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Faridabad News: थोड़ी सी बारिश होते होते ही 48 घंटे तक बिजली आपूर्ति रहती है प्रभावित
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अमर उजाला उद्योग संवाद
अमर उजाला संवाद में उद्यमियों ने रखी अपनी बात, कहा- सुविधाओं के अभाव में प्रति वर्ष करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ता है
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर 58 स्थित औद्योगिक क्षेत्र में अघोषित बिजली कट से उद्यमियों को नुकसान हो रहा है। यहां बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। अघोषित बिजली कट व सुविधाओं के अभाव में प्रति वर्ष करीब तीन से चार करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। यहां तीन सौ से अधिक छोटे उद्योग हैं। आरोप है कि बिजली निगम की ओर से बिजली आपूर्ति पर ध्यान नहीं दिया जाता। थोड़ी सी बारिश होते होते ही 24 से 48 घंटे बिजली आपूर्ति प्रभावित हो जाती है। सेक्टर 58 जोन के पदाधिकारियों ने बृहस्पतिवार को अमर उजाला संवाद में अपनी समस्याएं रखीं।
इस दौरान उद्यमी प्रदीप पाहूजा, प्रदीप चावला, राकेश जोशी, सुरेश गोयल, राजेश महेश्वरी समेत अन्य मौजूद रहे। उनका कहना था कि यहां सबसे अधिक ऑटो व मेटल की कंपनियां हैं। अघोषित बिजली कट उद्योगपतियों के लिए सर दर्द बने हैं। सुबह से शाम तक रोजाना पांच से छह बार बिजली जाती है। थोड़ी सी बारिश यहां के उद्यमियों के लिए आफत बन जाती है। दो बूंद पानी गिरते ही बिजली की तारे पुरानी होने से आपूर्ति ठप हो जाती है। इसे ठीक कराने के लिए बिजली निगम के कर्मचारियों को सेवा शुल्क देना पड़ता है। इसे नहीं देने पर दो-तीन दिनों तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रहती है। इससे बंद करना पड़ता है।
वहीं, इस क्षेत्र में चोरी के मामले भी अधिक हैं। छोटे-छोटे बच्चे चोरी को अंजाम देते हैं। इसके लिए उन्हें वहां मौजूद कुछ लोगों की ओर से प्रशिक्षित किया जाता है। सरकार की ओर से छोटे उद्योगपतियों के साथ सौतेला व्यवहार किया जाता है। प्रमाणित क्षेत्र होने के बावजूद उद्यमियों को सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता है।
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उद्यमियों से बातचीत
बिजली की तारें बहुत पुरानी हो चुकी हैं। इससे थोड़ी सी बारिश होने पर बिजली आपूर्ति ठप हो जाती है। इसे ठीक कराने के लिए बिजली निगम के कार्यालय में कई चक्कर काटने पड़ते है। - संजीव अग्रवाल उद्यमी।
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औद्योगिक क्षेत्र होने के बावजूद सरकार की ओर से मिलने वाली सुविधाओं से महरूम रहना पड़ता है। केंद्र व प्रदेश सरकार की कई योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता है। राजेश कालिया उद्यमी।
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औद्योगिक क्षेत्र में सीवर की समस्या बनी हुई है। इसके लिए अधिकारियों से कई बार सहायता मांगी गई है लेकिन कोई समाधान नहीं किया जाता है। - अजीत सिंह, उद्यमी
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शाम होते ही क्षेत्र नशा करने वालों का अड्डा बन जाता है। इससे यहां काम करने वाली महिला कर्मचारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसकी शिकायत कई बार की जा चुकी है। मंगल सेन उद्यमी।
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अमर उजाला संवाद में उद्यमियों ने रखी अपनी बात, कहा- सुविधाओं के अभाव में प्रति वर्ष करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ता है
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर 58 स्थित औद्योगिक क्षेत्र में अघोषित बिजली कट से उद्यमियों को नुकसान हो रहा है। यहां बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। अघोषित बिजली कट व सुविधाओं के अभाव में प्रति वर्ष करीब तीन से चार करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। यहां तीन सौ से अधिक छोटे उद्योग हैं। आरोप है कि बिजली निगम की ओर से बिजली आपूर्ति पर ध्यान नहीं दिया जाता। थोड़ी सी बारिश होते होते ही 24 से 48 घंटे बिजली आपूर्ति प्रभावित हो जाती है। सेक्टर 58 जोन के पदाधिकारियों ने बृहस्पतिवार को अमर उजाला संवाद में अपनी समस्याएं रखीं।
इस दौरान उद्यमी प्रदीप पाहूजा, प्रदीप चावला, राकेश जोशी, सुरेश गोयल, राजेश महेश्वरी समेत अन्य मौजूद रहे। उनका कहना था कि यहां सबसे अधिक ऑटो व मेटल की कंपनियां हैं। अघोषित बिजली कट उद्योगपतियों के लिए सर दर्द बने हैं। सुबह से शाम तक रोजाना पांच से छह बार बिजली जाती है। थोड़ी सी बारिश यहां के उद्यमियों के लिए आफत बन जाती है। दो बूंद पानी गिरते ही बिजली की तारे पुरानी होने से आपूर्ति ठप हो जाती है। इसे ठीक कराने के लिए बिजली निगम के कर्मचारियों को सेवा शुल्क देना पड़ता है। इसे नहीं देने पर दो-तीन दिनों तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रहती है। इससे बंद करना पड़ता है।
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वहीं, इस क्षेत्र में चोरी के मामले भी अधिक हैं। छोटे-छोटे बच्चे चोरी को अंजाम देते हैं। इसके लिए उन्हें वहां मौजूद कुछ लोगों की ओर से प्रशिक्षित किया जाता है। सरकार की ओर से छोटे उद्योगपतियों के साथ सौतेला व्यवहार किया जाता है। प्रमाणित क्षेत्र होने के बावजूद उद्यमियों को सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता है।
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उद्यमियों से बातचीत
बिजली की तारें बहुत पुरानी हो चुकी हैं। इससे थोड़ी सी बारिश होने पर बिजली आपूर्ति ठप हो जाती है। इसे ठीक कराने के लिए बिजली निगम के कार्यालय में कई चक्कर काटने पड़ते है। - संजीव अग्रवाल उद्यमी।
औद्योगिक क्षेत्र होने के बावजूद सरकार की ओर से मिलने वाली सुविधाओं से महरूम रहना पड़ता है। केंद्र व प्रदेश सरकार की कई योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता है। राजेश कालिया उद्यमी।
औद्योगिक क्षेत्र में सीवर की समस्या बनी हुई है। इसके लिए अधिकारियों से कई बार सहायता मांगी गई है लेकिन कोई समाधान नहीं किया जाता है। - अजीत सिंह, उद्यमी
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शाम होते ही क्षेत्र नशा करने वालों का अड्डा बन जाता है। इससे यहां काम करने वाली महिला कर्मचारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसकी शिकायत कई बार की जा चुकी है। मंगल सेन उद्यमी।