{"_id":"64c2ac49d79fea3bd9037498","slug":"80-percent-infection-patients-in-esics-ophthalmology-opd-faridabad-news-c-26-1-fbd1004-10146-2023-07-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: ईएसआईसी की नेत्र रोग ओपीडी में 80 फीसदी संक्रमण के मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: ईएसआईसी की नेत्र रोग ओपीडी में 80 फीसदी संक्रमण के मरीज
विज्ञापन
- डॉक्टरों ने लोगों सावधानी बरतने की दी सलाह
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। बारिश के बाद अस्पतालों में आंखों का संक्रमण के मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक सप्ताह पहले नेत्र रोग विभाग में जहां सौ मरीज इलाज के लिए पहुंचते थे। अब यह संख्या बढ़कर 150 से अधिक हो गई है। इनमें 80 फीसदी मरीज आंखों के संक्रमण वाले शामिल हैं। यही स्थिति निजी अस्पतालों में बनी हुई है। ऐसे में डॉक्टरों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
डॉक्टरों के अनुसार, बारिश के बाद उमस होने से बैक्टीरिया तेजी से फैलते हैं। पानी व अन्य माध्यमों से यह आंखों तक पहुंचकर लोगों को बीमार कर रहे हैं। इन दिनों लोगों की आंखों के ऊपरी हिस्से में सूजन की समस्याएं सामने आ रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि आंखें लाल होने, जलन व सूजन होने पर विशेषज्ञ की सलाह पर ही दवा लें। एनआईटी तीन ईएसआई मेडिकल कॉलेज व अस्पताल की वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. शशि वशिष्ठ ने बताया कि मानसून में संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है। हवा में नमी बढ़ने के कारण वैक्टीरिया, वायरस आसानी से पनपते हैं। उन्होंने कहा कि कंजक्टिवाइटिस की यह बीमारी सात दिन तक बेचैन करती है। इस बीमारी के कीटाणु अपनी उम्र पूरी करके ही खत्म होते हैं। इसमें दर्द निवारक दवा और एंटीबॉयोटिक आई ड्रॉप से राहत मिलती है। ईएसआईसी की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ़ आकांक्षा रघुवंशी का कहना है कि ओपीडी में रोजाना करीब 150 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इनमें 80 फीसदी आंखों के इंफेक्शन के मरीज शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि बारिश के दिनों में कंजक्टिवाइटिस से बचने के लिए दूसरों का रुमाल, तौलिया, मोबाइल को न छुएं। कंप्यूटर के की-बोर्ड पर काम करने के दौरान अंगुलियों को नाक या आंख पर न लगाएं। मरीज आंखों के किनारों को हल्के गुनगुने पानी में भिगोए रुई के फाहे से साफ करते रहें।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। बारिश के बाद अस्पतालों में आंखों का संक्रमण के मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक सप्ताह पहले नेत्र रोग विभाग में जहां सौ मरीज इलाज के लिए पहुंचते थे। अब यह संख्या बढ़कर 150 से अधिक हो गई है। इनमें 80 फीसदी मरीज आंखों के संक्रमण वाले शामिल हैं। यही स्थिति निजी अस्पतालों में बनी हुई है। ऐसे में डॉक्टरों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
डॉक्टरों के अनुसार, बारिश के बाद उमस होने से बैक्टीरिया तेजी से फैलते हैं। पानी व अन्य माध्यमों से यह आंखों तक पहुंचकर लोगों को बीमार कर रहे हैं। इन दिनों लोगों की आंखों के ऊपरी हिस्से में सूजन की समस्याएं सामने आ रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि आंखें लाल होने, जलन व सूजन होने पर विशेषज्ञ की सलाह पर ही दवा लें। एनआईटी तीन ईएसआई मेडिकल कॉलेज व अस्पताल की वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. शशि वशिष्ठ ने बताया कि मानसून में संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है। हवा में नमी बढ़ने के कारण वैक्टीरिया, वायरस आसानी से पनपते हैं। उन्होंने कहा कि कंजक्टिवाइटिस की यह बीमारी सात दिन तक बेचैन करती है। इस बीमारी के कीटाणु अपनी उम्र पूरी करके ही खत्म होते हैं। इसमें दर्द निवारक दवा और एंटीबॉयोटिक आई ड्रॉप से राहत मिलती है। ईएसआईसी की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ़ आकांक्षा रघुवंशी का कहना है कि ओपीडी में रोजाना करीब 150 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इनमें 80 फीसदी आंखों के इंफेक्शन के मरीज शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि बारिश के दिनों में कंजक्टिवाइटिस से बचने के लिए दूसरों का रुमाल, तौलिया, मोबाइल को न छुएं। कंप्यूटर के की-बोर्ड पर काम करने के दौरान अंगुलियों को नाक या आंख पर न लगाएं। मरीज आंखों के किनारों को हल्के गुनगुने पानी में भिगोए रुई के फाहे से साफ करते रहें।
विज्ञापन