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टीएपी से प्रभावित 8 साल की बच्ची ने पुलिस आयुक्त को किया ई-मेल
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फरीदाबाद। दिल्ली पब्लिक स्कूल की प्राइमरी विंग की छात्रा 8 वर्षीय तनिष्का ने पुलिस आयुक्त ओपी सिंह को ई-मेल करके टीन एज पुलिस (टीएपी) से जुड़ने की बात कही है। बच्ची का कहना है कि कई बार बड़ी कक्षाओं के छात्रों या सहपाठियों द्वारा परेशान किया जाता है। अध्यापकों को बताने के बावजूद समाधान नहीं हो पाता है। बच्ची ने मेल में लिखा है कि टीएपी के बनने से उन्हें उम्मीद है कि छोटी उम्र के बच्चों के लिए भी वह काफी मददगार होगी। तनिष्का के मेल पर पुलिस आयुक्त ने बच्चों को किसी भी तरह की समस्या के समाधान के लिए मदद करने का आश्वासन दिया।
एसीपी धारणा यादव ने बताया कि बुधवार को पुलिस आयुक्त को 8 वर्षीय बच्ची तनिष्का का ई-मेल मिला। तनिष्का डीपीएस सेक्टर-19 की छात्रा है और प्राइमरी विंग के रावी हाउस की उपकप्तान भी है। टीनएज पुलिस के संबंध में अखबारों में प्रकाशित खबरों को पढ़ने के बाद बच्ची ने अपने अभिभावकों से इसके बारे में सवाल पूछे तो उन्होंने उसे पुलिस आयुक्त को ई-मेल कर उन सवालों के जवाब जानने के लिए प्रेरित किया। बच्ची जानना चाहती थी कि क्या उसकी उम्र के बच्चे भी टीएपी का हिस्सा हो सकते हैं।
पुलिस आयुक्त ने तनिष्का के ई-मेल पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अच्छा लगा कि 8 साल की उम्र के बच्चे भी जागरूक हैं। उन्होंने कहा कि कभी-कभी बच्चे भी शिक्षकों को मामलों की रिपोर्ट करने से डरते हैं। कई बच्चे अपने माता-पिता को भी सब कुछ नहीं बताते और परेशान रहते हैं। पुलिस आयुक्त ने आश्वासन दिया कि हर पुलिस स्टेशन में आउटरीच अधिकारियों को तैनात किया जाएगा, जो किशोरों के साथ साथ तनिष्का की उम्र के वर्ग के बच्चों की भी मदद करेंगे। तनिष्का के माता-पिता पेशे से वकील हैं और उन्होंने वादा किया है कि वे भी स्वेच्छा से टीएपी की मदद करेंगे।
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एसीपी धारणा यादव ने बताया कि बुधवार को पुलिस आयुक्त को 8 वर्षीय बच्ची तनिष्का का ई-मेल मिला। तनिष्का डीपीएस सेक्टर-19 की छात्रा है और प्राइमरी विंग के रावी हाउस की उपकप्तान भी है। टीनएज पुलिस के संबंध में अखबारों में प्रकाशित खबरों को पढ़ने के बाद बच्ची ने अपने अभिभावकों से इसके बारे में सवाल पूछे तो उन्होंने उसे पुलिस आयुक्त को ई-मेल कर उन सवालों के जवाब जानने के लिए प्रेरित किया। बच्ची जानना चाहती थी कि क्या उसकी उम्र के बच्चे भी टीएपी का हिस्सा हो सकते हैं।
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पुलिस आयुक्त ने तनिष्का के ई-मेल पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अच्छा लगा कि 8 साल की उम्र के बच्चे भी जागरूक हैं। उन्होंने कहा कि कभी-कभी बच्चे भी शिक्षकों को मामलों की रिपोर्ट करने से डरते हैं। कई बच्चे अपने माता-पिता को भी सब कुछ नहीं बताते और परेशान रहते हैं। पुलिस आयुक्त ने आश्वासन दिया कि हर पुलिस स्टेशन में आउटरीच अधिकारियों को तैनात किया जाएगा, जो किशोरों के साथ साथ तनिष्का की उम्र के वर्ग के बच्चों की भी मदद करेंगे। तनिष्का के माता-पिता पेशे से वकील हैं और उन्होंने वादा किया है कि वे भी स्वेच्छा से टीएपी की मदद करेंगे।
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