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Faridabad News: हवा सामान्य से पांच गुना अधिक खराब, प्रदूषण नियंत्रण के दावे फेल
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर में सोमवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 256 दर्ज किया गया। यह सामान्य से करीब पांच गुना अधिक है। इससे लोगों को गले में खराश और श्वास व अस्थमा के रोगियों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रदूषण रोकथाम के दावे फेल साबित हो रहे हैं।
शहर में तीन दिन पहले तक वायु गुणवत्ता सूचकांक खराब श्रेणी में बना हुआ था। शनिवार और रविवार को इसमें थोड़ी वृद्धि देखी गई और यह बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गया था। सोमवार को हवा की गति थोड़ी बढ़ने से प्रदूषण के स्तर में कमी देखने को मिली है। सोमवार को रविवार की तुलना में एक्यूआई 66 अंक कम दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से जारी सूची के अनुसार सोमवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 256 रहा जो प्रदूषण की खराब श्रेणी में आता है। सेक्टर 11 की हवा सबसे अधिक खराब रही। यहां का एक्यूआई 342 दर्ज किया गया। सेक्टर 30 क्षेत्र में 180 व एनआईटी क्षेत्र मेंं 230 एक्यूआई दर्ज किया गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की क्षेत्रीय अधिकारी आकांश तंवर ने बताया कि हवा चलने से एक्यूआई में थोड़ा सुधार देखा गया है। हालांकि अभी भी यह खराब श्रेणी में बना हुआ है।
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क्या कहते है डॉक्टर
ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के वरिष्ठ ह्दय रोग विशेषज्ञ डॉ. अरविंद ने बताया कि हवा काफी खराब होने लगी है। इस मौसम में ब्लड प्रेशर और शुगर के मरीजों को सुबह की सैर पर जाने से बचना चाहिए। ठंड में सैर पर जाने से शरीर में खून का थक्का जमने के कारण हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा रहता है। वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. ऋषि गुप्ता ने कहा कि हवा में मौजूद प्रदूषक तत्व सांस के जरिये हृदय तक चले जाते हैं। सुबह की सैर पर निकलना कम कर दें। रोजाना योग-व्यायाम करें। इससे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी।
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धनंजय
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फरीदाबाद। शहर में सोमवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 256 दर्ज किया गया। यह सामान्य से करीब पांच गुना अधिक है। इससे लोगों को गले में खराश और श्वास व अस्थमा के रोगियों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रदूषण रोकथाम के दावे फेल साबित हो रहे हैं।
शहर में तीन दिन पहले तक वायु गुणवत्ता सूचकांक खराब श्रेणी में बना हुआ था। शनिवार और रविवार को इसमें थोड़ी वृद्धि देखी गई और यह बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गया था। सोमवार को हवा की गति थोड़ी बढ़ने से प्रदूषण के स्तर में कमी देखने को मिली है। सोमवार को रविवार की तुलना में एक्यूआई 66 अंक कम दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से जारी सूची के अनुसार सोमवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 256 रहा जो प्रदूषण की खराब श्रेणी में आता है। सेक्टर 11 की हवा सबसे अधिक खराब रही। यहां का एक्यूआई 342 दर्ज किया गया। सेक्टर 30 क्षेत्र में 180 व एनआईटी क्षेत्र मेंं 230 एक्यूआई दर्ज किया गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की क्षेत्रीय अधिकारी आकांश तंवर ने बताया कि हवा चलने से एक्यूआई में थोड़ा सुधार देखा गया है। हालांकि अभी भी यह खराब श्रेणी में बना हुआ है।
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क्या कहते है डॉक्टर
ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के वरिष्ठ ह्दय रोग विशेषज्ञ डॉ. अरविंद ने बताया कि हवा काफी खराब होने लगी है। इस मौसम में ब्लड प्रेशर और शुगर के मरीजों को सुबह की सैर पर जाने से बचना चाहिए। ठंड में सैर पर जाने से शरीर में खून का थक्का जमने के कारण हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा रहता है। वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. ऋषि गुप्ता ने कहा कि हवा में मौजूद प्रदूषक तत्व सांस के जरिये हृदय तक चले जाते हैं। सुबह की सैर पर निकलना कम कर दें। रोजाना योग-व्यायाम करें। इससे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी।
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