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अनंगपुर गांव में आरएमसी सड़क निमार्ण में घपला
Updated Mon, 15 Oct 2018 05:52 PM IST
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लापरवाही : ठेकेदार को भुगतान, अधिकारी मेहरबान
फरीदाबाद। अनंगपुर गांव में बिछाई गई आरएमसी सड़क और फुटपाथ के बर्म लगाने में ठेकेदार और नगर निगम अधिकारियों ने अनियमितता की। ठेकेदार ने तय से अधिक निर्माण सामग्री खर्च कर दी। अधिकारियों ने जुर्माना लगाने के बजाय उल्टे ठेकेदार को इसका भुगतान कर दिया। मेहरबान अधिकारियों ने 5 फीसदी गारंटी रकम भी ठेकेदार से नहीं वसूली। निर्माण सामग्री भी तय मानक के अनुसार लगी या नहीं, यह भी तय नहीं। यह खुलासा विकास कार्य की ऑडिट रिपोर्ट में सामने आया।
नगर निगम की ओर से अनंगपुर गांव में डिस्पेंसरी से लेकर घंटियाला तक आरएमसी (रेडी मिक्स कंक्रीट) सड़क बनाने और फुटपाथ पर बर्म टाइलें लगाने का ठेका ब्रजलाल चौरसिया को 7 अप्रैल 2017 को दिया था। 94,78,277 रुपये से होने वाला यह विकास कार्य 19 अक्तूबर 2017 तक पूरा किया जाना था। ठेका शर्तों के अनुसार, ठेकेदार को कुल 1256.87 घनमीटर आरएमसी बिछानी थी। इसके लिए उसे 4949 रुपये प्रति घनमीटर की दर से भुगतान किया जाना था। शर्त में यह स्पष्ट उल्लेख था कि यदि तय मात्रा से अधिक निर्माण सामग्री का इस्तेमाल होता है तो उसके लिए ठेकेदार पर जुर्माना लगाया जाएगा। ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, ठेकेदार ने 1424 घनमीटर या 167.13 घनमीटर अधिक निर्माण सामग्री खपा दी। अधिकारियों ने ठेकेदार पर जुर्माना लगाने के बजाय उसे 8.27 लाख रुपये का भुगतान कर दिया।
आठ महीने देर से पूरा हुआ काम
ठेके की शर्त के अनुसार, निर्माण कार्य में देरी होने पर ठेकेदार पर एक प्रतिशत प्रतिदिन या कुल लागत का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाएगा। ऑडिट में पता चला कि निर्माण कार्य अक्तूबर 2017 की जगह आठ माह देरी से 18 जुलाई 2018 को पूर्ण हुआ। ठेकेदार ने समयसीमा बढ़ने का कोई कारण नहीं दिया। अधिकारियों ने ठेकेदार पर यह दस प्रतिशत यानी 9.48 लाख रुपये जुर्माना भी नहीं लगाया। निर्माण कार्य के दौरान ठेकेदार से पूरी लागत का पांच प्रतिशत यानी 4.74 लाख रुपये गारंटी राशि भी नहीं जमा करवाई गई। ऑडिट में यह भी सामने आया कि ठेकेदार ने पक्के बिल नहीं लगाए लेकिन उसे भुगतान कर दिया गया। निर्माण सामग्री की गुणवत्ता के लिए आधी अधूरी टेस्टिंग रिपोर्ट लगाई गई। निगम आयुक्त मो. शाईन ने बताया कि ऑडिट रिपोर्ट की कॉपी हरियाणा शहरी स्थानीय निकाय के प्रधान सचिव को भेजी गई है।
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फरीदाबाद। अनंगपुर गांव में बिछाई गई आरएमसी सड़क और फुटपाथ के बर्म लगाने में ठेकेदार और नगर निगम अधिकारियों ने अनियमितता की। ठेकेदार ने तय से अधिक निर्माण सामग्री खर्च कर दी। अधिकारियों ने जुर्माना लगाने के बजाय उल्टे ठेकेदार को इसका भुगतान कर दिया। मेहरबान अधिकारियों ने 5 फीसदी गारंटी रकम भी ठेकेदार से नहीं वसूली। निर्माण सामग्री भी तय मानक के अनुसार लगी या नहीं, यह भी तय नहीं। यह खुलासा विकास कार्य की ऑडिट रिपोर्ट में सामने आया।
नगर निगम की ओर से अनंगपुर गांव में डिस्पेंसरी से लेकर घंटियाला तक आरएमसी (रेडी मिक्स कंक्रीट) सड़क बनाने और फुटपाथ पर बर्म टाइलें लगाने का ठेका ब्रजलाल चौरसिया को 7 अप्रैल 2017 को दिया था। 94,78,277 रुपये से होने वाला यह विकास कार्य 19 अक्तूबर 2017 तक पूरा किया जाना था। ठेका शर्तों के अनुसार, ठेकेदार को कुल 1256.87 घनमीटर आरएमसी बिछानी थी। इसके लिए उसे 4949 रुपये प्रति घनमीटर की दर से भुगतान किया जाना था। शर्त में यह स्पष्ट उल्लेख था कि यदि तय मात्रा से अधिक निर्माण सामग्री का इस्तेमाल होता है तो उसके लिए ठेकेदार पर जुर्माना लगाया जाएगा। ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, ठेकेदार ने 1424 घनमीटर या 167.13 घनमीटर अधिक निर्माण सामग्री खपा दी। अधिकारियों ने ठेकेदार पर जुर्माना लगाने के बजाय उसे 8.27 लाख रुपये का भुगतान कर दिया।
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आठ महीने देर से पूरा हुआ काम
ठेके की शर्त के अनुसार, निर्माण कार्य में देरी होने पर ठेकेदार पर एक प्रतिशत प्रतिदिन या कुल लागत का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाएगा। ऑडिट में पता चला कि निर्माण कार्य अक्तूबर 2017 की जगह आठ माह देरी से 18 जुलाई 2018 को पूर्ण हुआ। ठेकेदार ने समयसीमा बढ़ने का कोई कारण नहीं दिया। अधिकारियों ने ठेकेदार पर यह दस प्रतिशत यानी 9.48 लाख रुपये जुर्माना भी नहीं लगाया। निर्माण कार्य के दौरान ठेकेदार से पूरी लागत का पांच प्रतिशत यानी 4.74 लाख रुपये गारंटी राशि भी नहीं जमा करवाई गई। ऑडिट में यह भी सामने आया कि ठेकेदार ने पक्के बिल नहीं लगाए लेकिन उसे भुगतान कर दिया गया। निर्माण सामग्री की गुणवत्ता के लिए आधी अधूरी टेस्टिंग रिपोर्ट लगाई गई। निगम आयुक्त मो. शाईन ने बताया कि ऑडिट रिपोर्ट की कॉपी हरियाणा शहरी स्थानीय निकाय के प्रधान सचिव को भेजी गई है।
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