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Faridabad News: पदयात्रा में भेजीं 32 बसें, यात्रियों को झेलनी पड़ी परेशानी
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करनाल में अमित शाह के कार्यक्रम के लिए बल्लभगढ़ डिपो से रवाना की गईं बसें
35 बसें खराब होने से पहले ही रूटों पर कम हैं बसें
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। करनाल में बृहस्पतिवार को भारतीय जनता पार्टी की पदयात्रा के लिए बल्लभगढ़ बस डिपो से 32 बसें भेजी गईं। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह इस पदयात्रा में शामिल हुए। बसों की कमी के कारण शहर और आसपास के रूटों पर यात्रियों, खासकर नौकरीपेशा लोगों और विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
फरीदाबाद जिले से पार्टी कार्यकर्ताओं को करनाल पहुंचाने के लिए ये बसें रवाना की गई थीं। भेजी गई 32 बसों में से करीब 15 बसों में ही पर्याप्त सवारियां थीं, जिन्हें करनाल भेजा गया। शेष 17 बसें सवारियां न मिलने के कारण पांच से छह घंटे बाद डिपो वापस बुला ली गईं। इन बसों को बाद में विभिन्न रूटों पर चलाया गया। पदयात्रा के लिए कुल 64 बसों की मांग की गई थी, लेकिन डिपो में बसों की उपलब्धता कम होने के कारण इतनी बसें नहीं भेजी जा सकीं। बृहस्पतिवार सुबह बसों का नियमित संचालन प्रभावित होने से गुरुग्राम, आगरा, अलीगढ़, मोहना और सोहना जाने वाले यात्रियों को सबसे अधिक दिक्कत हुई।
डिपो को करीब पांच से छह लाख रुपये के राजस्व का नुकसान
पदयात्रा के लिए भेजी गईं 17 बसों के पांच से छह घंटे तक खड़े रहने से डिपो को करीब पांच से छह लाख रुपये के राजस्व का नुकसान होने का अनुमान है। चीफ इंजीनियर पूरन सिंह ने बताया कि सरकार की ओर से बसों की मांग की गई थी। सभी 32 बसें भेजी गईं, लेकिन जिन बसों में सवारियां नहीं थीं, उन्हें वापस बुला लिया गया। बल्लभगढ़ बस डिपो में पहले से ही बसों की कमी है। डिपो में करीब 35 बसें लंबे समय से खराब खड़ी हैं। इनकी मरम्मत के लिए केवल एक सीनियर मैकेनिक उपलब्ध है। मैकेनिकों की कमी और कुछ बसों के टायरों की अनुपलब्धता के कारण मरम्मत में देरी हो रही है। 4 नवंबर की रात से ही कई बसों को पदयात्रा के लिए रोक लिया गया था, जिससे 5 नवंबर की सुबह भी रूट प्रभावित रहे।
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35 बसें खराब होने से पहले ही रूटों पर कम हैं बसें
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। करनाल में बृहस्पतिवार को भारतीय जनता पार्टी की पदयात्रा के लिए बल्लभगढ़ बस डिपो से 32 बसें भेजी गईं। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह इस पदयात्रा में शामिल हुए। बसों की कमी के कारण शहर और आसपास के रूटों पर यात्रियों, खासकर नौकरीपेशा लोगों और विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
फरीदाबाद जिले से पार्टी कार्यकर्ताओं को करनाल पहुंचाने के लिए ये बसें रवाना की गई थीं। भेजी गई 32 बसों में से करीब 15 बसों में ही पर्याप्त सवारियां थीं, जिन्हें करनाल भेजा गया। शेष 17 बसें सवारियां न मिलने के कारण पांच से छह घंटे बाद डिपो वापस बुला ली गईं। इन बसों को बाद में विभिन्न रूटों पर चलाया गया। पदयात्रा के लिए कुल 64 बसों की मांग की गई थी, लेकिन डिपो में बसों की उपलब्धता कम होने के कारण इतनी बसें नहीं भेजी जा सकीं। बृहस्पतिवार सुबह बसों का नियमित संचालन प्रभावित होने से गुरुग्राम, आगरा, अलीगढ़, मोहना और सोहना जाने वाले यात्रियों को सबसे अधिक दिक्कत हुई।
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डिपो को करीब पांच से छह लाख रुपये के राजस्व का नुकसान
पदयात्रा के लिए भेजी गईं 17 बसों के पांच से छह घंटे तक खड़े रहने से डिपो को करीब पांच से छह लाख रुपये के राजस्व का नुकसान होने का अनुमान है। चीफ इंजीनियर पूरन सिंह ने बताया कि सरकार की ओर से बसों की मांग की गई थी। सभी 32 बसें भेजी गईं, लेकिन जिन बसों में सवारियां नहीं थीं, उन्हें वापस बुला लिया गया। बल्लभगढ़ बस डिपो में पहले से ही बसों की कमी है। डिपो में करीब 35 बसें लंबे समय से खराब खड़ी हैं। इनकी मरम्मत के लिए केवल एक सीनियर मैकेनिक उपलब्ध है। मैकेनिकों की कमी और कुछ बसों के टायरों की अनुपलब्धता के कारण मरम्मत में देरी हो रही है। 4 नवंबर की रात से ही कई बसों को पदयात्रा के लिए रोक लिया गया था, जिससे 5 नवंबर की सुबह भी रूट प्रभावित रहे।
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