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अकबर हत्याकांड : अकबर के बिजनेस सांझेदारों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज
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अकबर के बिजनेस साझेदारों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज
परिजनों का आरोप, पिछले 15 दिन से अकबर को दे रहे थे धमकियां
साझेदारों को रुपये देने के लिए निकला था घर से, गाड़ी में नहीं मिले रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। करनेरा-समयपुर रोड पर प्रॉपर्टी डीलर की हत्या के मामले में थाना धौज पुलिस ने उनके साझेदारों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच के लिए तीन टीमों का गठन किया है। मृतक के परिजनों का आरोप है कि अकबर को पिछले 15 दिन से उनके साझेदार जान से मारने की धमकी दे रहे थे। वे उसे सांझेदारी से हटाने का षड्यंत्र रच रहे थे और उन्होंने अकबर पर 12.40 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाया था। अकबर इन आरोपों से आहत था और मंगलवार को रुपये देने के लिए ही घर से निकला था। बुधवार को पुलिस ने अकबर के शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया।
गांव नूनेहरा, सोहना, गुरुग्राम के पूर्व सरपंच और अकबर के चचेरे भाई इम्तियाज ने बताया कि अकबर कुछ दिनों से काफी परेशान था। उसके साझेदार उस पर गबन का आरोप लगाकर जान से मारने की धमकी दे रहे थे। वाईएके ग्रीन सिटी के नाम से अकबर अपने साझेदारों गांव करण की खेड़की, गुरुग्राम निवासी देंवेद्र उर्फ पप्पू, गांव आटा सोहना निवासी योगेंद्र उर्फ योगी, गुरुग्राम निवासी मीनाक्षी, शाहबुद्दीन और उसके दामाद इरशाद के साथ मिलकर समयपुर मंदिर के पीछे प्लाटिंग कर रहे थे। इन्होंने वाईएके ग्रीन सिटी के नाम से एक ऑफिस फरीदाबाद में बाटा चौक के पास और एक ओमेक्स, सोहना रोड, गुरुग्राम में बना रखा था। इनमें सबसे ज्यादा 50 फीसदी हिस्सेदारी अकबर की थी।
पिछले कुछ समय से सभी साझेदारों ने अकबर को साझेदारी से हटाने का षड्यंत्र रचना शुरू कर दिया था। करीब 20 दिन पहले उन्होंने उससे कहा था कि उसने कंपनी में 12.40 लाख रुपये का गबन किया है। पिछले 15 दिन से साझेदार चार बार अकबर के घर आकर उसे धमकी भी दे चुके थे। इस कारण अकबर ने उनका फोन उठाना बंद कर दिया और ऑफिस भी नहीं जा रहा था। 11 फरवरी को योगेंद्र आदि ने उनके एक जानकार कौशल पंडित से फोन करवाकर अकबर को गुरुग्राम वाले ऑफिस बुलाया। दोनों पक्षों में बैठक के बाद तय हुआ कि अकबर कंपनी में 12.40 लाख रुपये देगा। इसके लिए अकबर ने छह लाख रुपये ब्याज पर उठाए और दो लाख रुपये अपने रिश्तेदारों से लिए। मंगलवार को वह रुपये देने के लिए फरीदाबाद आया था। मगर दोपहर को उन्हें खबर मिली कि अकबर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। अकबर के पास मौजूद आठ लाख रुपये भी उसकी गाड़ी से गायब थे। थाना धौज प्रभारी निरीक्षक सुभाष कुमार ने बताया कि अकबर के बेटे वसीम की शिकायत पर इन सभी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच में क्राइम ब्रांच की टीमें भी जुटी हैं। सीसीटीवी कैमरों को फुटेज खंगाली जा रही है।
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परिजनों का आरोप, पिछले 15 दिन से अकबर को दे रहे थे धमकियां
साझेदारों को रुपये देने के लिए निकला था घर से, गाड़ी में नहीं मिले रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। करनेरा-समयपुर रोड पर प्रॉपर्टी डीलर की हत्या के मामले में थाना धौज पुलिस ने उनके साझेदारों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच के लिए तीन टीमों का गठन किया है। मृतक के परिजनों का आरोप है कि अकबर को पिछले 15 दिन से उनके साझेदार जान से मारने की धमकी दे रहे थे। वे उसे सांझेदारी से हटाने का षड्यंत्र रच रहे थे और उन्होंने अकबर पर 12.40 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाया था। अकबर इन आरोपों से आहत था और मंगलवार को रुपये देने के लिए ही घर से निकला था। बुधवार को पुलिस ने अकबर के शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया।
गांव नूनेहरा, सोहना, गुरुग्राम के पूर्व सरपंच और अकबर के चचेरे भाई इम्तियाज ने बताया कि अकबर कुछ दिनों से काफी परेशान था। उसके साझेदार उस पर गबन का आरोप लगाकर जान से मारने की धमकी दे रहे थे। वाईएके ग्रीन सिटी के नाम से अकबर अपने साझेदारों गांव करण की खेड़की, गुरुग्राम निवासी देंवेद्र उर्फ पप्पू, गांव आटा सोहना निवासी योगेंद्र उर्फ योगी, गुरुग्राम निवासी मीनाक्षी, शाहबुद्दीन और उसके दामाद इरशाद के साथ मिलकर समयपुर मंदिर के पीछे प्लाटिंग कर रहे थे। इन्होंने वाईएके ग्रीन सिटी के नाम से एक ऑफिस फरीदाबाद में बाटा चौक के पास और एक ओमेक्स, सोहना रोड, गुरुग्राम में बना रखा था। इनमें सबसे ज्यादा 50 फीसदी हिस्सेदारी अकबर की थी।
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पिछले कुछ समय से सभी साझेदारों ने अकबर को साझेदारी से हटाने का षड्यंत्र रचना शुरू कर दिया था। करीब 20 दिन पहले उन्होंने उससे कहा था कि उसने कंपनी में 12.40 लाख रुपये का गबन किया है। पिछले 15 दिन से साझेदार चार बार अकबर के घर आकर उसे धमकी भी दे चुके थे। इस कारण अकबर ने उनका फोन उठाना बंद कर दिया और ऑफिस भी नहीं जा रहा था। 11 फरवरी को योगेंद्र आदि ने उनके एक जानकार कौशल पंडित से फोन करवाकर अकबर को गुरुग्राम वाले ऑफिस बुलाया। दोनों पक्षों में बैठक के बाद तय हुआ कि अकबर कंपनी में 12.40 लाख रुपये देगा। इसके लिए अकबर ने छह लाख रुपये ब्याज पर उठाए और दो लाख रुपये अपने रिश्तेदारों से लिए। मंगलवार को वह रुपये देने के लिए फरीदाबाद आया था। मगर दोपहर को उन्हें खबर मिली कि अकबर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। अकबर के पास मौजूद आठ लाख रुपये भी उसकी गाड़ी से गायब थे। थाना धौज प्रभारी निरीक्षक सुभाष कुमार ने बताया कि अकबर के बेटे वसीम की शिकायत पर इन सभी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच में क्राइम ब्रांच की टीमें भी जुटी हैं। सीसीटीवी कैमरों को फुटेज खंगाली जा रही है।
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