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Faridabad News: रेरा के आदेश के बाद भी आवंटियों को कब्जा नहीं, डीसी-डीसीपी को सौंपी कार्रवाई
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तीन बार निर्देश के बावजूद बिल्डर ने नहीं किया हैंडओवर
29 सितंबर को कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए अधिकारियों को किया नियुक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-75 स्थित टेरा लाविनियम प्रोजेक्ट में रेरा के आदेश के बावजूद आवंटियों को उनके यूनिट का कब्जा नहीं मिलने का मामला सामने आया है। आवंटियों के अनुसार, रेरा और बाद में अदालत की ओर से कई बार कब्जा सौंपने के निर्देश दिए गए लेकिन बिल्डर की ओर से अब तक यूनिट का हैंडओवर नहीं किया गया।
मामले में 29 सितंबर को अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए जिला उपायुक्त (डीसी) और पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) को कार्रवाई के लिए नियुक्त किया है। आवंटियों के अनुसार, प्रोजेक्ट में उन्हें 4 अप्रैल 2022 तक कब्जा दिया जाना था लेकिन समय पर कब्जा नहीं मिलने के बाद उन्होंने रेरा में मामले दर्ज किए। रेरा पंचकूला ने 10 मार्च 2026 को आदेश जारी कर संबंधित आवंटियों को बिना किसी अतिरिक्त देनदारी के उनके यूनिट का भौतिक कब्जा सौंपने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद कब्जा नहीं दिया गया।
आवंटियों का कहना है कि इसके बाद अदालत ने भी कब्जा सौंपने के लिए तीन बार निर्देश दिए। 12 मई 2026, 8 सितंबर 2026 और 22 सितंबर 2026 को निर्देश दिए जाने के बावजूद बिल्डर ने उनका पालन नहीं किया। आवंटियों के अनुसार, अदालत के निर्देशों के बाद भी उन्हें अपने यूनिट का हैंडओवर नहीं मिल सका। अब मामले में 29 सितंबर को अदालत ने सख्ती दिखाते हुए जिला उपायुक्त और पुलिस उपायुक्त को नियुक्त किया है, ताकि आदेश का पालन सुनिश्चित कराया जा सके। आवंटियों का कहना है कि लंबे समय से कब्जे का इंतजार कर रहे हैं और अब प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की उम्मीद है। आवंटियों ने आरोप लगाया कि अदालत और रेरा के स्पष्ट आदेशों के बावजूद बिल्डर की ओर से कब्जा नहीं सौंपा जा रहा है। उन्होंने कहा कि मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और प्रशासनिक कार्रवाई जारी रहेगी।
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निवासियों से बातचीत
हमने लंबे समय तक बिल्डर से कब्जा देने की मांग की। रेरा के स्पष्ट आदेश के बाद भी यूनिट का हैंडओवर नहीं मिला। -शैलेंद्र गौतम
प्रोजेक्ट की डिलीवरी 4 अप्रैल 2022 तक होनी थी। इसके बाद कई साल से आवंटी इंतजार कर रहे हैं। -बलकेश कुमार
12 मई 2026, 8 सितंबर 2026 और 22 सितंबर 2026 को निर्देश दिए जाने के बावजूद बिल्डर ने आदेश का पालन नहीं किया गया। -शाओनी धर
तीन अलग-अलग तारीखों पर कोर्ट की ओर से कब्जा देने के निर्देश दिए गए, इसके बावजूद हैंडओवर नहीं मिला। - अविषेक रॉय
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इन सोसाइटियों को भी नहीं किया गया हैंडओवर
शहर में कई सोसाइटियों को बिल्डर की ओर से हैंडओवर नहीं किया गया है। निवासी हर तरीके से अपने स्तर पर प्रयास कर चुके हैं। बावजूद इसके बिल्डर की ओर से सोसाइटी को अब तक हैंडओवर नहीं किया गया है और अपने मनमाने तरीके से रखरखाव शुल्क व अन्य शुल्क वसूल कर रहा है। इनमें ग्रेटर फरीदाबाद की बीपीटीपी एलीट प्रीमियम पार्क सोसाइटी, रॉयल हेरीटेज सोसाइटी, आगमन सोसाइटी व अन्य कई सोसाइटियां शामिल हैं। फ्लैट मालिक कई बार शिकायत कर चुके हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद अब सोसाइटी के लोगों ने कोर्ट में केस डाला हुआ है। रॉयल हेरीटेज सोसाइटी के निवासी अमर शर्मा ने बताया कि करीब दो साल से केस चल रहा है लेकिन बिल्डर की ओर से अभी तक सोसाइटी को हैंडओवर नहीं किया गया है। वहीं एडल डिवाइन कोर्ट सोसाइटी में लोगों को ओसी तक नहीं दिया गया है।
