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सीबीएसई का बम्पर रिजल्ट...हरियाणा बोर्ड पास आउट की बढ़ी टेंशन
Updated Sun, 27 May 2018 07:03 PM IST
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सीबीएसई के उच्च रिजल्ट ने हरियाणा बोर्ड के विद्यार्थियों की बढ़ाई टेंशन
फरीदाबाद। सीबीएसई (सेंट्रल बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन) बारहवीं कक्षा के परीक्षा परिणामों के आते ही हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा की चिंता भी बढ़ गई है। जिले के कुल दस कॉलेजों में से सरकारी कॉलेजों की पांच हजार से कम सीटें विद्यार्थियों की चिंता की बड़ी वजह है। सीबीएसई पासआउट छात्रों का अंक प्रतिशत इतना ज्यादा है कि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से पास हुए छात्रों को कालेजों में एडमिशन के लिए कड़ी मशक्कत करनी होगी।
दिल्ली विश्वविद्यालय में मेरिट सूची काफी ऊपर जाती है। ऐसे में डीयू में दाखिले के लिए 90 फीसदी से ऊपर अंक लाने वाले छात्रों को ही वहां एडमिशन की उम्मीद है। चिंता हरियाणा बोर्ड से पास आउट विद्यार्थियों के लिए है जो सीबीएसई पास आउट छात्रों के पास प्रतिशत से दाखिले की मेरिट लिस्ट में पिछड़ सकते हैं। हरियाणा हाई एजुकेशन के तहत शिक्षा देने वाले जिले के दस कॉलेजों में से सात कॉलेज सरकारी हैं। सरकारी कॉलेजों में पूरे पांच हजार विद्यार्थियों के लिए भी सीटें नहीं हैं। तीन निजी कॉलेजों में करीब 1700 से विद्यार्थियों के लिए जगह है। करीब साढ़े छ हजार विद्यार्थियों के लिए जिला कॉलेजों में बनी जगह भी इस बार शुरू होने जा रहे तीन राजकीय कॉलेजों की 760 सीटों की संख्या वृद्धि के साथ है। वहीं, सीबीएसई छात्रों का पास प्रतिशत करीब-करीब 80 फीसदी है, इनमें करीब 60 फीसदी विद्यार्थियों ने 80 फीसदी से अधिक अंक हासिल किए हैं। ऐसे में प्रदेश बोर्ड के परीक्षार्थियों के लिए अपने जिला कॉ़लेजों में भी दाखिले की राह आसान नहीं है। हालांकि, ज्यादातर सीबीएसई छात्र दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिले की दौड़ में रहते हैं। सीबीएसई के 90 प्रतिशत से नीचे अंक प्राप्त करने वाले छात्रों के लिए ये दिल्ली विश्वविद्यालय में मुश्किल ही कोई विकल्प मिलें। ऐसे में जिला कॉलेजों में दाखिले की दौड़ बढ़ जाएगी।
जिले के कुल दस कॉलेजों में से पांच महिलाओं के लिए ही हैं। वहीं पांच कॉलेजों में से तीन राजकीय और दो निजी कॉलेज हैं। राजकीय कॉलेजों सहित निजी कॉलेजों में भी मेरिट के आधार पर दाखिला दिया जाता है। लड़कों के लिए हर तरीके से दाखिले की दौड़ लंबी होने वाली है।
फरीदाबाद। सीबीएसई (सेंट्रल बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन) बारहवीं कक्षा के परीक्षा परिणामों के आते ही हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा की चिंता भी बढ़ गई है। जिले के कुल दस कॉलेजों में से सरकारी कॉलेजों की पांच हजार से कम सीटें विद्यार्थियों की चिंता की बड़ी वजह है। सीबीएसई पासआउट छात्रों का अंक प्रतिशत इतना ज्यादा है कि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से पास हुए छात्रों को कालेजों में एडमिशन के लिए कड़ी मशक्कत करनी होगी।
दिल्ली विश्वविद्यालय में मेरिट सूची काफी ऊपर जाती है। ऐसे में डीयू में दाखिले के लिए 90 फीसदी से ऊपर अंक लाने वाले छात्रों को ही वहां एडमिशन की उम्मीद है। चिंता हरियाणा बोर्ड से पास आउट विद्यार्थियों के लिए है जो सीबीएसई पास आउट छात्रों के पास प्रतिशत से दाखिले की मेरिट लिस्ट में पिछड़ सकते हैं। हरियाणा हाई एजुकेशन के तहत शिक्षा देने वाले जिले के दस कॉलेजों में से सात कॉलेज सरकारी हैं। सरकारी कॉलेजों में पूरे पांच हजार विद्यार्थियों के लिए भी सीटें नहीं हैं। तीन निजी कॉलेजों में करीब 1700 से विद्यार्थियों के लिए जगह है। करीब साढ़े छ हजार विद्यार्थियों के लिए जिला कॉलेजों में बनी जगह भी इस बार शुरू होने जा रहे तीन राजकीय कॉलेजों की 760 सीटों की संख्या वृद्धि के साथ है। वहीं, सीबीएसई छात्रों का पास प्रतिशत करीब-करीब 80 फीसदी है, इनमें करीब 60 फीसदी विद्यार्थियों ने 80 फीसदी से अधिक अंक हासिल किए हैं। ऐसे में प्रदेश बोर्ड के परीक्षार्थियों के लिए अपने जिला कॉ़लेजों में भी दाखिले की राह आसान नहीं है। हालांकि, ज्यादातर सीबीएसई छात्र दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिले की दौड़ में रहते हैं। सीबीएसई के 90 प्रतिशत से नीचे अंक प्राप्त करने वाले छात्रों के लिए ये दिल्ली विश्वविद्यालय में मुश्किल ही कोई विकल्प मिलें। ऐसे में जिला कॉलेजों में दाखिले की दौड़ बढ़ जाएगी।
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जिले के कुल दस कॉलेजों में से पांच महिलाओं के लिए ही हैं। वहीं पांच कॉलेजों में से तीन राजकीय और दो निजी कॉलेज हैं। राजकीय कॉलेजों सहित निजी कॉलेजों में भी मेरिट के आधार पर दाखिला दिया जाता है। लड़कों के लिए हर तरीके से दाखिले की दौड़ लंबी होने वाली है।
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