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Faridabad News: ट्रांसपोर्टरों से रिश्वत मामले में आरोपी धीरज गर्ग को भेजा जेल
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रिमांड के दौरान पूछताछ में रिश्वत लेने की बात कबूली
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। ट्रांसपोर्टरों से रिश्वत मामले में आईआरएस धीरज गर्ग की तीन दिन की रिमांड पूरी होने के बाद बुधवार भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने अदालत में पेश कर जेल भेज दिया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की पूछताछ में आरोपी ने ट्रांसपोर्टरों से रिश्वत में शामिल होने की बात कबूली है। साथ ही टीम ने आरोपी के पंचकूला स्थित घर और गुरुग्राम ठिकानों पर तलाशी ली। यहां से कई अहम दस्तावेज कब्जे में लिए हैं। अब इस मामले में शामिल बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी करेगी। इनमें कुछ अधिकारी और ठेकेदार शामिल हैं। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के जांच अधिकारी व डीएसपी विजिलेंस राणा स्वामी पार्थ सारथी ने बताया कि रिमांड के दौरान आईआरएस अधिकारी धीरज गर्ग ने उनके पंचकूला स्थित घर पर कई अहम दस्तावेज होने की बात कही। इसके अलावा गुरुग्राम के ठिकानों कुछ सबूतों की बात कही। सभी जगह टीम भेज कर जांच कराई गई तो कई अहम दस्तावेज एसीबी के हाथ लगे हैं। इनकी बारीकी से जांच की जा रही है। जांच में सामने आया कि आबकारी एवं कराधान विभाग में तैनात
अधिकांश अधिकारी इस मामले में शामिल हैं। इनकी भी निगरानी की जा रही है। वहीं पिछले दिनों जांच कार्रवाई के दौरान अधिकारी दिल्ली, गुरुग्राम और पंचकूला में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को 200 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति मिली है। धीरज गर्ग साल 2004 बैच का आइआरएस अधिकारी है। वर्ष 2020 से हरियाणा में प्रतिनियुक्ति पर है। भ्रष्टाचार की शिकायतों के बाद अक्तूबर 2022 में नियुक्ति हरियाणा कौशल विकास निगम में मिशन निदेशक के तौर पर हुई। इससे पहले वह पंचकूला में आबकारी एवं कराधान (इंफोर्समेंट) अतिरिक्त आयुक्त के तौर पर तैनात था। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो प्रवक्ता के अनुसार साल 2022 में दर्ज पलवल के एक मामले की जांच में गर्ग कथित तौर पर कर चोरी करने वाले ट्रांसपोर्टरों से रिश्वत लेने के रैकेट में शामिल पाया गया था।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। ट्रांसपोर्टरों से रिश्वत मामले में आईआरएस धीरज गर्ग की तीन दिन की रिमांड पूरी होने के बाद बुधवार भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने अदालत में पेश कर जेल भेज दिया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की पूछताछ में आरोपी ने ट्रांसपोर्टरों से रिश्वत में शामिल होने की बात कबूली है। साथ ही टीम ने आरोपी के पंचकूला स्थित घर और गुरुग्राम ठिकानों पर तलाशी ली। यहां से कई अहम दस्तावेज कब्जे में लिए हैं। अब इस मामले में शामिल बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी करेगी। इनमें कुछ अधिकारी और ठेकेदार शामिल हैं। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के जांच अधिकारी व डीएसपी विजिलेंस राणा स्वामी पार्थ सारथी ने बताया कि रिमांड के दौरान आईआरएस अधिकारी धीरज गर्ग ने उनके पंचकूला स्थित घर पर कई अहम दस्तावेज होने की बात कही। इसके अलावा गुरुग्राम के ठिकानों कुछ सबूतों की बात कही। सभी जगह टीम भेज कर जांच कराई गई तो कई अहम दस्तावेज एसीबी के हाथ लगे हैं। इनकी बारीकी से जांच की जा रही है। जांच में सामने आया कि आबकारी एवं कराधान विभाग में तैनात
अधिकांश अधिकारी इस मामले में शामिल हैं। इनकी भी निगरानी की जा रही है। वहीं पिछले दिनों जांच कार्रवाई के दौरान अधिकारी दिल्ली, गुरुग्राम और पंचकूला में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को 200 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति मिली है। धीरज गर्ग साल 2004 बैच का आइआरएस अधिकारी है। वर्ष 2020 से हरियाणा में प्रतिनियुक्ति पर है। भ्रष्टाचार की शिकायतों के बाद अक्तूबर 2022 में नियुक्ति हरियाणा कौशल विकास निगम में मिशन निदेशक के तौर पर हुई। इससे पहले वह पंचकूला में आबकारी एवं कराधान (इंफोर्समेंट) अतिरिक्त आयुक्त के तौर पर तैनात था। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो प्रवक्ता के अनुसार साल 2022 में दर्ज पलवल के एक मामले की जांच में गर्ग कथित तौर पर कर चोरी करने वाले ट्रांसपोर्टरों से रिश्वत लेने के रैकेट में शामिल पाया गया था।
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