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Faridabad News: जीएसटी पोर्टल पर नहीं हो रहा आधार कार्ड लिंक, उद्यमी परेशान
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। जीएसटी पोर्टल पर आधार सत्यापन में हो रही समस्या उद्यमियों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। सेक्टर-12 जीएसटी कार्यालय में रोजाना पांच से सात उद्यमी इसकी शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। इसके बावजूद समस्या का कोई समाधान नहीं हो रहा है। इसके कारण एक बार लाइसेंस रद होने के बाद उन्हें दोबारा लाइसेंस लेने में भी दिक्कत आ रही है। ई-वे बिल बनाने में दिक्कत के साथ, देरी से रिटर्न दाखिल करने पर जुर्माना अदा करना पड़ रहा है, जिससे उद्यमी काफी परेशान है।
सरकार की ओर से वर्ष 2017 में लागू की गई नई टैक्स प्रणाली वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) में समय के साथ कई बदलाव किए गए। इससे उद्यमियों को टैक्स अदा करने में राहत मिल सके। बावजूद इसके कई तकनीकी खामियां बरकरार हैं। सबसे बड़ी दिक्कत आधार सत्यापन में आ रही है। इसे लेकर विभाग में रोजाना शिकायतें पहुंच रही है। उद्यमियों ने बताया कि किन्हीं कारणों से एक बार जीएसटी लाइसेंस रद होने पर उन्हें दोबारा जुड़वाना आसान कार्य नहीं है। कई बार उद्यमी समय पर रिर्टन दाखिल नहीं कर पाते हैं। ऐसे में ऑनलाइन व्यवस्था होने के कारण ऑटोमेटिक ही उनका लाइसेंस रद कर दिया जाता है।
यदि अतिरिक्त शुल्क के साथ वह दोबारा पोर्टल पर लाइसेंस के लिए आवेदन करते हैं तो उसके लिए पहले से जमा सभी दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाता संबंधी जानकारी व अन्य दस्तावेजों की मूल कॉपी पोर्टल पर अपलोड करवानी होती है। सभी दस्तावेजों की मूल कॉपी जमा होने के बाद आधार सत्यापन में लगातार दिक्कत आ रही है। पुराने आधार की मूल कॉपी अपलोड करने पर वेबसाइट में तकनीकी खामियाें के कारण उसे रद दिखा दिया जाता है। हालांकि, उद्यमियों की समस्या के समाधान के लिए सरकार ने कॉल सेंटर भी खोला हुआ है। वहां शिकायत करने पर 15 से एक माह का समय दिया जाता है। उद्यमियों ने इसे एक सप्ताह की मांग की है।
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ई-वे बिल नहीं बनते, कंपनियों में कामकाज हो जाता ठप
सरकार की ओर से 50 हजार से अधिक रुपये के माल ढुलाई के लिए उद्यमियों को इलेक्ट्रॉनिक-वे बिल बनाना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके बिना कंपनी से माल नहीं निकल सकता। वहीं, कंपनी का एक बार जीएसटी पंजीकरण नंबर रद होने के बाद भले ही वह पोर्टल पर आवेदन कर दें। लेकिन, जब तक लाइसेंस नहीं मिल जाता वह काम नहीं कर सकता है। इससे कंपनियों की उत्पादन क्षमता भी असर पड़ता है। हाल ही में ऐसे कई मामले देखने को मिले है।
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बातचीत
जीएसटी पोर्टल पर आधार सत्यापन में दिक्कत है। तकनीकी खामियों के कारण उद्यमियों को परेशानी होती है। सरकार की ओर से 15 से एक माह का समय तय किया गया है। इस समय को कम करना चाहिए। इसे लेकर कई बार अधिकारियों के समक्ष मांग भी उठाई गई है। - राजीव गौड़, प्रधान, जिला टैक्स बार एसोसिएशन
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किन्हीं कारणों से पिछले दिनों एक उद्यमी का जीएसटी पंजीकरण नंबर रद हो गया था। उसे दोबारा से जुड़वाने के लिए सभी मूल दस्तावेज पोर्टल पर जमा किए गए, लेकिन आधार सत्यापन लगातार दिक्कतें आ रही हैं। इसमें सुधार की जरुरत है। -दीपक भाटिया, वरिष्ठ अधिवक्ता, जिला टैक्स बार एसोसिएशन
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जीएसटी पोर्टल में पहले से काफी सुधार हुआ है, लेकिन इसे और अपग्रेड करने की जरूरत हैं। इस पर सरकार को ध्यान देना चाहिए, जिससे उनकी समस्या का जल्द समाधान हो सके। - गौतम चौधरी, उपाध्यक्ष, लघु उद्योग भारती
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जीएसटी पोर्टल में पहले से काफी सुधार हुआ है। कुछ गलतियां उद्यमी की भी होती है। उन्हें पहले से प्रयास करना चाहिए कि रिटर्न समय पर दाखिल करें। वहीं, सरकार को पोर्टल को और सरल बनाना चाहिए, जिससे यह उद्यमियों के हित में हो। - रोहित रुंगटा, महासचिव, फरीदाबाद चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज
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सुधार के प्रयास जारी है
