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निमुनिया प्रतिरक्षा वेक्सीन का गरीब बच्चों को मिलेगा लाभ..राज्य में लॉच करने की तैयारी
Updated Tue, 31 Jul 2018 08:56 PM IST
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इस बार सर्दी में शिशुओं को नहीं सताएगा निमोनिया, होगा टीकाकरण
- राज्य के सरकारी अस्पतालों में सितंबर से शुरू होगा टीकाकरण
- व्यवस्था लागू होने पर इंद्रधनुष में सात नहीं, होंगे आठ वैक्सीन
- 9 माह तक के शिशु को लगवाना अनिवार्य होगा निमोनिया का टीका
मूर्ति दलाल
फरीदाबाद। इस बार सर्दी में शिशुओं को निमोनिया का खतरा नहीं सताएगा। हरियाणा राज्य के सरकारी अस्पतालों में अब निमोनिया से निजात पाने के लिए टीकाकरण किया जाएगा। सितंबर से शुरू होने जा रही इस नई व्यवस्था के लिए स्वास्थ्य अधिकारी इसी सप्ताह प्रदेश स्तरीय मंथन करने जा रहे हैं। हालांकि, अभी निमोनिया प्रतिरक्षा वैक्सीन बाजार में मिलता है, मगर महंगा होने के कारण आम आदमी इसे खरीद नहीं पाता। शिशु को तीन वैक्सीन का कोर्स कराना पड़ता है। एक वैक्सीन की कीमत करीब चार हजार रुपये है। सितंबर से यह वैक्सीन सरकारी अस्पतालों में निशुल्क उपलब्ध होगा।
हिमाचल प्रदेश की सरकार इस टीके को अपने सभी जिलों में लांच कर चुकी है, जबकि यूपी और बिहार के कुछ जिलों में ही यह टीका सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध है। ऐसे में हरियाणा देश का दूसरा राज्य होगा, जहां सभी जिलों में एक साथ इस वैक्सीन को सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध कराया जा रहा है। अगस्त के पहले सप्ताह में इस टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों की कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इसमें टीके की जानकारी उन्हें दी जाएगी। शिशु को तीन बार यह टीका लगाया जाता है। पहला टीका 45 दिनों में, दूसरा साढ़े तीन माह में और तीसरा टीका शिशु के 9 माह पूरे होने पर लगाया जाता है। ऐसे में इस पूरे कोर्स को करने के लिए करीब 12 हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं।
फरीदाबाद के बादशाह खान सिविल अस्पताल के सर्जन डॉ. रमेश ने बताया कि यह निमोनिया प्रतिरक्षण वैक्सीन शिशु को निशुल्क लगाया जाएगा। राज्य के पांचों वेयरहाउस में वैक्सीन पहुंच चुका है। स्वास्थ्य अधिकारियों की अगस्त के प्रथम माह में होने वाली ट्रेनिंग में वह खुद भी शामिल होंगे। इस ट्रेनिंग के बाद सितंबर से यह वैक्सीन हरियाणा के सभी जिला अस्पतालों में उपलब्ध होगा। इस वैक्सीन से शिशु मृत्यु दर को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। देश में बढ़ती शिशु मृत्यु दर की बड़ी वजह निमोनिया ही है। उन्होंने बताया कि इंद्रधनुष टीकाकरण योजना की तरह ही निमोनिया प्रतिरक्षा वैक्सीन की सुविधा आंगनबाड़ी केंद्रों और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यकर्ताओं द्वारा द्वारा घर-घर भी उपलब्ध कराई जाएगी।
- राज्य के सरकारी अस्पतालों में सितंबर से शुरू होगा टीकाकरण
- व्यवस्था लागू होने पर इंद्रधनुष में सात नहीं, होंगे आठ वैक्सीन
- 9 माह तक के शिशु को लगवाना अनिवार्य होगा निमोनिया का टीका
मूर्ति दलाल
फरीदाबाद। इस बार सर्दी में शिशुओं को निमोनिया का खतरा नहीं सताएगा। हरियाणा राज्य के सरकारी अस्पतालों में अब निमोनिया से निजात पाने के लिए टीकाकरण किया जाएगा। सितंबर से शुरू होने जा रही इस नई व्यवस्था के लिए स्वास्थ्य अधिकारी इसी सप्ताह प्रदेश स्तरीय मंथन करने जा रहे हैं। हालांकि, अभी निमोनिया प्रतिरक्षा वैक्सीन बाजार में मिलता है, मगर महंगा होने के कारण आम आदमी इसे खरीद नहीं पाता। शिशु को तीन वैक्सीन का कोर्स कराना पड़ता है। एक वैक्सीन की कीमत करीब चार हजार रुपये है। सितंबर से यह वैक्सीन सरकारी अस्पतालों में निशुल्क उपलब्ध होगा।
हिमाचल प्रदेश की सरकार इस टीके को अपने सभी जिलों में लांच कर चुकी है, जबकि यूपी और बिहार के कुछ जिलों में ही यह टीका सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध है। ऐसे में हरियाणा देश का दूसरा राज्य होगा, जहां सभी जिलों में एक साथ इस वैक्सीन को सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध कराया जा रहा है। अगस्त के पहले सप्ताह में इस टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों की कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इसमें टीके की जानकारी उन्हें दी जाएगी। शिशु को तीन बार यह टीका लगाया जाता है। पहला टीका 45 दिनों में, दूसरा साढ़े तीन माह में और तीसरा टीका शिशु के 9 माह पूरे होने पर लगाया जाता है। ऐसे में इस पूरे कोर्स को करने के लिए करीब 12 हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं।
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फरीदाबाद के बादशाह खान सिविल अस्पताल के सर्जन डॉ. रमेश ने बताया कि यह निमोनिया प्रतिरक्षण वैक्सीन शिशु को निशुल्क लगाया जाएगा। राज्य के पांचों वेयरहाउस में वैक्सीन पहुंच चुका है। स्वास्थ्य अधिकारियों की अगस्त के प्रथम माह में होने वाली ट्रेनिंग में वह खुद भी शामिल होंगे। इस ट्रेनिंग के बाद सितंबर से यह वैक्सीन हरियाणा के सभी जिला अस्पतालों में उपलब्ध होगा। इस वैक्सीन से शिशु मृत्यु दर को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। देश में बढ़ती शिशु मृत्यु दर की बड़ी वजह निमोनिया ही है। उन्होंने बताया कि इंद्रधनुष टीकाकरण योजना की तरह ही निमोनिया प्रतिरक्षा वैक्सीन की सुविधा आंगनबाड़ी केंद्रों और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यकर्ताओं द्वारा द्वारा घर-घर भी उपलब्ध कराई जाएगी।
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