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Faridabad News: ओल्ड फरीदाबाद से रोजाना उठेगा 370 मीट्रिक टन कचरा
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कूड़ा उठाने वाली गाड़ी की फाइल फोटो।
सफाई नहीं होने पर प्रतिदन 10 हजार का जुर्माना लगेगा, जीपीएस और रियल-टाइम निगरानी रहेगी अनिवार्य
कचरा जलाने पर 5 हजार प्रति मामला और खुले वाहन में कचरा ढोने पर 1 हजार रुपये प्रति वाहन का जुर्माना तय
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच नगर निगम ने ओल्ड फरीदाबाद जोन में कचरा प्रबंधन को पटरी पर लाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। शुरुआत में निगम ने ट्रायल के रूप में पांच माह के लिए करीब 2.48 करोड़ रुपये की लागत से योजना तैयार की है, इस नई योजना के तहत रोजाना 370 मीट्रिक टन कचरा उठाने का लक्ष्य तय किया गया है। इस बार पूरे सिस्टम को हाईटेक निगरानी से जोड़ते हुए एजेंसी की जवाबदेही भी तय की गई है। निगम ने लापरवाही बरतने पर प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना भी तय किया है।
निगम ने साफ कर दिया है कि अब कागजों में सफाई दिखाने के बजाय जमीनी स्तर पर काम का असर दिखना जरूरी है। इसके लिए जीपीएस ट्रैकिंग, रियल-टाइम फोटो और सख्त पेनल्टी क्लॉज को अनिवार्य किया गया है ताकि लापरवाही की कोई गुंजाइश न रहे। नई योजना के तहत ओल्ड फरीदाबाद के विभिन्न वार्डों से प्रतिदिन करीब 370 मीट्रिक टन कचरा एकत्र कर निर्धारित डंपिंग साइट तक पहुंचाया जाएगा। शुरुआती तौर पर यह अनुबंध पांच महीने के लिए होगा। निगम का मानना है कि नियमित और तय समय पर कचरा उठने से सड़कों और कॉलोनियों में जमा गंदगी की समस्या में बड़ी राहत मिलेगी।
जीपीएस और रियल-टाइम निगरानी अनिवार्य
इस बार कचरा उठाने वाले सभी वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाना अनिवार्य किया गया है। इसके साथ ही लोडिंग और अनलोडिंग के दौरान जियो-टैग्ड और टाइम स्टैम्प्ड फोटो भेजना भी जरूरी होगा। निगम अधिकारियों को व्हाट्सएप के जरिए यह डेटा उपलब्ध कराया जाएगा जिससे हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।
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हॉटस्पॉट इलाकों पर विशेष फोकस
पल्ला पुल, सेक्टर-37 बाईपास, अनंगपुर डेयरी, एतमादपुर, सेहतपुर और सेक्टर-15ए जैसे कचरा हॉटस्पॉट क्षेत्रों को प्राथमिकता में रखा गया है। इन स्थानों पर विशेष निगरानी के साथ नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। यहां कॉम्पेक्टर, डंपर और जेसीबी जैसी मशीनरी की तैनाती भी अनिवार्य होगी।
लापरवाही पर भारी जुर्माना
निगम ने इस योजना में सख्त पेनल्टी क्लॉज लागू किया है। अगर एजेंसी काम में ढिलाई बरतती है या सेवा बंद करती है तो औसत दैनिक कचरे के आधार पर 1.5 गुना तक जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा कचरा जलाने पर 5 हजार रुपये प्रति मामला और खुले वाहन में कचरा ढोने पर 1 हजार रुपये प्रति वाहन का जुर्माना तय किया गया है।
सफाई नहीं हुई तो रोजाना कटेंगे 10 हजार रुपये
यदि किसी स्थान पर सैकेंडरी कचरा पॉइंट साफ नहीं पाया जाता तो ठेकेदार पर 10 हजार रुपये प्रतिदिन की पेनल्टी लगेगी। इसके साथ ही बिना यूनिफॉर्म या सुरक्षा उपकरण के काम करने वाले कर्मचारियों पर 500 रुपये प्रति कर्मचारी का जुर्माना भी लगाया जाएगा।
पांच दिन में शुरू करना होगा काम
निगम ने स्पष्ट किया है कि अनुबंध होने के बाद एजेंसी को पांच दिनों के भीतर काम शुरू करना होगा। देरी या शर्तों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जाएगी है।
