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Faridabad News: यूके में बेटी से मिलने गए बुजुर्ग को मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखा किया डिजिटल अरेस्ट
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एटीएस और आरबीआई अधिकारी बनकर 20.50 लाख कराए ट्रांसफर
जिले में चार अन्य लोगों से भी हुई साइबर ठगी, सभी मामलों में प्राथमिकी
नंबर गेम-63.30 लाख रुपये पांचों मामलों में उड़ाए
संंवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर में साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। साइबर ठगों ने अलग-अलग तरीकों से जिले के पांच लोगों को निशाना बनाकर करीब 63.30 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया है। आरोपियों ने मनी लॉन्ड्रिंग का डर, इंस्टाग्राम पर निवेश का झांसा, केवाईसी कराने, सॉफ्टवेयर अपडेट और एप पर मकान किराये पर देने के बहाने से ठगी की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि सभी मामलों में 16 सितंबर को संबंधित साइबर थानों में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
यूके में बेटी से मिलने गए सेक्टर-आठ निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग को एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वाड) और आरबीआई अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट कर 20.50 लाख रुपये ठग लिए गए। पीड़ित बुजुर्ग अमरेन्द्र झा ने बताया कि वे आठ जुलाई को कैंब्रिज गए थे। दस जुलाई को उनके पास व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल आई। इसमें वर्दी पहने ठग ने खुद को दिल्ली एटीएस का विजय खन्ना बताया। आरोपी ने दावा किया कि कर्नाटक में उनके नाम से बैंक खाता है, जिसमें 2.55 करोड़ जमा हैं। और उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज है। जालसाज ने गिरफ्तारी वारंट और इंटरपोल की धमकी देकर 28 से 30 जुलाई के बीच अलग-अलग खातों में 20.50 लाख ट्रांसफर करवा लिए।
आर्मी जवान से 29.47 लाख हड़पे
भगत सिंह कॉलोनी निवासी आर्मी कर्मचारी महेश चंद इंस्टा पर 25 हजार रुपये निवेश का विज्ञापन देखकर ठगी का शिकार हो गए। पीड़ित से मोहित वर्मा नामक व्यक्ति ने व्हाट्सएप पर संपर्क किया और सोशल वेंचर कैपिटलिस्ट के नाम से फर्जी लिंक भेजकर दस्तावेज व बैंक का विवरण ले लिया। आठ अप्रैल से सात जुलाई के बीच क्रेडिट कार्ड व खातों के जरिये आरोपियों ने 29,47,549 रुपये जमा करा लिए गए। बाद में 10 लाख रुपये और मांगने पर ठगी का एहसास हुआ।
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वीडियो केवाईसी के नाम ठगी
सेक्टर-89 पीयूष हाइट्स निवासी विवेक श्रीवास्तव ने 12 सितंबर को नए क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन किया था। अगले ही दिन ठगों ने बैंक प्रतिनिधि बनकर फोन किया और वीडियो केवाईसी के लिए वीडियो कॉल का लिंक भेजा। कॉल के दौरान ठगों ने उनसे पुराने क्रेडिट कार्ड कैमरे पर दिखाने को कहा, कार्ड दिखाते ही ठगों ने ब्योरा नोट कर लिया और 11:45 से 12:25 के बीच पांच बार में खातों से 2,30,822 निकाल लिए गए।
सॉफ्टवेयर अपडेट करते ही फोन हैक
डबुआ कॉलोनी निवासी राहुल का मोबाइल फोन सॉफ्टवेयर अपडेट का विकल्प चुनते ही हैक हो गया। फोन 3-4 दिन तक बंद रहा। इसी दौरान तीन सितंबर को उनके बैंक खाते में कंपनी से सैलरी आई और चार सितंबर को साइबर ठगों ने उनके बैंक खाते से 25,500 की रकम साफ कर दी। फोन रीसेट करने के बाद पीड़ित को ठगी की जानकारी हुई।
मकान किराये पर लेने का झांसा ठगी
सेक्टर-21सी निवासी योगेश कुमार गोयल ने एक एप पर मकान किराये पर देने का विज्ञापन डाला था। छह सितंबर को आरोपी ने खुद को गुवाहाटी एयरपोर्ट का कर्मचारी बताया। आरोपी ने कहा कि उसका ट्रांसफर दिल्ली हो गया। टोकन मनी देने के बहाने आरोपी ने पीड़ित को यूपीआई एप खुलवाया और बातों में उलझाकर पिन व बैंक डिटेल्स दर्ज करवा लीं। इसके तुरंत बाद खाते 99 हजार कट गए।
