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रेलवे में बोतलबंद पानी के कारोबार का झांसा देकर ठगी
Updated Fri, 23 Jun 2017 12:26 PM IST
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रेलवे में बोतल बंद पानी के कारोबार का झांसा दे 10 लाख ठगे
भारतीय रेलवे मेें बोतल बंद पानी की आपूर्ति के कारोबार में साझेदार बनाने के नाम पर एक व्यक्ति से दस लाख रुपये ठग लिये। पीड़ित ने एनआईटी थाने में मध्यप्रदेश के दो लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है।
व्यवसायी राजकुमार झा के मुताबिक, एक साल पहले दिल्ली में उनकी मुलाकात होशंगाबाद (मध्य प्रदेश) निवासी कमलेश चौरसिया से हुई थी। मेसर्स ज्योति फूड एंड एग्रो प्राइवेट लिमिटेड के मालिक कमलेश ने उन्हें बताया था कि उनका बोतल बंद पानी का मध्य प्रदेश में काफी बड़ा काम है। यह भी बताया कि भारतीय रेलवे में पानी की बोतलों की सप्लाई का बड़ा काम उन्हें मिलने वाला है। रेलवे से हुए पत्राचार और दस्तावेज दिखाते हुए कमलेश ने राजकुमार को इसमें पार्टनरशिप का ऑफर दिया। विश्वास कर उन्होंने प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। कमलेश ने बताया कि इस काम में शौर्या इंटरप्राइजेज भोपाल के मालिक जितेंद्र सिंह निवासी भोपाल भी पार्टनर हैं। तय हुआ कि तीनों के बीच इन्वेस्टमेंट के आधार पर मुनाफे का बंटवारा तय होगा। उन्होंने अगस्त और सितंबर 2016 में दो बार में दोनों फर्म के नाम दस लाख रुपये जमा करवा दिए। इसके बाद कमलेश और जितेंद्र उनसे मिलने फरीदाबाद आए, यहां दोनों ने बताया कि जल्द ही रेलवे से ऑर्डर मिलने वाला है। लौटने के बाद इन लोगों ने संपर्क नहीं किया। वह जब भी फोन करते तो उन्हें जल्द ही ऑर्डर मिलने का आश्वासन देकर टाल दिया जाता। उन्होंने दबाव बनाया तो दोनों ने धनराशि वापस करने को कहा लेकिन कोई समयसीमा नहीं बताई। राजकुमार का आरोप है कि दोनों ने उन्हें ठगने के लिए रेलवे के फर्जी दस्तावेज तैयार किए। एसएचओ एनआईटी इंस्पेक्टर मित्रपालघ ने बताया कि केस दर्ज कर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी गई है। दोनों कारोबारियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
भारतीय रेलवे मेें बोतल बंद पानी की आपूर्ति के कारोबार में साझेदार बनाने के नाम पर एक व्यक्ति से दस लाख रुपये ठग लिये। पीड़ित ने एनआईटी थाने में मध्यप्रदेश के दो लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है।
व्यवसायी राजकुमार झा के मुताबिक, एक साल पहले दिल्ली में उनकी मुलाकात होशंगाबाद (मध्य प्रदेश) निवासी कमलेश चौरसिया से हुई थी। मेसर्स ज्योति फूड एंड एग्रो प्राइवेट लिमिटेड के मालिक कमलेश ने उन्हें बताया था कि उनका बोतल बंद पानी का मध्य प्रदेश में काफी बड़ा काम है। यह भी बताया कि भारतीय रेलवे में पानी की बोतलों की सप्लाई का बड़ा काम उन्हें मिलने वाला है। रेलवे से हुए पत्राचार और दस्तावेज दिखाते हुए कमलेश ने राजकुमार को इसमें पार्टनरशिप का ऑफर दिया। विश्वास कर उन्होंने प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। कमलेश ने बताया कि इस काम में शौर्या इंटरप्राइजेज भोपाल के मालिक जितेंद्र सिंह निवासी भोपाल भी पार्टनर हैं। तय हुआ कि तीनों के बीच इन्वेस्टमेंट के आधार पर मुनाफे का बंटवारा तय होगा। उन्होंने अगस्त और सितंबर 2016 में दो बार में दोनों फर्म के नाम दस लाख रुपये जमा करवा दिए। इसके बाद कमलेश और जितेंद्र उनसे मिलने फरीदाबाद आए, यहां दोनों ने बताया कि जल्द ही रेलवे से ऑर्डर मिलने वाला है। लौटने के बाद इन लोगों ने संपर्क नहीं किया। वह जब भी फोन करते तो उन्हें जल्द ही ऑर्डर मिलने का आश्वासन देकर टाल दिया जाता। उन्होंने दबाव बनाया तो दोनों ने धनराशि वापस करने को कहा लेकिन कोई समयसीमा नहीं बताई। राजकुमार का आरोप है कि दोनों ने उन्हें ठगने के लिए रेलवे के फर्जी दस्तावेज तैयार किए। एसएचओ एनआईटी इंस्पेक्टर मित्रपालघ ने बताया कि केस दर्ज कर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी गई है। दोनों कारोबारियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
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