{"_id":"6adcecb34d89ad395a015aec","slug":"53-petrol-pumps-inspected-83-motorists-fined-for-lacking-a-puc-pollution-under-control-certificate-faridabad-news-c-24-1-fbd1020-105310-2026-10-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: 53 पेट्रोल पंपों की जांच, पीयूसी के बिना मिले 83 वाहन चालकों के चालान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: 53 पेट्रोल पंपों की जांच, पीयूसी के बिना मिले 83 वाहन चालकों के चालान
विज्ञापन
सीएक्यूएम के ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ निर्देशों के पालन के लिए चलाया संयुक्त अभियान
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन ने पेट्रोल पंपों और प्रदूषण जांच केंद्रों पर निगरानी बढ़ा दी है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के निर्देश के अनुपालन में शुक्रवार को परिवहन विभाग और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की संयुक्त टीमों ने जिले के 53 पेट्रोल पंपों का निरीक्षण किया। इस दौरान वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी) के बिना मिले 83 वाहन चालकों के चालान किए गए। टीमों ने पेट्रोल पंपों पर संचालित 45 प्रदूषण जांच केंद्रों की कार्यप्रणाली भी जांची।
अभियान का उद्देश्य ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ नियम का प्रभावी पालन सुनिश्चित करना और वाहन चालकों को समय पर प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र बनवाने के लिए जागरूक करना है। निरीक्षण के दौरान पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए गए कि जिन वाहनों के पास वैध पीयूसी प्रमाणपत्र नहीं है, उन्हें ईंधन न दिया जाए। साथ ही, पेट्रोल पंपों पर चल रहे प्रदूषण जांच केंद्रों को निर्धारित नियमों के अनुसार काम करने और उनकी कार्यप्रणाली दुरुस्त रखने की हिदायत दी गई।
जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ), सहायक जिला परिवहन अधिकारी (एडीटीओ) और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीमों ने यह कार्रवाई की। अभियान में परिवहन विभाग की आरटीआई निरीक्षण टीम और जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक (डीएफएससी) के प्रतिनिधि भी शामिल रहे।
विज्ञापन
पुराने वाहनों को स्क्रैप कराने की अपील
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने वाहन मालिकों से अपील की कि जिन वाहनों की निर्धारित मियाद पूरी हो चुकी है, उन्हें नियमानुसार अधिकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्रों पर स्क्रैप कराएं। वाहन चालकों को समय पर पीयूसी प्रमाणपत्र बनवाने और पर्यावरण संरक्षण के नियमों का पालन करने के लिए भी जागरूक किया गया।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए जारी निर्देशों का पालन सभी संबंधित पक्षों की जिम्मेदारी है। ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए निरीक्षण और जागरूकता अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
प्रदूषण नियंत्रण को लेकर जारी निर्देश के चलते आरटीए विभाग की अलग-अलग टीमाें की ओर से जांच की जा रही है। अनियमितता पाए जाने वाले पंप संचालक व प्रदूषण जांच केंद्र संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-हरेन्द्र वीर, सहायक पविहन आयुक्त, गुरुग्राम
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन ने पेट्रोल पंपों और प्रदूषण जांच केंद्रों पर निगरानी बढ़ा दी है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के निर्देश के अनुपालन में शुक्रवार को परिवहन विभाग और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की संयुक्त टीमों ने जिले के 53 पेट्रोल पंपों का निरीक्षण किया। इस दौरान वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी) के बिना मिले 83 वाहन चालकों के चालान किए गए। टीमों ने पेट्रोल पंपों पर संचालित 45 प्रदूषण जांच केंद्रों की कार्यप्रणाली भी जांची।
अभियान का उद्देश्य ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ नियम का प्रभावी पालन सुनिश्चित करना और वाहन चालकों को समय पर प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र बनवाने के लिए जागरूक करना है। निरीक्षण के दौरान पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए गए कि जिन वाहनों के पास वैध पीयूसी प्रमाणपत्र नहीं है, उन्हें ईंधन न दिया जाए। साथ ही, पेट्रोल पंपों पर चल रहे प्रदूषण जांच केंद्रों को निर्धारित नियमों के अनुसार काम करने और उनकी कार्यप्रणाली दुरुस्त रखने की हिदायत दी गई।
विज्ञापन
जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ), सहायक जिला परिवहन अधिकारी (एडीटीओ) और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीमों ने यह कार्रवाई की। अभियान में परिवहन विभाग की आरटीआई निरीक्षण टीम और जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक (डीएफएससी) के प्रतिनिधि भी शामिल रहे।
विज्ञापन
पुराने वाहनों को स्क्रैप कराने की अपील
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने वाहन मालिकों से अपील की कि जिन वाहनों की निर्धारित मियाद पूरी हो चुकी है, उन्हें नियमानुसार अधिकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्रों पर स्क्रैप कराएं। वाहन चालकों को समय पर पीयूसी प्रमाणपत्र बनवाने और पर्यावरण संरक्षण के नियमों का पालन करने के लिए भी जागरूक किया गया।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए जारी निर्देशों का पालन सभी संबंधित पक्षों की जिम्मेदारी है। ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए निरीक्षण और जागरूकता अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
प्रदूषण नियंत्रण को लेकर जारी निर्देश के चलते आरटीए विभाग की अलग-अलग टीमाें की ओर से जांच की जा रही है। अनियमितता पाए जाने वाले पंप संचालक व प्रदूषण जांच केंद्र संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-हरेन्द्र वीर, सहायक पविहन आयुक्त, गुरुग्राम