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पुलिस टीम पर हमला कर शराब माफिया को छुड़ाया
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फरीदाबाद। अनंगपुर में शराब माफिया को पकड़ने गई पुलिस टीम पर शनिवार को गांव के लोगों ने हमला कर दिया। हमलावरों ने पुलिस की हिरासत से एक शराब माफिया को भी छुड़वा लिया। इसमें थाना सूरजकुंड प्रभारी सहित चार पुलिस कर्मी घायल हो गए। ग्रामीणों के हमले से पीसीआर वैन भी क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिस ने महिलाओं सहित करीब एक दर्जन लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि सूरजकुंड थाने में गांव अनंगपुर जोहड़िया मोहल्ला निवासी सरजीत पर कच्ची शराब बनाकर बेचने का मामला दर्ज है। शनिवार को पुलिस को सूचना मिली कि सरजीत घर पर मौजूद है। सूचना पाते ही थाना प्रभारी सोहनपाल टीम के साथ आरोपी के घर पहुंच गए। पुलिस टीम ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। जैसे ही पुलिस टीम आरोपी को गाड़ी में बिठाने लगी, तो आरोपी सरजीत ने पुलिसकर्मियों से हाथापाई शुरू कर दी। इसके साथ ही उसने अपने परिवार के लोगों को आवाज लगाकर पुलिस पर हमला करने के लिए कहा।
सरजीत के परिवार से करीब बारह लोग ईंट-पत्थर व डंडे लेकर आ गए। इनमें महिलाएं भी थीं। सरजीत के भाई अशोक ने ईंट से थाना प्रभारी सोहनपाल का सिर फोड़ दिया। आरोपियों के पथराव और डंडों के हमले से पुलिसकर्मियों को चोट आई। हमले के दौरान सरजीत को पुलिस हिरासत से छुड़ा लिया। मामला बढ़ता देख पुलिस को अपनी जान बचाकर मौके से भागना पड़ा।
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ग्रामीणों के हमले से पीसीआर वैन भी क्षतिग्रस्त हो गई। हमले में थाना प्रभारी सोहनपाल ,एएसआई गुलशन, हवलदार सचिन व एक पुलिसकर्मी घायल हुए। एएसआई गुलशन की शिकायत पर पुलिस ने सरजीत, उसके भाई अशोक, मां, भाभी सहित करीब एक दर्जन लोगों पर मामला दर्ज किया है। आरोपियों ने हमले में हवलदार सचिन के गले से सोने की चेन भी झपट ली। घायल पुलिस कर्मियों को अस्पताल में दाखिल कराकर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।
सिपाही की मौत से भी पुलिस ने नहीं लिया कोई सबक
फरीदाबाद (कैलाश गठवाल)। शहर के सेक्टर-23 में सितंबर माह में हुई लूट के मामले में आरोपियों को पकड़ने गई टीम पर हमले में शहीद हुए सिपाही संदीप की मौत से भी पुलिस टीम ने सबक नहीं लिया। शनिवार को गांव अनंगपुर में एक शराब माफिया को पकड़ने के लिए थाना सूरजकुंड की टीम बिना किसी बैकअप फोर्स के ही पहुंच गई। पुलिस टीम के साथ कोई महिला स्टाफ भी मौजूद नहीं था, जबकि पुलिस आरोपी को उसके घर से ही गिरफ्तार करने गई थी।
गांव में पुलिस की टीम पर आरोपी और उसके परिवार की महिलाओं ने हमला किया और आरोपी को छुड़ा लिया। आरोपी सरजीत और उसके भाई संजय पर कच्ची और अवैध शराब बेचने के दो मामले साल 2020 और 21 में दर्ज हैं। कुछ महीने पहले भी जब पुलिस की टीम आरोपी को पकड़ने गई थी तो वह शराब छोड़कर पुलिस को चकमा देकर भाग निकला था। इतना ही नहीं आरोपी के खिलाफ साल 2014 में लूट का एक मामला भी दर्ज है। साल 2015 में आरोपी पुलिस टीम पर हमला कर चुका है। ये सब पता होने के बावजूद पुलिस पेशेवर बदमाश को पकड़ने के लिए बिना तैयारी के ही जा धमकी।
शनिवार को पुलिस की टीम की हालत ये थी कि दिनदहाड़े ही टीम से आरोपी को छुड़ा लिया गया। घटना स्थल से ग्रीन फील्ड चौकी की दूरी मात्र पांच मिनट की है। चौकी भी सूरजकुंड थाने के अंतर्गत ही आती है। जुलाई में भी धौज थाना इलाके में गो तस्कर और झपटमार को पकड़ने गई क्राइम ब्रांच एनआईटी की टीम पर लोगों ने हमला कर दिया था। इस घटना में भी हमलावरों ने आरोपी को छुड़ा लिया था। अभी तक किसी हमलावर की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इससे पहले थाना तिगांव, सदर व छांयसा में भी रेत माफिया को पकड़ने गई टीमों पर ट्रैक्टर चढ़ाने व मारपीट के मामले सामने आए हैं। बदमाश तीन दिन पहले ही आरटीए स्टाफ पर हमला कर एक डंपर को छुड़ाकर ले गए।
