{"_id":"5c48af71bdec224e364f9396","slug":"21548267377-faridabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कमेटी के 40 लाख रुपये लेकर सास-बहू फरार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कमेटी के 40 लाख रुपये लेकर सास-बहू फरार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कमेटी के 40 लाख रुपये लेकर सास-बहू फरार
पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ दर्ज किया धोखाधड़ी का मामला
आरोपियों ने लगाई थी जमानत याचिका, अदालत ने की रद्द
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सेक्टर-16 में घरेलू कमेटी चला रही एक ही परिवार की दो महिलाएं व एक व्यक्ति लोगों के लाखों रुपये लेकर फरार हो गए। अब तक करीब एक दर्जन महिलाओं ने इसकी शिकायत सेक्टर-17 थाना पुलिस को की है, जिस पर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया। पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि आरोपियों ने करीब 40 लाख रुपये हड़प लिए हैं। वहीं आरोपियों ने अदालत में जमानत याचिका लगाई थी, जिसे अदालत ने रद्द कर दिया है। पीड़ित लोगों ने आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
सेक्टर-17 थाना पुलिस में दर्ज कराए गए मामले में ऊषा छाबड़ा ने बताया कि सेक्टर-16 निवासी सुदेश बवेजा के पास लोगों की कमेटी चल रही थी। सुदेश बवेजा के साथ उनकी बहू प्रीति और बेटा अश्वनी भी मदद करता था। पिछले साल मार्च से सुदेश बवेजा ने कमेटियों के भुगतान में गड़बड़ करना शुरू कर दिया था। अक्तूबर 2018 में उन्होंने हाथ खड़े कर दिए और पैसे नहीं होने की बात कही। इसको लेकर काफी हंगामा भी हुआ था। कमेटी में शामिल 10-12 महिलाओं ने इसकी शिकायत पुलिस आयुक्त कार्यालय में दी थी, जिसमें पीड़ितों ने बताया कि कमेटी संचालक उनके करीब 40 लाख रुपये हड़प कर फरार हो गए। इसकी जांच एसीपी सेंट्रल को भेज दी गई। शिकायत की जांच के बाद 4 जनवरी को सुदेश, प्रीति व अश्वनी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया। आरोपियों ने इस मामले में अदालत में अंतरिम बेल के लिए याचिका दायर की थी, मगर अदालत ने उसे खारिज कर दिया है। पीड़ित लोगों का कहना है कि जमानत याचिका खारिज होने के बावजूद पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही है।
दर्जनों लोगों के पैसे फंसे
शिकायतकर्ता ऊषा छाबड़ा ने बताया कि इस मामले में पुलिस के पास 10-12 लोग ही शिकायत लेकर पहुंचे हैं जबकि शिकायतकर्ताओं की संख्या 60-70 तक हो सकती है। सुदेश बवेजा के पास एक समय में 10 से 12 ग्रुप चलते थे और हर ग्रुप में 18 से 20 लोग होते थे। कई लोग तो दो-तीन ग्रुप में शामिल होते हैं। ऐसे में लोगों के लाखों रुपये कमेटी संचालक हड़प ले गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ दर्ज किया धोखाधड़ी का मामला
आरोपियों ने लगाई थी जमानत याचिका, अदालत ने की रद्द
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सेक्टर-16 में घरेलू कमेटी चला रही एक ही परिवार की दो महिलाएं व एक व्यक्ति लोगों के लाखों रुपये लेकर फरार हो गए। अब तक करीब एक दर्जन महिलाओं ने इसकी शिकायत सेक्टर-17 थाना पुलिस को की है, जिस पर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया। पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि आरोपियों ने करीब 40 लाख रुपये हड़प लिए हैं। वहीं आरोपियों ने अदालत में जमानत याचिका लगाई थी, जिसे अदालत ने रद्द कर दिया है। पीड़ित लोगों ने आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
सेक्टर-17 थाना पुलिस में दर्ज कराए गए मामले में ऊषा छाबड़ा ने बताया कि सेक्टर-16 निवासी सुदेश बवेजा के पास लोगों की कमेटी चल रही थी। सुदेश बवेजा के साथ उनकी बहू प्रीति और बेटा अश्वनी भी मदद करता था। पिछले साल मार्च से सुदेश बवेजा ने कमेटियों के भुगतान में गड़बड़ करना शुरू कर दिया था। अक्तूबर 2018 में उन्होंने हाथ खड़े कर दिए और पैसे नहीं होने की बात कही। इसको लेकर काफी हंगामा भी हुआ था। कमेटी में शामिल 10-12 महिलाओं ने इसकी शिकायत पुलिस आयुक्त कार्यालय में दी थी, जिसमें पीड़ितों ने बताया कि कमेटी संचालक उनके करीब 40 लाख रुपये हड़प कर फरार हो गए। इसकी जांच एसीपी सेंट्रल को भेज दी गई। शिकायत की जांच के बाद 4 जनवरी को सुदेश, प्रीति व अश्वनी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया। आरोपियों ने इस मामले में अदालत में अंतरिम बेल के लिए याचिका दायर की थी, मगर अदालत ने उसे खारिज कर दिया है। पीड़ित लोगों का कहना है कि जमानत याचिका खारिज होने के बावजूद पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही है।
विज्ञापन
दर्जनों लोगों के पैसे फंसे
शिकायतकर्ता ऊषा छाबड़ा ने बताया कि इस मामले में पुलिस के पास 10-12 लोग ही शिकायत लेकर पहुंचे हैं जबकि शिकायतकर्ताओं की संख्या 60-70 तक हो सकती है। सुदेश बवेजा के पास एक समय में 10 से 12 ग्रुप चलते थे और हर ग्रुप में 18 से 20 लोग होते थे। कई लोग तो दो-तीन ग्रुप में शामिल होते हैं। ऐसे में लोगों के लाखों रुपये कमेटी संचालक हड़प ले गए।
विज्ञापन