जीएसटी पोर्टल पर आ रही दिक्कतों को समय-समय पर उच्च अधिकारियों के समक्ष रखा जाता है। आधार कार्ड सत्यापन की समस्या को लेकर भी उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। - आरआर नैन, डीईटीसी, जीएसटी विभाग
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फरीदाबाद। जीएसटी पोर्टल पर आधार सत्यापन में हो रही समस्या उद्यमियों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। सेक्टर-12 जीएसटी कार्यालय में रोजाना पांच से सात उद्यमी इसकी शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। इसके बावजूद समस्या का कोई समाधान नहीं हो रहा है। इसके कारण एक बार लाइसेंस रद होने के बाद उन्हें दोबारा लाइसेंस लेने में भी दिक्कत आ रही है। ई-वे बिल बनाने में दिक्कत के साथ, देरी से रिटर्न दाखिल करने पर जुर्माना अदा करना पड़ रहा है, जिससे उद्यमी काफी परेशान है।
सरकार की ओर से वर्ष 2017 में लागू की गई नई टैक्स प्रणाली वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) में समय के साथ कई बदलाव किए गए। इससे उद्यमियों को टैक्स अदा करने में राहत मिल सके। बावजूद इसके कई तकनीकी खामियां बरकरार हैं। सबसे बड़ी दिक्कत आधार सत्यापन में आ रही है। इसे लेकर विभाग में रोजाना शिकायतें पहुंच रही है। उद्यमियों ने बताया कि किन्हीं कारणों से एक बार जीएसटी लाइसेंस रद होने पर उन्हें दोबारा जुड़वाना आसान कार्य नहीं है। कई बार उद्यमी समय पर रिर्टन दाखिल नहीं कर पाते हैं। ऐसे में ऑनलाइन व्यवस्था होने के कारण ऑटोमेटिक ही उनका लाइसेंस रद कर दिया जाता है।
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यदि अतिरिक्त शुल्क के साथ वह दोबारा पोर्टल पर लाइसेंस के लिए आवेदन करते हैं तो उसके लिए पहले से जमा सभी दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाता संबंधी जानकारी व अन्य दस्तावेजों की मूल कॉपी पोर्टल पर अपलोड करवानी होती है। सभी दस्तावेजों की मूल कॉपी जमा होने के बाद आधार सत्यापन में लगातार दिक्कत आ रही है। पुराने आधार की मूल कॉपी अपलोड करने पर वेबसाइट में तकनीकी खामियाें के कारण उसे रद दिखा दिया जाता है। हालांकि, उद्यमियों की समस्या के समाधान के लिए सरकार ने कॉल सेंटर भी खोला हुआ है। वहां शिकायत करने पर 15 से एक माह का समय दिया जाता है। उद्यमियों ने इसे एक सप्ताह की मांग की है।
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ई-वे बिल नहीं बनते, कंपनियों में कामकाज हो जाता ठप
सरकार की ओर से 50 हजार से अधिक रुपये के माल ढुलाई के लिए उद्यमियों को इलेक्ट्रॉनिक-वे बिल बनाना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके बिना कंपनी से माल नहीं निकल सकता। वहीं, कंपनी का एक बार जीएसटी पंजीकरण नंबर रद होने के बाद भले ही वह पोर्टल पर आवेदन कर दें। लेकिन, जब तक लाइसेंस नहीं मिल जाता वह काम नहीं कर सकता है। इससे कंपनियों की उत्पादन क्षमता भी असर पड़ता है। हाल ही में ऐसे कई मामले देखने को मिले है।
बातचीत
जीएसटी पोर्टल पर आधार सत्यापन में दिक्कत है। तकनीकी खामियों के कारण उद्यमियों को परेशानी होती है। सरकार की ओर से 15 से एक माह का समय तय किया गया है। इस समय को कम करना चाहिए। इसे लेकर कई बार अधिकारियों के समक्ष मांग भी उठाई गई है। - राजीव गौड़, प्रधान, जिला टैक्स बार एसोसिएशन
किन्हीं कारणों से पिछले दिनों एक उद्यमी का जीएसटी पंजीकरण नंबर रद हो गया था। उसे दोबारा से जुड़वाने के लिए सभी मूल दस्तावेज पोर्टल पर जमा किए गए, लेकिन आधार सत्यापन लगातार दिक्कतें आ रही हैं। इसमें सुधार की जरुरत है। -दीपक भाटिया, वरिष्ठ अधिवक्ता, जिला टैक्स बार एसोसिएशन
जीएसटी पोर्टल में पहले से काफी सुधार हुआ है, लेकिन इसे और अपग्रेड करने की जरूरत हैं। इस पर सरकार को ध्यान देना चाहिए, जिससे उनकी समस्या का जल्द समाधान हो सके। - गौतम चौधरी, उपाध्यक्ष, लघु उद्योग भारती
जीएसटी पोर्टल में पहले से काफी सुधार हुआ है। कुछ गलतियां उद्यमी की भी होती है। उन्हें पहले से प्रयास करना चाहिए कि रिटर्न समय पर दाखिल करें। वहीं, सरकार को पोर्टल को और सरल बनाना चाहिए, जिससे यह उद्यमियों के हित में हो। - रोहित रुंगटा, महासचिव, फरीदाबाद चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज
सुधार के प्रयास जारी है
जीएसटी पोर्टल पर आ रही दिक्कतों को समय-समय पर उच्च अधिकारियों के समक्ष रखा जाता है। आधार कार्ड सत्यापन की समस्या को लेकर भी उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। - आरआर नैन, डीईटीसी, जीएसटी विभाग