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विचित्र बीमारी ने ली 16 राष्ट्रीय पक्षियों की जान
Updated Fri, 04 May 2018 09:32 PM IST
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अज्ञात बीमारी से 16 पक्षियों की जान गई
बल्लभगढ़। गांव नेकपुर के बाहर हरियाली के बीच रहने वाले मोरों की आजकल अज्ञात बीमारी की चपेट में आने से लगातार मौत हो जा रही है। ग्रामीणों के मुताबिक, चंद दिनों में 16 मोर की जान जा चुकी है। आरोप है कि सूचना और शिकायत देने के बावजूद वन्य प्राणी विभाग और जिला प्रशासन ने राष्ट्रीय पक्षी की मौत को गंभीरता से नहीं लिया।
गांव नेकपुर की सरपंच सुंदरी ने बताया कि चंद दिनों से यह हो रहा है कि पेड़ पर बैठा मोर अचानक बेहोश जैसा होकर जमीन पर गिर पड़ता है और बाद में मौत हो जाती है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार शाम तक 16 मोरों की मौत हो चुकी है, जबकि कई बीमारी की चपेट में हैं। सरपंच का आरोप है कि मोरों की बीमारी और मौत की सूचना वन्य प्राणी विभाग और खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी को दी गई लेकिन इलाज की कोई कार्रवाई नहीं की गई। एसडीएम बड़खल अजय चोपड़ा ने घटना की जानकारी से इनकार करते हुए बताया कि गांव नेकपुर में हो रही मोरों की मौत के बारे में सूचना नहीं मिली है। फिर भी वन्य प्राणी विभाग व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मुआयना करने के लिए गांव में भेजा गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही जानकारी दी जा सकती है। ब्यूरो
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बल्लभगढ़। गांव नेकपुर के बाहर हरियाली के बीच रहने वाले मोरों की आजकल अज्ञात बीमारी की चपेट में आने से लगातार मौत हो जा रही है। ग्रामीणों के मुताबिक, चंद दिनों में 16 मोर की जान जा चुकी है। आरोप है कि सूचना और शिकायत देने के बावजूद वन्य प्राणी विभाग और जिला प्रशासन ने राष्ट्रीय पक्षी की मौत को गंभीरता से नहीं लिया।
गांव नेकपुर की सरपंच सुंदरी ने बताया कि चंद दिनों से यह हो रहा है कि पेड़ पर बैठा मोर अचानक बेहोश जैसा होकर जमीन पर गिर पड़ता है और बाद में मौत हो जाती है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार शाम तक 16 मोरों की मौत हो चुकी है, जबकि कई बीमारी की चपेट में हैं। सरपंच का आरोप है कि मोरों की बीमारी और मौत की सूचना वन्य प्राणी विभाग और खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी को दी गई लेकिन इलाज की कोई कार्रवाई नहीं की गई। एसडीएम बड़खल अजय चोपड़ा ने घटना की जानकारी से इनकार करते हुए बताया कि गांव नेकपुर में हो रही मोरों की मौत के बारे में सूचना नहीं मिली है। फिर भी वन्य प्राणी विभाग व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मुआयना करने के लिए गांव में भेजा गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही जानकारी दी जा सकती है। ब्यूरो
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