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खनन विभाग ने अनंगपुर क्षेत्र में की छापेमारी
Updated Fri, 07 Sep 2018 11:16 PM IST
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दूसरे राज्यों से लाया जा रहा है बजरी पत्थर
- खनन विभाग ने अनंगपुर क्षेत्र में की छापेमारी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। प्रतिबंध के बावजूद दूसरे राज्यों से बजरी, रोड़ी आदि खनन उत्पाद लाकर स्टॉक करने वालों के खिलाफ खनन विभाग ने शुक्रवार को औचक निरीक्षण अभियान चलाया। विभाग की टीम को सूरजकुंड रोड पर अनंगपुर इलाके में बीस से अधिक जगहों पर दूसरे राज्यों से लाकर स्टॉक किया गया प्रतिबंधित सामान मिला। टीम ने इसकी रिपोर्ट बनाकर आला अधिकारियों को भेजी है।
प्रदेश में पाली सहित कई अन्य क्रशर जोन हैं। इन क्रशर जोन के उत्पाद को संरक्षण देने के लिए सरकार ने दूसरे राज्यों से क्रश किए हुए उत्पाद के स्टॉक और बिक्री पर प्रतिबंध लगा रखा है। इसके तहत दूसरे राज्य से पत्थर की डस्ट, रोड़ी, बजरी आदि नहीं लाए जा सकते। सूरजकुंड रोड स्थित अनंगपुर में वर्तमान में राजस्थान से लाई गई डस्ट, बजरी और रोड़ी के स्टॉक लगाए जा रहे हैं। माइनिंग इंस्पेक्टर गुलशन अरोड़ा ने बताया कि स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इसकी शिकायत की थी। इस पर शुक्रवार को टीम ने इस इलाके में औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में टीम को अनंगपुर इलाके में बीस से अधिक जगहों पर डस्ट, रोड़ी, बजरी का स्टॉक मिला। उनके मुताबिक इन्हीं लोगों के पास पहले भी दूसरे राज्य के क्रशर का उत्पाद पाया गया था, तब इनके खिलाफ माइनिंग एक्ट के तहत केस दर्ज कराया गया था। शुक्रवार को भी इन्हीं लोगों के पास स्टॉक पाया गया। इन लोगों के पास कितना स्टॉक है इसका आकलन (असेसमेंट) कर रिपोर्ट बनाई गई है। यह रिपोर्ट माइनिंग इंजीनियर संजय सब्बरवाल को भेजी गई है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई का निर्णय वही लेंगे।
एनजीटी ने भी लगा रखी है रोक
पर्यावरण संरक्षण के लिए काम कर रही सामाजिक संस्था के सदस्य विष्णु गोयल बताते हैं कि डस्ट, रोड़ी के खुले में स्टॉक करने पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने प्रतिबंध लगा रखा है। उनके मुताबिक एनसीजेड में दिल्ली, फरीदाबाद और गुरुग्राम की अरावली शामिल है। पर्यावरण संरक्षण के लिए एनजीटी ने अरावली क्षेत्र में क्रशर जोन और डस्ट, रोड़ी आदि के खुले में स्टॉक करने पर प्रतिबंध लगा रखा है। वायुमंडल में तैरने वाले प्रदूषक पीएम 2.5 का सबसे बड़ा घटक यही डस्ट है। औद्योगिक नगरी में पीएम 2.5 की मात्रा अधिकतर चार से पांच गुना अधिक रहती है। इससे सांस, एलर्जी और हृदयरोग जैसी बीमारियां बढ़ती हैं।
- खनन विभाग ने अनंगपुर क्षेत्र में की छापेमारी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। प्रतिबंध के बावजूद दूसरे राज्यों से बजरी, रोड़ी आदि खनन उत्पाद लाकर स्टॉक करने वालों के खिलाफ खनन विभाग ने शुक्रवार को औचक निरीक्षण अभियान चलाया। विभाग की टीम को सूरजकुंड रोड पर अनंगपुर इलाके में बीस से अधिक जगहों पर दूसरे राज्यों से लाकर स्टॉक किया गया प्रतिबंधित सामान मिला। टीम ने इसकी रिपोर्ट बनाकर आला अधिकारियों को भेजी है।
प्रदेश में पाली सहित कई अन्य क्रशर जोन हैं। इन क्रशर जोन के उत्पाद को संरक्षण देने के लिए सरकार ने दूसरे राज्यों से क्रश किए हुए उत्पाद के स्टॉक और बिक्री पर प्रतिबंध लगा रखा है। इसके तहत दूसरे राज्य से पत्थर की डस्ट, रोड़ी, बजरी आदि नहीं लाए जा सकते। सूरजकुंड रोड स्थित अनंगपुर में वर्तमान में राजस्थान से लाई गई डस्ट, बजरी और रोड़ी के स्टॉक लगाए जा रहे हैं। माइनिंग इंस्पेक्टर गुलशन अरोड़ा ने बताया कि स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इसकी शिकायत की थी। इस पर शुक्रवार को टीम ने इस इलाके में औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में टीम को अनंगपुर इलाके में बीस से अधिक जगहों पर डस्ट, रोड़ी, बजरी का स्टॉक मिला। उनके मुताबिक इन्हीं लोगों के पास पहले भी दूसरे राज्य के क्रशर का उत्पाद पाया गया था, तब इनके खिलाफ माइनिंग एक्ट के तहत केस दर्ज कराया गया था। शुक्रवार को भी इन्हीं लोगों के पास स्टॉक पाया गया। इन लोगों के पास कितना स्टॉक है इसका आकलन (असेसमेंट) कर रिपोर्ट बनाई गई है। यह रिपोर्ट माइनिंग इंजीनियर संजय सब्बरवाल को भेजी गई है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई का निर्णय वही लेंगे।
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एनजीटी ने भी लगा रखी है रोक
पर्यावरण संरक्षण के लिए काम कर रही सामाजिक संस्था के सदस्य विष्णु गोयल बताते हैं कि डस्ट, रोड़ी के खुले में स्टॉक करने पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने प्रतिबंध लगा रखा है। उनके मुताबिक एनसीजेड में दिल्ली, फरीदाबाद और गुरुग्राम की अरावली शामिल है। पर्यावरण संरक्षण के लिए एनजीटी ने अरावली क्षेत्र में क्रशर जोन और डस्ट, रोड़ी आदि के खुले में स्टॉक करने पर प्रतिबंध लगा रखा है। वायुमंडल में तैरने वाले प्रदूषक पीएम 2.5 का सबसे बड़ा घटक यही डस्ट है। औद्योगिक नगरी में पीएम 2.5 की मात्रा अधिकतर चार से पांच गुना अधिक रहती है। इससे सांस, एलर्जी और हृदयरोग जैसी बीमारियां बढ़ती हैं।
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