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जिले में चार अन्य लोगों से भी हुई साइबर ठगी, सभी मामलों में प्राथमिकी
नंबर गेम-63.30 लाख रुपये पांचों मामलों में उड़ाए
संंवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर में साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। साइबर ठगों ने अलग-अलग तरीकों से जिले के पांच लोगों को निशाना बनाकर करीब 63.30 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया है। आरोपियों ने मनी लॉन्ड्रिंग का डर, इंस्टाग्राम पर निवेश का झांसा, केवाईसी कराने, सॉफ्टवेयर अपडेट और एप पर मकान किराये पर देने के बहाने से ठगी की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि सभी मामलों में 16 सितंबर को संबंधित साइबर थानों में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
यूके में बेटी से मिलने गए सेक्टर-आठ निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग को एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वाड) और आरबीआई अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट कर 20.50 लाख रुपये ठग लिए गए। पीड़ित बुजुर्ग अमरेन्द्र झा ने बताया कि वे आठ जुलाई को कैंब्रिज गए थे। दस जुलाई को उनके पास व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल आई। इसमें वर्दी पहने ठग ने खुद को दिल्ली एटीएस का विजय खन्ना बताया। आरोपी ने दावा किया कि कर्नाटक में उनके नाम से बैंक खाता है, जिसमें 2.55 करोड़ जमा हैं। और उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज है। जालसाज ने गिरफ्तारी वारंट और इंटरपोल की धमकी देकर 28 से 30 जुलाई के बीच अलग-अलग खातों में 20.50 लाख ट्रांसफर करवा लिए।
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आर्मी जवान से 29.47 लाख हड़पे
भगत सिंह कॉलोनी निवासी आर्मी कर्मचारी महेश चंद इंस्टा पर 25 हजार रुपये निवेश का विज्ञापन देखकर ठगी का शिकार हो गए। पीड़ित से मोहित वर्मा नामक व्यक्ति ने व्हाट्सएप पर संपर्क किया और सोशल वेंचर कैपिटलिस्ट के नाम से फर्जी लिंक भेजकर दस्तावेज व बैंक का विवरण ले लिया। आठ अप्रैल से सात जुलाई के बीच क्रेडिट कार्ड व खातों के जरिये आरोपियों ने 29,47,549 रुपये जमा करा लिए गए। बाद में 10 लाख रुपये और मांगने पर ठगी का एहसास हुआ।
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वीडियो केवाईसी के नाम ठगी
सेक्टर-89 पीयूष हाइट्स निवासी विवेक श्रीवास्तव ने 12 सितंबर को नए क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन किया था। अगले ही दिन ठगों ने बैंक प्रतिनिधि बनकर फोन किया और वीडियो केवाईसी के लिए वीडियो कॉल का लिंक भेजा। कॉल के दौरान ठगों ने उनसे पुराने क्रेडिट कार्ड कैमरे पर दिखाने को कहा, कार्ड दिखाते ही ठगों ने ब्योरा नोट कर लिया और 11:45 से 12:25 के बीच पांच बार में खातों से 2,30,822 निकाल लिए गए।
सॉफ्टवेयर अपडेट करते ही फोन हैक
डबुआ कॉलोनी निवासी राहुल का मोबाइल फोन सॉफ्टवेयर अपडेट का विकल्प चुनते ही हैक हो गया। फोन 3-4 दिन तक बंद रहा। इसी दौरान तीन सितंबर को उनके बैंक खाते में कंपनी से सैलरी आई और चार सितंबर को साइबर ठगों ने उनके बैंक खाते से 25,500 की रकम साफ कर दी। फोन रीसेट करने के बाद पीड़ित को ठगी की जानकारी हुई।
मकान किराये पर लेने का झांसा ठगी
सेक्टर-21सी निवासी योगेश कुमार गोयल ने एक एप पर मकान किराये पर देने का विज्ञापन डाला था। छह सितंबर को आरोपी ने खुद को गुवाहाटी एयरपोर्ट का कर्मचारी बताया। आरोपी ने कहा कि उसका ट्रांसफर दिल्ली हो गया। टोकन मनी देने के बहाने आरोपी ने पीड़ित को यूपीआई एप खुलवाया और बातों में उलझाकर पिन व बैंक डिटेल्स दर्ज करवा लीं। इसके तुरंत बाद खाते 99 हजार कट गए।