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29 सितंबर को कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए अधिकारियों को किया नियुक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-75 स्थित टेरा लाविनियम प्रोजेक्ट में रेरा के आदेश के बावजूद आवंटियों को उनके यूनिट का कब्जा नहीं मिलने का मामला सामने आया है। आवंटियों के अनुसार, रेरा और बाद में अदालत की ओर से कई बार कब्जा सौंपने के निर्देश दिए गए लेकिन बिल्डर की ओर से अब तक यूनिट का हैंडओवर नहीं किया गया।
मामले में 29 सितंबर को अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए जिला उपायुक्त (डीसी) और पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) को कार्रवाई के लिए नियुक्त किया है। आवंटियों के अनुसार, प्रोजेक्ट में उन्हें 4 अप्रैल 2022 तक कब्जा दिया जाना था लेकिन समय पर कब्जा नहीं मिलने के बाद उन्होंने रेरा में मामले दर्ज किए। रेरा पंचकूला ने 10 मार्च 2026 को आदेश जारी कर संबंधित आवंटियों को बिना किसी अतिरिक्त देनदारी के उनके यूनिट का भौतिक कब्जा सौंपने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद कब्जा नहीं दिया गया।
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आवंटियों का कहना है कि इसके बाद अदालत ने भी कब्जा सौंपने के लिए तीन बार निर्देश दिए। 12 मई 2026, 8 सितंबर 2026 और 22 सितंबर 2026 को निर्देश दिए जाने के बावजूद बिल्डर ने उनका पालन नहीं किया। आवंटियों के अनुसार, अदालत के निर्देशों के बाद भी उन्हें अपने यूनिट का हैंडओवर नहीं मिल सका। अब मामले में 29 सितंबर को अदालत ने सख्ती दिखाते हुए जिला उपायुक्त और पुलिस उपायुक्त को नियुक्त किया है, ताकि आदेश का पालन सुनिश्चित कराया जा सके। आवंटियों का कहना है कि लंबे समय से कब्जे का इंतजार कर रहे हैं और अब प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की उम्मीद है। आवंटियों ने आरोप लगाया कि अदालत और रेरा के स्पष्ट आदेशों के बावजूद बिल्डर की ओर से कब्जा नहीं सौंपा जा रहा है। उन्होंने कहा कि मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और प्रशासनिक कार्रवाई जारी रहेगी।
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निवासियों से बातचीत
हमने लंबे समय तक बिल्डर से कब्जा देने की मांग की। रेरा के स्पष्ट आदेश के बाद भी यूनिट का हैंडओवर नहीं मिला। -शैलेंद्र गौतम
प्रोजेक्ट की डिलीवरी 4 अप्रैल 2022 तक होनी थी। इसके बाद कई साल से आवंटी इंतजार कर रहे हैं। -बलकेश कुमार
12 मई 2026, 8 सितंबर 2026 और 22 सितंबर 2026 को निर्देश दिए जाने के बावजूद बिल्डर ने आदेश का पालन नहीं किया गया। -शाओनी धर
तीन अलग-अलग तारीखों पर कोर्ट की ओर से कब्जा देने के निर्देश दिए गए, इसके बावजूद हैंडओवर नहीं मिला। - अविषेक रॉय
इन सोसाइटियों को भी नहीं किया गया हैंडओवर
शहर में कई सोसाइटियों को बिल्डर की ओर से हैंडओवर नहीं किया गया है। निवासी हर तरीके से अपने स्तर पर प्रयास कर चुके हैं। बावजूद इसके बिल्डर की ओर से सोसाइटी को अब तक हैंडओवर नहीं किया गया है और अपने मनमाने तरीके से रखरखाव शुल्क व अन्य शुल्क वसूल कर रहा है। इनमें ग्रेटर फरीदाबाद की बीपीटीपी एलीट प्रीमियम पार्क सोसाइटी, रॉयल हेरीटेज सोसाइटी, आगमन सोसाइटी व अन्य कई सोसाइटियां शामिल हैं। फ्लैट मालिक कई बार शिकायत कर चुके हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद अब सोसाइटी के लोगों ने कोर्ट में केस डाला हुआ है। रॉयल हेरीटेज सोसाइटी के निवासी अमर शर्मा ने बताया कि करीब दो साल से केस चल रहा है लेकिन बिल्डर की ओर से अभी तक सोसाइटी को हैंडओवर नहीं किया गया है। वहीं एडल डिवाइन कोर्ट सोसाइटी में लोगों को ओसी तक नहीं दिया गया है।