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मलेरिया रोकथाम के लिए स्वास्थ्य ने शुरू किया फीवर मास सर्वे
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‘फीवर मास सर्वे’ में ढूंढ़े जाएंगे बुखार के मरीज
फरीदाबाद। जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से मलेरिया की रोकथाम के लिए ‘फीवर मास सर्वे’ योजना शुरू की गइ है। योजना के तहत टीम के सदस्य घर-घर पहुंचकर बुखार के मरीजों के खून के सैंपल लेंगे। टेस्ट रिपोर्ट के आधार पर मरीजों का आगे का इलाज शुरू किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बारिश के मौसम में मलेरिया के रोगियों में तेजी से इजाफा होता है। हर साल सैकड़ों लोग मलेरिया की चपेट में आते हैं। जिले में सबसे ज्यादा मलेरिया के मरीज यमुना के आसपास के गांवों से आते हैं। इसके अलावा शहरी क्षेत्र में भी ऐसे मरीजों की संख्या कम नहीं होती है। समय से पूर्व मलेरिया की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने ‘फीवर मास सर्वे’ शुरू किया। यह सर्वे करीब एक माह तक चलेगा।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. राम भगत ने बताया कि सर्वे के लिए 25 टीमें बनाई गईं। प्रत्येक टीम में चार कर्मचारी शामिल हैं। सभी टीमों को गांव-गांव जाकर घरों में पहुंच बुखार के मरीजों के आंकड़े जुटाने के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ ही कर्मचारी मरीजों के लिए खून के नमूने भी लेंगे। मंगलवार को मलेरिया विभाग की टीम तिगांव में पहुंची। यहां कई मरीजों के खून के सैंपल लिए। सैंपलों को जांच के लिए सिविल अस्पताल भेजा गया। जांच के बाद इन मरीजों का इलाज शुरू किया जाएगा।
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फरीदाबाद। जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से मलेरिया की रोकथाम के लिए ‘फीवर मास सर्वे’ योजना शुरू की गइ है। योजना के तहत टीम के सदस्य घर-घर पहुंचकर बुखार के मरीजों के खून के सैंपल लेंगे। टेस्ट रिपोर्ट के आधार पर मरीजों का आगे का इलाज शुरू किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बारिश के मौसम में मलेरिया के रोगियों में तेजी से इजाफा होता है। हर साल सैकड़ों लोग मलेरिया की चपेट में आते हैं। जिले में सबसे ज्यादा मलेरिया के मरीज यमुना के आसपास के गांवों से आते हैं। इसके अलावा शहरी क्षेत्र में भी ऐसे मरीजों की संख्या कम नहीं होती है। समय से पूर्व मलेरिया की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने ‘फीवर मास सर्वे’ शुरू किया। यह सर्वे करीब एक माह तक चलेगा।
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जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. राम भगत ने बताया कि सर्वे के लिए 25 टीमें बनाई गईं। प्रत्येक टीम में चार कर्मचारी शामिल हैं। सभी टीमों को गांव-गांव जाकर घरों में पहुंच बुखार के मरीजों के आंकड़े जुटाने के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ ही कर्मचारी मरीजों के लिए खून के नमूने भी लेंगे। मंगलवार को मलेरिया विभाग की टीम तिगांव में पहुंची। यहां कई मरीजों के खून के सैंपल लिए। सैंपलों को जांच के लिए सिविल अस्पताल भेजा गया। जांच के बाद इन मरीजों का इलाज शुरू किया जाएगा।
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