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बंधवाड़ी प्लांट फुंकने के बाद पटरी पर नहीं आ पाया कूड़ा निस्तारण का काम
Updated Thu, 23 Aug 2018 10:56 PM IST
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बंधवाड़ी प्लांट फुंकने के बाद पटरी पर नहीं आया कूड़ा निस्तारण का काम
फरीदाबाद। फरीदाबाद और गुरुग्राम से निकलने वाला कचरे को बंधवाड़ी स्थित ठोस कचरा संयंत्र में निस्तारण के लिए भेजा जाता है। मगर 2013 में बंधवाड़ी प्लांट में लगी आग के बाद दोनों शहरों से आने वाले कूड़े के निस्तारण का कार्य आज तक पटरी पर नहीं लौट पाया है। इससे नाखुश नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने ईको ग्रीन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी पर ढाई लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
फरीदाबाद व गुरुग्राम के कचरा प्रबंधन के लिए राज्य सरकार ने वर्ष 2008 में 76 करोड़ रुपये की लागत से में बंधवाड़ी गांव में कचरा निस्तारण संयंत्र बनाया था। इस संयंत्र की देखरेख फरीदाबाद नगर निगम के जिम्मे हैं। वर्ष 2013 में दीवाली से दो दिन पहले अचानक संयंत्र में आग लग गई थी, जिसके चलते वह पूरी तरह फुंक गया था। इसके बाद गुरुग्राम और फरीदाबाद से प्रतिदिन निकलने वाला करीब 1500 टन कचरा को बिना निस्तारित किए यहां डंप किया जाने लगा। इससे यहां कूड़ा का पहाड़ खड़ा हो गया। इस कारण बंधवाड़ी गांव के लोगों ने राज्य सरकार से इस संयंत्र को यहां से शिफ्ट करने की मांग भी की थी।
करीब दो साल पहले राज्य सरकार ने इस संयंत्र को नए सिरे से बनाने की बात कर यहां डंप कचरे के निस्तारण के लिए इको ग्रीन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड को ठेका दे दिया। साथ ही फरीदाबाद से डोर टू डोर कूड़ा उठाकर उसे उचित तरीके से उसका निस्तारण करने का काम भी ईको ग्रीन कंपनी को दिया गया। ईको ग्रीन कंपनी ने काम शुरू भी किया, मगर संसाधन व मैन पावर की कमी के चलते वे शहर से कूड़ा नहीं उठा पा रही है। डंप कूड़े का सही तरीके से निस्तारण नहीं होने से एनजीटी ने इसमें नाराजगी जताई है। इससे बंधवाड़ी गांव का पानी पीने योग्य नहीं रहा है और बीमारियां फैल रही हैं। मामले में हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को संयुक्त रूप से जांच के आदेश दिए गए हैं।
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फरीदाबाद। फरीदाबाद और गुरुग्राम से निकलने वाला कचरे को बंधवाड़ी स्थित ठोस कचरा संयंत्र में निस्तारण के लिए भेजा जाता है। मगर 2013 में बंधवाड़ी प्लांट में लगी आग के बाद दोनों शहरों से आने वाले कूड़े के निस्तारण का कार्य आज तक पटरी पर नहीं लौट पाया है। इससे नाखुश नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने ईको ग्रीन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी पर ढाई लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
फरीदाबाद व गुरुग्राम के कचरा प्रबंधन के लिए राज्य सरकार ने वर्ष 2008 में 76 करोड़ रुपये की लागत से में बंधवाड़ी गांव में कचरा निस्तारण संयंत्र बनाया था। इस संयंत्र की देखरेख फरीदाबाद नगर निगम के जिम्मे हैं। वर्ष 2013 में दीवाली से दो दिन पहले अचानक संयंत्र में आग लग गई थी, जिसके चलते वह पूरी तरह फुंक गया था। इसके बाद गुरुग्राम और फरीदाबाद से प्रतिदिन निकलने वाला करीब 1500 टन कचरा को बिना निस्तारित किए यहां डंप किया जाने लगा। इससे यहां कूड़ा का पहाड़ खड़ा हो गया। इस कारण बंधवाड़ी गांव के लोगों ने राज्य सरकार से इस संयंत्र को यहां से शिफ्ट करने की मांग भी की थी।
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करीब दो साल पहले राज्य सरकार ने इस संयंत्र को नए सिरे से बनाने की बात कर यहां डंप कचरे के निस्तारण के लिए इको ग्रीन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड को ठेका दे दिया। साथ ही फरीदाबाद से डोर टू डोर कूड़ा उठाकर उसे उचित तरीके से उसका निस्तारण करने का काम भी ईको ग्रीन कंपनी को दिया गया। ईको ग्रीन कंपनी ने काम शुरू भी किया, मगर संसाधन व मैन पावर की कमी के चलते वे शहर से कूड़ा नहीं उठा पा रही है। डंप कूड़े का सही तरीके से निस्तारण नहीं होने से एनजीटी ने इसमें नाराजगी जताई है। इससे बंधवाड़ी गांव का पानी पीने योग्य नहीं रहा है और बीमारियां फैल रही हैं। मामले में हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को संयुक्त रूप से जांच के आदेश दिए गए हैं।
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