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Faridabad News: हरियाली बढ़ने के लिए लगाए जाएंगे 40 हजार पौधे
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर में बढ़ते प्रदूषण की रोकथाम के लिए नगर निगम ने नए सिरे से योजना तैयार की है। योजना के तहत शहर में करीब 40 हजार पेड़-पौधे लगाए जाएंगे। इस योजना पर करीब पांच करोड़ रुपये लागत आएगी।
स्मार्ट सिटी फरीदाबाद में लगे सहायक पेड़-पौधे पर्याप्त नहीं है। वहीं, अनेक इलाकों में पार्क और हरित पट्टियां पौधों के अभाव खराब हो चुके हैं, जबकि नगर निगम के पास करीब 750 पार्क हैं। इसके अलावा शहर विकास कार्यों के चलते हजारो पेड़-पौधे विकास की भेंट चढ़ गए हैं। एक्सप्रेस वे सर्विस रोड निर्माण के बीच आ रही ग्रीन बैल्ट को उजाड़ दिया गया। हालांकि एनएचएआई अधिकारियों का दावा था कि इससे दो गुना पौधे शहर में लगाए जाएंगे, जिससे इनकी भरपाई हो सके, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। यही कारण है कि नगर निगम ने चालू वित्त वर्ष में करीब 40 हजार पौधे लगाने का दावा किया है। विशेषज्ञों के मुताबिक पेड़-पौधे वातावरण के लिए फेफड़ों का काम करते हैं। पेड़-पौधे शुद्ध ऑक्सीजन छोड़ते हैं। प्रदूषण में शामिल कार्बन डाईऑक्साइड सोख कर हवा को शुद्ध बनाते हैं। पौधों की पत्तियां भी सल्फर डाई ऑक्साइड और नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड जैसे खतरनाक तत्व अपने में समा लेती हैं और हवा को साफ करती है। देवदार और साइप्रस जैसे पेड़ अच्छे एयर प्यूरिफायर का काम करते हैं। नगर निगम ने चालू वित्त वर्ष में करीब 40 हजार पौधे लगाने का दावा किया है।
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पांच साल में लगे डेढ़ लाख पौधे, 70 फीसदी सूखे
नगर निगम की ओर से पांच वर्षो में करीब 1.50 लाख पौधे लगाए हैं, लेकिन नियमित रूप से देखभाल न होने और लापरवाही के चलते इनमें से 70 फीसदी पौधे सूख गए हैं। जो पौधे जिंदा है, उनमें से अधिकांश स्थानीय लोगों की देखभाल के कारण बच सके हैं।
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ऑक्सी वन की योजना नहीं चढ़ी सिरे
नगर निगम की ओर से दो साल पहले शहर में चार जगह ऑक्सी वन तैयार करने की योजना तैयार की थी। इनमें डीएलएफ, सेक्टर-48, सेक्टर-50 और बल्लभगढ़ का क्षेत्र शामिल था। इन स्थानों पर घनावन विकसित किया जाना था। मियावाकी तकनीक से पौधारोण किया जाना था।
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पांच करोड़ रुपये किए जाएंगे योजना पर खर्च
स्मार्ट सिटी की हवा स्वच्छ बनाने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से नगर निगम को करीब 19 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है। इसके तहत नगर निगम की ओर से पांच करोड़ रुपये की लागत से शहर के विभिन्न इलाकों में पौधारोपण किया जाना चाहिए। छह करोड़ की लागत से सड़कों की मरम्मत और दो करोड़ की लागत से एंटी स्मॉग गन व प्यूरीफायर जैसे उपकरणों की खरीदे जाएंगे। इसके अलावा कुछ रकम सर्वे पर खर्च की जाएगी। जिससे प्रदूषण के कारणों का पता लगाकर उस पर काम किया जा सके।
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राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत नगर निगम ने स्मार्ट सिटी के प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए करीब 85 करोड़ की एक लघु कार्य योजना बनाई है। इसके तहत केंद्र सरकार से अभी 19 करोड़ रुपये के बजट ही मंजूर किया गया हे। इनमें पांच करोड़ रुपये पौधरोपण पर खर्च किए जाएंगे।
