फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   Accountant absconds after cheating law firm operator of Rs 9.5 lakh

Faridabad News: सिर पर मौत का खतरा, फिर भी बंद फाटक पार कर रहे लोग

Thu, 11 Apr 2024 11:03 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 11 Apr 2024 11:03 PM IST
विज्ञापन
Accountant absconds after cheating law firm operator of Rs 9.5 lakh
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन



फरीदाबाद। बार-बार हो रहे रेल हादसों के बाद भी शहर के लोग चंद मिनटों को बचाने के लिए जान की बाजी लगाने से तनिक भी नहीं कतरा रहे हैं। इसे लोगों की मजबूरी कहा जाए या लापरवाही या फिर प्रशासन की अनदेखी। इस तरह लोगों की असावधानी से मौतों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। बुधवार रात एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने से स्कूटी सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। बृहस्पतिवार को रेलवे फाटकों की पड़ताल की गई। स्थिति बेहद चिंताजनक दिखाई दी। बंद फाटक होने के बाद भी लोग बेखौफ होकर ट्रैक पार करते हुए नजर आए। मुजेसर रेलवे फाटक से प्रतिदिन 240 एक्सप्रेस, मालगाड़ी और लोकल ट्रेनें गुजरती हैं। पेश है रिपोर्टर निभा रजक और फोटो जर्नलिस्ट जोगेंद्र शर्मा की एक रिपोर्ट।
सुबह करीब साढ़े 10 बजे (मुजेसर फाटक)
-फाटक बंद, फिर भी ट्रैक पार कर रहे लोग

हादसे के अगले ही दिन सुबह करीब 10:30 बजे मुजेसर रेलवे स्टेशन पर फाटक बंद होने के बावजूद लोग बेखौफ ट्रैक पार करते नजर आए। एक महिला और बच्ची जैसे ही ट्रैक से निकली उस ट्रैक पर मालगाड़ी आ गई। स्थिति इतनी भयावह है कि मौत का खतरा सिर पर मंडरा रहा है लेकिन लोग जान जोखिम में डालने से भी संकोच नहीं कर रहे हैं। फाटक पार कर रहे पंकज और संजय ने बताया कि सेक्टर-9 की निजी कंपनी में काम करते हैं। उन्हें प्रतिदिन फाटक से गुजरना होता है। एक बार में फाटक कम से 15-20 मिनट के लिए बंद होता है। काम पर देरी से न पहुंचे इसलिए मजबूरन बंद रेलवे फाटक को पार करते हैं। रेलवे फाटक पर लोगों को रोकने या कार्रवाई के लिए एक भी जीआरपी का अधिकारी तैनात नहीं है।
विज्ञापन

-----


सुबह करीब 11 बजे (न्यू टाउन रेलवे स्टेशन)
रेलवे ओवर ब्रिज होने के बाद भी ट्रैक पार करते हैं लोग
न्यू टाउन रेलवे स्टेशन पर भी लापरवाही का मंजर दिखाई दिया। लोग रेलवे ओवर ब्रिज होने के बाद भी स्टेशन पर एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाने के लिए ट्रैक पार कर रहे हैं। डबुआ कॉलोनी निवासी भारत ने बताया कि उन्हें दिल्ली जाना है। न्यू टाउन रेलवे स्टेशन पर रेलवे ओवरब्रिज की सीढ़ियां चढ़ते-चढ़ते पैरों में दर्द हो जाता है। ट्रैक पार करते हुए डर तो बहुत लगता है लेकिन मजबूरी में करना पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

दोपहर करीब 12 बजे (लक्कड़पुर रेलवे फाटक)
हर महीने 10-15 होते हैं हादसे

रेलवे फाटक के पास दयालबाग, लकड़पुर, शिव दुर्गा विहार, इरोज गार्डन, चार्मवुड़ विलेज और प्रहलादपुर में रहने लगभग तीन लाख लोगों को राष्ट्रीय राजमार्ग की ओर जाने के लिए रेलवे फाटक पार करना पड़ता है। फाटक पर सुबह-शाम भीड़ रहती है। बृहस्पतिवार को भी लोग मजबूरन जान जोखिम में डालकर फाटक पार कर रहे थे। स्थानीय निवासी रोशन और कुणाल ने बताया कि प्रतिमाह 10-15 रेल हादसे होते हैं। वहीं तत्कालीन पार्षद जितेंद्र भड़ाना और रेजिडेंस वेलफेयर सोसाइटी दयालबाग के प्रधान डीएस राना व अध्यक्ष जेपी मिश्रा के अनुसार रेलवे फाटक पर लंबे समय से अंडरपास बनवाने की मांग की जा रही है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो पाई है।







आंकड़ों पर एक नजर - साल 2021 में 276, साल 2022 में 367 और 2023 में 326 और जनवरी 2024 से 27 मार्च 2024 तक 65 लोगों की ट्रेन की चपेट में आने से जान गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed