{"_id":"5bb92793867a556a37623e84","slug":"31538860947-faridabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेक्टर-48 में सीवर ओवरफ्लो और उखड़ी सड़क हैं परेशानी का सबब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेक्टर-48 में सीवर ओवरफ्लो और उखड़ी सड़क हैं परेशानी का सबब
Updated Sun, 07 Oct 2018 02:52 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : amar ujala
फरीदाबाद। शहर की आधुनिक कॉलोनी के रूप में बसाए गए सेक्टर-48 में सीवर ओवरफ्लो की समस्या स्थाई हो चुकी है। सड़कें जलाशय में तब्दील हैं तो कूड़ा हर जगह बिखरा पड़ा है। गंदगी का आलम यह कि सफाई कर्मी भी यहां काम करने से कतराते हैं, नतीजा कूड़ा, कचरा, गाद और सीवर ओवरफ्लो। गंदगी से छुटकारा पाने के लिए सेक्टर वासियों ने निगम अधिकारी से लेकर पार्षद और विधायक के दरवाजे पर दस्तक दी लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
जलभराव की शिकायत कई बार करने पर नगर निगम एक बार मशीन भेजता है जो पानी खींच कर टैंकर में भर कर ले जाती है। कोई स्थाई बंदोबस्त नहीं किया गया है। हालात यह है कि सेक्टर-48 में बनाया गया हुडा का कॉमर्शियल कॉंप्लेक्स तक सीवरओवर फ्लो से भरा रहता है। यहां की सड़क पर साल के आठ माह पानी भरा रहता है, कोई सुनवाई नहीं होती।
- खालिद, सदस्य आरडब्ल्यूए सेक्टर 48
इतने बड़े सेक्टर में सफाई का अभाव है। कभी कभार सफाई कर्मी आकर औपचारिकताएं पूरी कर जाते हैं। सरकार स्वच्छ भारत अभियान चला रही है क्या शासन-प्रशासन को सेक्टर-48 नहीं दिखता।
विज्ञापन
- जीतेेंद्र गौड़, सेक्टर-48
सेक्टर वाले मिलकर साफ-सफाई करवाते हैं लेकिन कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था नहीं है। सीवर ओवरफ़्लो और कूड़े की वजह से गांव में मच्छरों की भरमार है, आए दिन लोग मलेरिया, डायरिया, उल्टी, बुखार जैसी बीमारियों के शिकार होते रहते हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती। बीते चार साल में विधायक सीमा त्रिखा से कम से कम बीस बार समस्या बताई गई, पार्षद से भी लगातार शिकायत की जाती है लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती।
मो. आरिफ खान, निवासी सेक्टर- 48
विज्ञापन
जलभराव की शिकायत कई बार करने पर नगर निगम एक बार मशीन भेजता है जो पानी खींच कर टैंकर में भर कर ले जाती है। कोई स्थाई बंदोबस्त नहीं किया गया है। हालात यह है कि सेक्टर-48 में बनाया गया हुडा का कॉमर्शियल कॉंप्लेक्स तक सीवरओवर फ्लो से भरा रहता है। यहां की सड़क पर साल के आठ माह पानी भरा रहता है, कोई सुनवाई नहीं होती।
विज्ञापन
- खालिद, सदस्य आरडब्ल्यूए सेक्टर 48
इतने बड़े सेक्टर में सफाई का अभाव है। कभी कभार सफाई कर्मी आकर औपचारिकताएं पूरी कर जाते हैं। सरकार स्वच्छ भारत अभियान चला रही है क्या शासन-प्रशासन को सेक्टर-48 नहीं दिखता।
विज्ञापन
- जीतेेंद्र गौड़, सेक्टर-48
सेक्टर वाले मिलकर साफ-सफाई करवाते हैं लेकिन कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था नहीं है। सीवर ओवरफ़्लो और कूड़े की वजह से गांव में मच्छरों की भरमार है, आए दिन लोग मलेरिया, डायरिया, उल्टी, बुखार जैसी बीमारियों के शिकार होते रहते हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती। बीते चार साल में विधायक सीमा त्रिखा से कम से कम बीस बार समस्या बताई गई, पार्षद से भी लगातार शिकायत की जाती है लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती।
मो. आरिफ खान, निवासी सेक्टर- 48