- बीरेंद्र कर्दम, मुख्य अभियंता, नगर निगम
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फरीदाबाद। शहर में बढ़ते प्रदूषण की रोकथाम के लिए नगर निगम ने नए सिरे से योजना तैयार की है। योजना के तहत शहर में करीब 40 हजार पेड़-पौधे लगाए जाएंगे। इस योजना पर करीब पांच करोड़ रुपये लागत आएगी।
स्मार्ट सिटी फरीदाबाद में लगे सहायक पेड़-पौधे पर्याप्त नहीं है। वहीं, अनेक इलाकों में पार्क और हरित पट्टियां पौधों के अभाव खराब हो चुके हैं, जबकि नगर निगम के पास करीब 750 पार्क हैं। इसके अलावा शहर विकास कार्यों के चलते हजारो पेड़-पौधे विकास की भेंट चढ़ गए हैं। एक्सप्रेस वे सर्विस रोड निर्माण के बीच आ रही ग्रीन बैल्ट को उजाड़ दिया गया। हालांकि एनएचएआई अधिकारियों का दावा था कि इससे दो गुना पौधे शहर में लगाए जाएंगे, जिससे इनकी भरपाई हो सके, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। यही कारण है कि नगर निगम ने चालू वित्त वर्ष में करीब 40 हजार पौधे लगाने का दावा किया है। विशेषज्ञों के मुताबिक पेड़-पौधे वातावरण के लिए फेफड़ों का काम करते हैं। पेड़-पौधे शुद्ध ऑक्सीजन छोड़ते हैं। प्रदूषण में शामिल कार्बन डाईऑक्साइड सोख कर हवा को शुद्ध बनाते हैं। पौधों की पत्तियां भी सल्फर डाई ऑक्साइड और नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड जैसे खतरनाक तत्व अपने में समा लेती हैं और हवा को साफ करती है। देवदार और साइप्रस जैसे पेड़ अच्छे एयर प्यूरिफायर का काम करते हैं। नगर निगम ने चालू वित्त वर्ष में करीब 40 हजार पौधे लगाने का दावा किया है।
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पांच साल में लगे डेढ़ लाख पौधे, 70 फीसदी सूखे
नगर निगम की ओर से पांच वर्षो में करीब 1.50 लाख पौधे लगाए हैं, लेकिन नियमित रूप से देखभाल न होने और लापरवाही के चलते इनमें से 70 फीसदी पौधे सूख गए हैं। जो पौधे जिंदा है, उनमें से अधिकांश स्थानीय लोगों की देखभाल के कारण बच सके हैं।
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ऑक्सी वन की योजना नहीं चढ़ी सिरे
नगर निगम की ओर से दो साल पहले शहर में चार जगह ऑक्सी वन तैयार करने की योजना तैयार की थी। इनमें डीएलएफ, सेक्टर-48, सेक्टर-50 और बल्लभगढ़ का क्षेत्र शामिल था। इन स्थानों पर घनावन विकसित किया जाना था। मियावाकी तकनीक से पौधारोण किया जाना था।
पांच करोड़ रुपये किए जाएंगे योजना पर खर्च
स्मार्ट सिटी की हवा स्वच्छ बनाने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से नगर निगम को करीब 19 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है। इसके तहत नगर निगम की ओर से पांच करोड़ रुपये की लागत से शहर के विभिन्न इलाकों में पौधारोपण किया जाना चाहिए। छह करोड़ की लागत से सड़कों की मरम्मत और दो करोड़ की लागत से एंटी स्मॉग गन व प्यूरीफायर जैसे उपकरणों की खरीदे जाएंगे। इसके अलावा कुछ रकम सर्वे पर खर्च की जाएगी। जिससे प्रदूषण के कारणों का पता लगाकर उस पर काम किया जा सके।
राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत नगर निगम ने स्मार्ट सिटी के प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए करीब 85 करोड़ की एक लघु कार्य योजना बनाई है। इसके तहत केंद्र सरकार से अभी 19 करोड़ रुपये के बजट ही मंजूर किया गया हे। इनमें पांच करोड़ रुपये पौधरोपण पर खर्च किए जाएंगे।
- बीरेंद्र कर्दम, मुख्य अभियंता, नगर निगम