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पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि सूरजकुंड थाने में गांव अनंगपुर जोहड़िया मोहल्ला निवासी सरजीत पर कच्ची शराब बनाकर बेचने का मामला दर्ज है। शनिवार को पुलिस को सूचना मिली कि सरजीत घर पर मौजूद है। सूचना पाते ही थाना प्रभारी सोहनपाल टीम के साथ आरोपी के घर पहुंच गए। पुलिस टीम ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। जैसे ही पुलिस टीम आरोपी को गाड़ी में बिठाने लगी, तो आरोपी सरजीत ने पुलिसकर्मियों से हाथापाई शुरू कर दी। इसके साथ ही उसने अपने परिवार के लोगों को आवाज लगाकर पुलिस पर हमला करने के लिए कहा।
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सरजीत के परिवार से करीब बारह लोग ईंट-पत्थर व डंडे लेकर आ गए। इनमें महिलाएं भी थीं। सरजीत के भाई अशोक ने ईंट से थाना प्रभारी सोहनपाल का सिर फोड़ दिया। आरोपियों के पथराव और डंडों के हमले से पुलिसकर्मियों को चोट आई। हमले के दौरान सरजीत को पुलिस हिरासत से छुड़ा लिया। मामला बढ़ता देख पुलिस को अपनी जान बचाकर मौके से भागना पड़ा।
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ग्रामीणों के हमले से पीसीआर वैन भी क्षतिग्रस्त हो गई। हमले में थाना प्रभारी सोहनपाल ,एएसआई गुलशन, हवलदार सचिन व एक पुलिसकर्मी घायल हुए। एएसआई गुलशन की शिकायत पर पुलिस ने सरजीत, उसके भाई अशोक, मां, भाभी सहित करीब एक दर्जन लोगों पर मामला दर्ज किया है। आरोपियों ने हमले में हवलदार सचिन के गले से सोने की चेन भी झपट ली। घायल पुलिस कर्मियों को अस्पताल में दाखिल कराकर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।
सिपाही की मौत से भी पुलिस ने नहीं लिया कोई सबक
फरीदाबाद (कैलाश गठवाल)। शहर के सेक्टर-23 में सितंबर माह में हुई लूट के मामले में आरोपियों को पकड़ने गई टीम पर हमले में शहीद हुए सिपाही संदीप की मौत से भी पुलिस टीम ने सबक नहीं लिया। शनिवार को गांव अनंगपुर में एक शराब माफिया को पकड़ने के लिए थाना सूरजकुंड की टीम बिना किसी बैकअप फोर्स के ही पहुंच गई। पुलिस टीम के साथ कोई महिला स्टाफ भी मौजूद नहीं था, जबकि पुलिस आरोपी को उसके घर से ही गिरफ्तार करने गई थी।
गांव में पुलिस की टीम पर आरोपी और उसके परिवार की महिलाओं ने हमला किया और आरोपी को छुड़ा लिया। आरोपी सरजीत और उसके भाई संजय पर कच्ची और अवैध शराब बेचने के दो मामले साल 2020 और 21 में दर्ज हैं। कुछ महीने पहले भी जब पुलिस की टीम आरोपी को पकड़ने गई थी तो वह शराब छोड़कर पुलिस को चकमा देकर भाग निकला था। इतना ही नहीं आरोपी के खिलाफ साल 2014 में लूट का एक मामला भी दर्ज है। साल 2015 में आरोपी पुलिस टीम पर हमला कर चुका है। ये सब पता होने के बावजूद पुलिस पेशेवर बदमाश को पकड़ने के लिए बिना तैयारी के ही जा धमकी।
शनिवार को पुलिस की टीम की हालत ये थी कि दिनदहाड़े ही टीम से आरोपी को छुड़ा लिया गया। घटना स्थल से ग्रीन फील्ड चौकी की दूरी मात्र पांच मिनट की है। चौकी भी सूरजकुंड थाने के अंतर्गत ही आती है। जुलाई में भी धौज थाना इलाके में गो तस्कर और झपटमार को पकड़ने गई क्राइम ब्रांच एनआईटी की टीम पर लोगों ने हमला कर दिया था। इस घटना में भी हमलावरों ने आरोपी को छुड़ा लिया था। अभी तक किसी हमलावर की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इससे पहले थाना तिगांव, सदर व छांयसा में भी रेत माफिया को पकड़ने गई टीमों पर ट्रैक्टर चढ़ाने व मारपीट के मामले सामने आए हैं। बदमाश तीन दिन पहले ही आरटीए स्टाफ पर हमला कर एक डंपर को छुड़ाकर ले गए।