प्रत्याशियों की लिस्ट जारी की है। वहीं फरीदाबाद जिले से पार्टी ने जिन 4 प्रत्याशियों की घोषणा की है, उनमें भाजपा ने जिताऊ प्रत्याशियों पर ही दांव खेला है। खास बात यह है कि दो स्थानों से पूर्व विधायकों मूलचंद शर्मा बल्लभगढ़ और तिगांव से राजेश नागर को पार्टी ने मौका तो दिया है।
बल्लभगढ़ में जहां मौजूदा कैबिनेट मंत्री मूलचंद शर्मा बेहद मजबूत प्रत्याशी माने जा रहे हैं। पार्टी और सरकार में अच्छी पकड़ बनाने वाले मूलचंद ने क्षेत्र के विकास के लिए बड़ी राशि मंजूर कर कई कार्य कराए हैं। दूसरी तरफ, तिगांव में बड़ी संख्या में गुर्जर मत होने के चलते मौजूदा विधायक राजेश नागर पर ही दांव खेला है। हालांकि, आलाकमान ने ओल्ड फरीदाबाद क्षेत्र से वर्तमान विधायक नरेंद्र गुप्ता का टिकट काट दिया है। यहां पर पूर्व विधायक विपुल गोयल को टिकट दिया है। इस सीट पर बड़ी संख्या में वैश्य समाज के लोग हैं। विपुल गोयल इस क्षेत्र में और पार्टी में भी बड़ा कद रखते हैं।
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इसके अलावा पार्टी ने पृथला विधानसभा में भाजपा को सपोर्ट करने वाले मौजूदा निर्दलीय विधायक नयनपाल रावत को भी मौका नहीं दिया है। यहां से पार्टी ने 2014 में बसपा से पूर्व विधायक रहे टेकचंद शर्मा को टिकट दिया है। वह 2014 में विधायक बनने के बाद भाजपा सरकार को समर्थन कर रहे थे। इस सीट पर ब्राह्मण वर्ग के मत अधिक होने के चलते है।
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पृथला विधानसभा: टेकचंद शर्मा
बसपा से 2014 में पूर्व विधायक रहे हैं। क्षेत्र में बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाज के मतदाता होने के चलते इन्हें टिकट दी गई है। 2019 में टिकट न देने के बाद भी उन्होंने भाजपा का दामन नहीं छोड़ा, इसके चलते पार्टी ने भाजपा को बाहर से समर्थन देने वाले निर्दलीय विधायक नयनपाल रावत की अपेक्षा टेकचंद शर्मा को जिताऊ प्रत्याशी समझकर टिकट सौंपा है। टेकचंद शर्मा का राजनीतिक सफर वर्ष 2007 से शुरू हुआ था। 2014 में वह भाजपा प्रत्याशी नयनपाल रावत को करीब दो हजार मतों से हराकर चुनाव जीते थे। इसके बाद भाजपा की सरकार आने पर उन्होंने भाजपा सरकार को बाहर से समर्थन किया।
फरीदाबाद ओल्ड: विपुल गोयल
भारतीय जनता पार्टी के लिए 2014 में हरियाणा विधान सभा चुनाव जीता। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के आनंद कौशिक को हराया। वह नवचेतना ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं। उन्हें 22 जुलाई 2016 को सीएम मनोहर लाल खट्टर की हरियाणा सरकार के फेरबदल और विस्तार के दौरान कैबिनेट मंत्री के रूप में शामिल किया गया था। उन्हें उद्योग और वाणिज्य मंत्रालय, पर्यावरण मंत्रालय और औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्रालय सौंपा गया था। वह समय-समय पर बड़े स्तर पर सामाजिक आयोजनों को कराते हैं। ओल्ड फरीदाबाद विधानसभा में सबसे अधिक वैश्य मतदाताओं का प्रभाव है। लोकसभा सीट न मिल पाने के कारण इन्हें इस बार विधानसभा सीट से नवाजा गया।
बल्लभगढ़: मूलचंद शर्मा
मूलचंद शर्मा इनेलो से भारतीय जनता पार्टी में आए थे। वह इनेलो के विधानसभा क्षेत्र के अध्यक्ष, महासचिव, जिलाध्यक्ष रहे चुके हैं। इनेलो की टिकट पर उन्होंने 1996 व 2004 में दो बार विधानसभा का चुनाव लड़ा। इन दोनों चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। 2009 में वह इनेलो छोड़ कर भाजपा में शामिल हुए और भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष बने। 2014 में भाजपा ने पहली बार बल्लभगढ़ से टिकट दिया। यहां से चुनाव जीत कर विधायक बने। 2019 में भाजपा से दोबारा चुनाव जीत कर विधायक बने। अब प्रदेश में पिछले पांच वर्ष से कैबिनेट मंत्री हैं। मूलचंद शर्मा के आने से पहले लगातार भाजपा इस सीट पर लगातार हारी थी। इस सीट पर उम्मीदवार बनाए जाने पर मूलचंद शर्मा लगातार दो बार से विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं।
तिगांव राजेश नागर
राजेश नागर के पिता रूप सिंह नागर लंबे समय से भाजपा से जुड़े रहे। यह भी लंबे समय से भाजपा के कार्यकर्ता रहे। गुर्जर मतदाताओं की इस सीट पर प्रभाव के चलते राजेश नागर को दोबारा से उम्मीदवार बनाने की प्रबल संभावना है। पिछले चुनाव में भी इनका प्रदर्शन बेहतर था। मौजूदा सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के नजदीकी होने के चलते पहली बार वर्ष 2014 में लड़ा था लेकिन हार गए थे। 1200 मतों से हारने के बाद वर्ष 2019 में उन्होंने फिर चुनाव लड़ा और करीब 31 हजार से अधिक मतों से जीत दर्ज की।