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मैजिक पेन का इस्तेमाल कर खाता खाली करने वाले धरे
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फरीदाबाद। मैजिक पैन का इस्तेमाल कर लोगों के बैंक खाते साफ करने वाले चार बदमाशों को साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान गांव झाड़सा गुरुग्राम निवासी पवन, ज्योति नगर (दिल्ली) निवासी राहुल, मजलिस पार्क (दिल्ली) निवासी बलबीर, हर्ष विहार (दिल्ली) निवासी अमित सक्सेना के रूप में हुई है। आरोपियों ने फरीदाबाद में तीन वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से साढ़े तीन लाख रुपये, मोबाइल फोन व कई मैजिक पेन बरामद किए हैं।
आरोपी कार कंपनी के प्रतिनिधि बनकर लोगों को फोन करते थे। यह लोगों को मामूली राशि में कार की वारंटी बढ़ाने का झांसा देते थे। जैसे ही लोग इनकी बातों में आ जाते यह उनके घर चेक लेने आते और उस चेक में रकम अपने मैजिक पेन से डालते और हस्ताक्षर कार मालिक के पेन से कराते थे। मैजिक पेन की स्याही कुछ देर बाद उड़ जाती है। इसके बाद आरोपी चेक पर मनमानी रकम भरकर रुपये निकाल लेते थे।
इन वारदात को दिया था अंजाम
आरोपियों ने 16 जनवरी को सेक्टर-15 निवासी अशोक खन्ना से 11 सौ रुपये का चेक ले लिया था। बाद में उनके खाते से 1.90 लाख रुपये निकाल लिए। 29 अक्तूबर 2020 को सेक्टर-31 निवासी व्यक्ति से 1050 रुपये का चेक हासिल किया और बाद में खाते से 3.40 लाख रुपये निकाल लिए। 31 दिसंबर 2020 को इस गिरोह ने सराय ख्वाजा निवासी व्यक्ति से 1150 रुपये का चेक लिया। बाद में खाते से एक लाख रुपये निकाल लिए।
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पीड़ित का कॉल अपने पास कर लेते थे डायवर्ट
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने दिल्ली-एनसीआर में कई वारदात को अंजाम दिया है। साइबर थाना प्रभारी बसंत कुमार ने बताया कि जिस व्यक्ति को ठगना होता था आरोपी उसकी कॉल भी अपने पास डायवर्ट कर लेते थे। जब आरोपी चेक पर नई रकम भरकर बैंक में जाते तो बैंक कर्मी जांच के लिए खाता धारक को फोन करते थे। कॉल डायवर्ट होने के कारण यह कॉल भी बदमाशों के पास पहुंचती थी। वह चेक देने के बारे में हामी भर देते थे। इस तरह आरोपी पैसे लेकर फरार हो जाते थे। आरोपियों से पुलिस पूछताछ में जुटी है कि इस गिरोह में और कितने लोग जुड़े हुए हैं।
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आरोपी कार कंपनी के प्रतिनिधि बनकर लोगों को फोन करते थे। यह लोगों को मामूली राशि में कार की वारंटी बढ़ाने का झांसा देते थे। जैसे ही लोग इनकी बातों में आ जाते यह उनके घर चेक लेने आते और उस चेक में रकम अपने मैजिक पेन से डालते और हस्ताक्षर कार मालिक के पेन से कराते थे। मैजिक पेन की स्याही कुछ देर बाद उड़ जाती है। इसके बाद आरोपी चेक पर मनमानी रकम भरकर रुपये निकाल लेते थे।
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इन वारदात को दिया था अंजाम
आरोपियों ने 16 जनवरी को सेक्टर-15 निवासी अशोक खन्ना से 11 सौ रुपये का चेक ले लिया था। बाद में उनके खाते से 1.90 लाख रुपये निकाल लिए। 29 अक्तूबर 2020 को सेक्टर-31 निवासी व्यक्ति से 1050 रुपये का चेक हासिल किया और बाद में खाते से 3.40 लाख रुपये निकाल लिए। 31 दिसंबर 2020 को इस गिरोह ने सराय ख्वाजा निवासी व्यक्ति से 1150 रुपये का चेक लिया। बाद में खाते से एक लाख रुपये निकाल लिए।
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पीड़ित का कॉल अपने पास कर लेते थे डायवर्ट
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने दिल्ली-एनसीआर में कई वारदात को अंजाम दिया है। साइबर थाना प्रभारी बसंत कुमार ने बताया कि जिस व्यक्ति को ठगना होता था आरोपी उसकी कॉल भी अपने पास डायवर्ट कर लेते थे। जब आरोपी चेक पर नई रकम भरकर बैंक में जाते तो बैंक कर्मी जांच के लिए खाता धारक को फोन करते थे। कॉल डायवर्ट होने के कारण यह कॉल भी बदमाशों के पास पहुंचती थी। वह चेक देने के बारे में हामी भर देते थे। इस तरह आरोपी पैसे लेकर फरार हो जाते थे। आरोपियों से पुलिस पूछताछ में जुटी है कि इस गिरोह में और कितने लोग जुड़े हुए हैं।