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200 करोड़ घोटाला: बिल में कमीशन के साथ लग्जरी गाड़ियां भी गिफ्ट करता था ठेकेदार सतबीर
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फरीदाबाद। निगम के 200 करोड़ रुपये घोटाले में जनता के काम भले ही ना हुए हो निगम अधिकारियों पर लक्ष्मी और कुबेर का आशीर्वाद जमकर बरसा था। विजिलेंस द्वारा की जा रही जांच में एक के बाद एक नई-नई जानकारियां सामने आ रही हैं। ठेकेदार सतबीर निगम अधिकारियों को बिल में कमीशन के साथ महंगी कार भी गिफ्ट में देता था। आरोपी ने निलंबित मुख्य अभियंता डीआर भास्कर को स्कोडा कंपनी की कार दी थी। इस कार की कीमत करीब 38 लाख रुपये है। भास्कर ने कार अपनी महिला मित्र को दे रखी थी।
विजिलेंस ने भास्कर की गिरफ्तारी के अगले दिन यह कार कार सेक्टर-21 के एक फ्लैट से बरामद कर ली थी। चार अगस्त को विजिलेंस ने इस मामले से जुड़े ऑडिट व लेखा विभाग के चार अधिकारियों को गिरफ्तार किया था। एक दिन की रिमांड के दौरान सामने आया कि वरिष्ठ लेखा अधिकारी विशाल कौशिक को ठेकेदार सतबीर ने होंडा सिटी कार गिफ्ट की थी। बुधवार को विजिलेंस ने वह कार भी बरामद कर ली है। जांच में यह भी सामने आया कि सतबीर ने चार और कार निगम अधिकारियों को गिफ्ट में दी थी। इसमें एक फॉर्च्यूनर भी शामिल है। विजिलेंस जल्द ही इन कारों को भी बरामद करेगी। घोटाला मई 2020 में सामने आया था। निगम के चार तत्कालीन पार्षदों दीपक चौधरी, दीपक यादव, सुरेंद्र अग्रवाल, महेंद्र सरपंच ने निगम आयुक्त को शिकायत दी कि ठेकेदार सतबीर ने बिना काम के ही बिलों का भुगतान करवा लिया था। निगम आयुक्त ने अपने स्तर पर मामले की जांच कराई। मामला सही पाए जाने पर उन्होंने विजिलेंस से जांच की सिफारिश की। साल 2020 से विजिलेंस मामले की जांच कर रही थी। इस मामले में विजिलेंस उस दौरान तैनात रहे आईएएस अधिकारियों से भी पूछताछ करेगी। इसे लेकर सरकार ने विजिलेंस को पहले ही स्वीकृत दे रखी है। ऐसे में जल्द ही घोटाले के दौरान रहे अधिकारियों से पूछताछ होगी। जांच एजेंसी घोटाले की कड़ियों को जोड़ने में लगी है। इस मामले में ऑडिट और अकाउंट शाखा के अधिकारी भी गिरफ्तार हो चुके हैं। 200 करोड़ के घोटाले में विजिलेंस की ओर से चार एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। साथ ही निगम के अभियंताओं से भी इस केस से संबंधित जानकारी ली जा रही है।
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विजिलेंस ने भास्कर की गिरफ्तारी के अगले दिन यह कार कार सेक्टर-21 के एक फ्लैट से बरामद कर ली थी। चार अगस्त को विजिलेंस ने इस मामले से जुड़े ऑडिट व लेखा विभाग के चार अधिकारियों को गिरफ्तार किया था। एक दिन की रिमांड के दौरान सामने आया कि वरिष्ठ लेखा अधिकारी विशाल कौशिक को ठेकेदार सतबीर ने होंडा सिटी कार गिफ्ट की थी। बुधवार को विजिलेंस ने वह कार भी बरामद कर ली है। जांच में यह भी सामने आया कि सतबीर ने चार और कार निगम अधिकारियों को गिफ्ट में दी थी। इसमें एक फॉर्च्यूनर भी शामिल है। विजिलेंस जल्द ही इन कारों को भी बरामद करेगी। घोटाला मई 2020 में सामने आया था। निगम के चार तत्कालीन पार्षदों दीपक चौधरी, दीपक यादव, सुरेंद्र अग्रवाल, महेंद्र सरपंच ने निगम आयुक्त को शिकायत दी कि ठेकेदार सतबीर ने बिना काम के ही बिलों का भुगतान करवा लिया था। निगम आयुक्त ने अपने स्तर पर मामले की जांच कराई। मामला सही पाए जाने पर उन्होंने विजिलेंस से जांच की सिफारिश की। साल 2020 से विजिलेंस मामले की जांच कर रही थी। इस मामले में विजिलेंस उस दौरान तैनात रहे आईएएस अधिकारियों से भी पूछताछ करेगी। इसे लेकर सरकार ने विजिलेंस को पहले ही स्वीकृत दे रखी है। ऐसे में जल्द ही घोटाले के दौरान रहे अधिकारियों से पूछताछ होगी। जांच एजेंसी घोटाले की कड़ियों को जोड़ने में लगी है। इस मामले में ऑडिट और अकाउंट शाखा के अधिकारी भी गिरफ्तार हो चुके हैं। 200 करोड़ के घोटाले में विजिलेंस की ओर से चार एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। साथ ही निगम के अभियंताओं से भी इस केस से संबंधित जानकारी ली जा रही है।
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