फरीदाबाद को स्वच्छ बनाने के लिए नगर निगम तेजी से काम कर रहा है। सफाई व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। - धीरेंद्र खड़गटा, निगम आयुक्त
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कचरा जलाने पर 5 हजार प्रति मामला और खुले वाहन में कचरा ढोने पर 1 हजार रुपये प्रति वाहन का जुर्माना तय
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच नगर निगम ने ओल्ड फरीदाबाद जोन में कचरा प्रबंधन को पटरी पर लाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। शुरुआत में निगम ने ट्रायल के रूप में पांच माह के लिए करीब 2.48 करोड़ रुपये की लागत से योजना तैयार की है, इस नई योजना के तहत रोजाना 370 मीट्रिक टन कचरा उठाने का लक्ष्य तय किया गया है। इस बार पूरे सिस्टम को हाईटेक निगरानी से जोड़ते हुए एजेंसी की जवाबदेही भी तय की गई है। निगम ने लापरवाही बरतने पर प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना भी तय किया है।
निगम ने साफ कर दिया है कि अब कागजों में सफाई दिखाने के बजाय जमीनी स्तर पर काम का असर दिखना जरूरी है। इसके लिए जीपीएस ट्रैकिंग, रियल-टाइम फोटो और सख्त पेनल्टी क्लॉज को अनिवार्य किया गया है ताकि लापरवाही की कोई गुंजाइश न रहे। नई योजना के तहत ओल्ड फरीदाबाद के विभिन्न वार्डों से प्रतिदिन करीब 370 मीट्रिक टन कचरा एकत्र कर निर्धारित डंपिंग साइट तक पहुंचाया जाएगा। शुरुआती तौर पर यह अनुबंध पांच महीने के लिए होगा। निगम का मानना है कि नियमित और तय समय पर कचरा उठने से सड़कों और कॉलोनियों में जमा गंदगी की समस्या में बड़ी राहत मिलेगी।
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जीपीएस और रियल-टाइम निगरानी अनिवार्य
इस बार कचरा उठाने वाले सभी वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाना अनिवार्य किया गया है। इसके साथ ही लोडिंग और अनलोडिंग के दौरान जियो-टैग्ड और टाइम स्टैम्प्ड फोटो भेजना भी जरूरी होगा। निगम अधिकारियों को व्हाट्सएप के जरिए यह डेटा उपलब्ध कराया जाएगा जिससे हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।
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हॉटस्पॉट इलाकों पर विशेष फोकस
पल्ला पुल, सेक्टर-37 बाईपास, अनंगपुर डेयरी, एतमादपुर, सेहतपुर और सेक्टर-15ए जैसे कचरा हॉटस्पॉट क्षेत्रों को प्राथमिकता में रखा गया है। इन स्थानों पर विशेष निगरानी के साथ नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। यहां कॉम्पेक्टर, डंपर और जेसीबी जैसी मशीनरी की तैनाती भी अनिवार्य होगी।
लापरवाही पर भारी जुर्माना
निगम ने इस योजना में सख्त पेनल्टी क्लॉज लागू किया है। अगर एजेंसी काम में ढिलाई बरतती है या सेवा बंद करती है तो औसत दैनिक कचरे के आधार पर 1.5 गुना तक जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा कचरा जलाने पर 5 हजार रुपये प्रति मामला और खुले वाहन में कचरा ढोने पर 1 हजार रुपये प्रति वाहन का जुर्माना तय किया गया है।
सफाई नहीं हुई तो रोजाना कटेंगे 10 हजार रुपये
यदि किसी स्थान पर सैकेंडरी कचरा पॉइंट साफ नहीं पाया जाता तो ठेकेदार पर 10 हजार रुपये प्रतिदिन की पेनल्टी लगेगी। इसके साथ ही बिना यूनिफॉर्म या सुरक्षा उपकरण के काम करने वाले कर्मचारियों पर 500 रुपये प्रति कर्मचारी का जुर्माना भी लगाया जाएगा।
पांच दिन में शुरू करना होगा काम
निगम ने स्पष्ट किया है कि अनुबंध होने के बाद एजेंसी को पांच दिनों के भीतर काम शुरू करना होगा। देरी या शर्तों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जाएगी है।
फरीदाबाद को स्वच्छ बनाने के लिए नगर निगम तेजी से काम कर रहा है। सफाई व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। - धीरेंद्र खड़गटा, निगम आयुक्त