फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   26 yogashalas became ruins without use

Faridabad News: बिना उपयोग के खंडहर बनीं 26 योगशालाएं

Tue, 25 Jun 2024 06:52 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 25 Jun 2024 06:52 PM IST
विज्ञापन
26 yogashalas became ruins without use
साप्ताहिक स्टोरी-एक्सक्लूसिव
विज्ञापन

फोटो
- जिले में बनाई गईं 26 योगशालाएं, प्रत्येक योगशाला पर 30 लाख खर्च किए
- योग प्रोत्साहन के लिए पंचायत की तीन एकड़ जमीन पर बनाई गई थी
अवध किशोर श्रीवास्तव
फरीदाबाद। प्रदेश सरकार की ओर से योग को प्रोत्साहित करने के लिए करीब छह वर्ष पहले आधुनिक सुविधाओं से लैस 26 योगशालाएं (व्यायाम शाला) बनाने की योजना तैयार की गई थी। प्रत्येक योगशाला के निर्माण पर 30 लाख रुपये खर्च किए गए और 2021 में यह बनकर तैयार हुई। हालांकि, जितने दावे किए गए थे, उतनी सुविधाएं इन योगशालाओं को मयस्सर भी नहीं हो पाईं। इनमें से अधिकतर योगशालाएं बिना उपयोग के अब खंडहर बन गईं हैं। कुछ योगशाला को छोड़ ग्रामीणों को योग कराने के लिए वालंटियर भी तैनात नहीं हैं। इससे ग्रामीणों को न तो योग का प्रशिक्षण मिल रहा है और न ही योग केंद्र की देखभाल हो पा रही है।
गांव के प्रत्येक व्यक्ति को योग से जोड़ने के लिए पंचायत की जमीनों पर योगशाला बनवाने का निर्णय लिया गया था। इसमें वर्ष 2017 में प्रत्येक ग्राम पंचायत को 30 लाख रुपये दिए गए थे। वर्ष 2018 में इन 26 पंचायत की ओर से तीन एकड़ जमीन पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया था। इसमें ग्रामीणों को योग करने की व्यवस्था, सुबह शाम घूमने के लिए ट्रैक, हरियाली के लिए पेड़ पौधे, वॉशरूम सहित तमाम सुविधाएं मुहैया करानी थीं। हालांकि, इसमें केवल मैदान और एक स्टेज बनाकर वर्ष 2021 में आयुष विभाग के सुपुर्द किया गया। आयुष विभाग ने इसे अपने कब्जे में लेने से पहले संबंधित पंचायतों को ठीक कराने को कहा। बताया जा रहा है कि उसे ठीक कराने का आश्वासन तो दिया गया लेकिन तीन वर्ष के बाद इन सभी की स्थिति और भी जर्जर हो रही है।
विज्ञापन

मंगलवार को अमर उजाला की टीम ने खोड़ी जमालपुर, सीकरी, धौज व पाली सहित कई गांव में जाकर योगशाला की पड़ताल की। वहां न तो योग के लिए समतल मैदान था और न ही बाथरूम की उचित व्यवस्था थी। वहीं, योगशाला में बिजली, पानी और चहारदीवारी की भी सुविधा नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

7.80 करोड़ रुपये खर्च, पर नहीं हो रहा उपयोग
26 योगशालाओं के लिए प्रत्येक को 30 लाख रुपये मुहैया कराए गए थे। कुल मिलाकर 7.80 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी इसका उपयोग नहीं हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि योगशाला का नियमों के अनुसार गुणवत्तापरक निर्माण हुआ है।
काफी समय से कुछ योगशाला में वालंटियर भी नहीं है

योगशाला के लिए प्रत्येक गांव को करीब तीन एकड़ जमीन पर तैयार किया गया है। इसे ग्राम पंचायत की ओर से तैयार कर आयुष विभाग को सौंपा गया था। इसकी रखरखाव करने की भी जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की थी। आयुष विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि योगशाला का मामला अब ठंडे बस्ते में चला गया है। पिछले दो वर्षों से कुछ योगशाला में वालंटियर भी नहीं हैं। जहां योग वालंटियर हैं, वह भी मात्र औपचारिकताएं ही पूरी कर रहे हैं।
योग नहीं कराया तो वालंटियर पर होगी कार्रवाई
रखरखाव के अभाव में कुछ योगशालाओं की स्थिति खराब हो चुकी है। उसे जल्द ठीक कराने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है। योग वालंटियर को रोजाना योग कराने का निर्देश दिया गया है। जिनके द्वारा नहीं कराया जा रहा है, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

डॉ. मनीषा लांबा, जिला आयुष अधिकारी
यहां पर है योगशाला
अरूआ, बदरोला, भतोला, बुखारपुर, धौज, फज्जूपुर खादर, फतेहपुर तगा, मोहब्ताबाद, जाजरू, कोराली, खेड़ीगुजरान, खोड़ी जमालपुर, कौट, लहडोला, मचगर, नचौली, नवादा तिगांव, पाली, पाटवा, सिकरी, सिकरौना, सोतई, ताजपुर, तिलपत और अन्य जगह।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed