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Faridabad News: सेना की गतिविधि सोशल मीडिया पर साझा न करने की सलाह
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जिला उपायुक्त और पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों के साथ की बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। जिला उपायुक्त विक्रम सिंह और पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता ने शुक्रवार को लघु सचिवालय में नागरिक सुरक्षा मॉक ड्रिल की तैयारियों को लेकर अधिकारियों संग बैठक की। जिला उपायुक्त ने बताया कि ब्लैक आउट माॅक ड्रिल में अधिकतर घरों और संस्थानों में ब्लैक आउट का पालन ही नहीं किया गया। इससे लगता है कि मॉक ड्रिल ब्लैक आउट से संबंधित जानकारी लोगों के पास पहुंची ही नहीं। उन्होंने विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर इस कमी को दूर करने का आदेश दिया। बैठक में पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता ने लोगों से सेना की किसी भी तरह की गतिविधि की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा न करने की सलाह दी है।
बैठक में पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारियों का किसी भी माध्यम से प्रसार न केवल गैर-जिम्मेदाराना और देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकता है। इसके अलावा उन्होंने सभी नागरिकों, विशेषकर युवाओं को सलाह दी कि सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करने से पहले उसकी सत्यता, संवेदनशीलता और संभावित प्रभावों पर विचार करें। किसी भी संदेहास्पद व्यक्ति, गतिविधि या सूचना को तुरंत संबंधित सुरक्षा एजेंसी या प्रशासन को सूचित करें। बैठक में एडीसी साहिल गुप्ता, सीईओ जिला परिषद सतबीर मान, एसडीएम शिखा, एसडीएम बल्लभगढ़ मयंक भारद्वाज, डीसीपी उषा कुंडू, डीसीपी अभिषेक जोरवाल, सीटीएम अंकित कुमार आदि मौजूद रहे।
वार्ड और पंचायत स्तर तक सायरन के जरिए पहुंचे आपातकाल की जानकारी
जिला उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वार्ड स्तर पर और पंचायत स्तर तक सायरन के जरिए आपातकाल जैसी स्थिति की जानकारी का अलर्ट पहुंचना चाहिए। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को तैयारियों को पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से सुझावों के आधार पर आपदा प्रबंधन योजना में संशोधन कर कर्मचारियों को नियमित रूप से प्रशिक्षित करने के लिए कहा।
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स्कूल-कॉलेज और स्वास्थ्य केंद्रों में प्रशिक्षण देने के निर्देश
जिला उपायुक्त ने आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए स्कूल, कॉलेज और अस्पतालों में सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। शैक्षणिक संस्थानों और स्वास्थ्य केंद्रों में अग्निशमन, भूकंप, बाढ़ अथवा अन्य आपदाओं से निपटने के लिए फिजिकल ड्रिल्स और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिए जाएंगे।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। जिला उपायुक्त विक्रम सिंह और पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता ने शुक्रवार को लघु सचिवालय में नागरिक सुरक्षा मॉक ड्रिल की तैयारियों को लेकर अधिकारियों संग बैठक की। जिला उपायुक्त ने बताया कि ब्लैक आउट माॅक ड्रिल में अधिकतर घरों और संस्थानों में ब्लैक आउट का पालन ही नहीं किया गया। इससे लगता है कि मॉक ड्रिल ब्लैक आउट से संबंधित जानकारी लोगों के पास पहुंची ही नहीं। उन्होंने विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर इस कमी को दूर करने का आदेश दिया। बैठक में पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता ने लोगों से सेना की किसी भी तरह की गतिविधि की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा न करने की सलाह दी है।
बैठक में पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारियों का किसी भी माध्यम से प्रसार न केवल गैर-जिम्मेदाराना और देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकता है। इसके अलावा उन्होंने सभी नागरिकों, विशेषकर युवाओं को सलाह दी कि सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करने से पहले उसकी सत्यता, संवेदनशीलता और संभावित प्रभावों पर विचार करें। किसी भी संदेहास्पद व्यक्ति, गतिविधि या सूचना को तुरंत संबंधित सुरक्षा एजेंसी या प्रशासन को सूचित करें। बैठक में एडीसी साहिल गुप्ता, सीईओ जिला परिषद सतबीर मान, एसडीएम शिखा, एसडीएम बल्लभगढ़ मयंक भारद्वाज, डीसीपी उषा कुंडू, डीसीपी अभिषेक जोरवाल, सीटीएम अंकित कुमार आदि मौजूद रहे।
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वार्ड और पंचायत स्तर तक सायरन के जरिए पहुंचे आपातकाल की जानकारी
जिला उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वार्ड स्तर पर और पंचायत स्तर तक सायरन के जरिए आपातकाल जैसी स्थिति की जानकारी का अलर्ट पहुंचना चाहिए। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को तैयारियों को पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से सुझावों के आधार पर आपदा प्रबंधन योजना में संशोधन कर कर्मचारियों को नियमित रूप से प्रशिक्षित करने के लिए कहा।
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स्कूल-कॉलेज और स्वास्थ्य केंद्रों में प्रशिक्षण देने के निर्देश
जिला उपायुक्त ने आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए स्कूल, कॉलेज और अस्पतालों में सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। शैक्षणिक संस्थानों और स्वास्थ्य केंद्रों में अग्निशमन, भूकंप, बाढ़ अथवा अन्य आपदाओं से निपटने के लिए फिजिकल ड्रिल्स और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिए जाएंगे।