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Faridabad News: आयुष्मान लाभार्थियों को आज निजी अस्पतालों में नहीं मिलेगा इलाज
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। आयुष्मान भारत योजना के तहत उपचार का समय पर भुगतान नहीं होने से नाराज निजी अस्पतालों ने एक बार फिर विरोध का फैसला लिया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के आह्वान पर मंगलवार को जिले के निजी अस्पतालों में 24 घंटे तक आयुष्मान योजना के तहत मरीजों का उपचार नहीं किया जाएगा।
निजी अस्पतालों का आरोप है कि प्रदेश सरकार पर उपचार के एवज में फरीदाबाद के अस्पतालों का करीब 20 करोड़ रुपये बकाया है। भुगतान में लगातार देरी के कारण अस्पताल संचालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आईएमए की ओर से निजी अस्पतालों ने एक सितंबर को 24 घंटे आयुष्मान सेवाओं का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। इस दौरान आयुष्मान कार्डधारक मरीजों को निजी अस्पतालों में योजना के तहत इलाज नहीं मिलेगा।
आईएमए आयुष्मान पैनल के चेयरमैन डॉ. सुरेश अरोड़ा ने बताया कि प्रदेश के करीब 650 अस्पतालों की लगभग 1200 करोड़ रुपये की उपचार राशि सरकार पर बकाया है। सरकार को भुगतान के लिए 15 सितंबर तक का समय दिया गया है। यदि इस अवधि में बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया तो 16 सितंबर से प्रदेश के निजी अस्पताल आयुष्मान योजना के तहत उपचार सेवाएं स्थायी रूप से बंद कर देंगे। ऐसे में समय पर भुगतान होना जरूरी है, ताकि योजना के तहत मरीजों को निर्बाध उपचार मिलता रहे।
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फरीदाबाद। आयुष्मान भारत योजना के तहत उपचार का समय पर भुगतान नहीं होने से नाराज निजी अस्पतालों ने एक बार फिर विरोध का फैसला लिया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के आह्वान पर मंगलवार को जिले के निजी अस्पतालों में 24 घंटे तक आयुष्मान योजना के तहत मरीजों का उपचार नहीं किया जाएगा।
निजी अस्पतालों का आरोप है कि प्रदेश सरकार पर उपचार के एवज में फरीदाबाद के अस्पतालों का करीब 20 करोड़ रुपये बकाया है। भुगतान में लगातार देरी के कारण अस्पताल संचालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आईएमए की ओर से निजी अस्पतालों ने एक सितंबर को 24 घंटे आयुष्मान सेवाओं का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। इस दौरान आयुष्मान कार्डधारक मरीजों को निजी अस्पतालों में योजना के तहत इलाज नहीं मिलेगा।
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आईएमए आयुष्मान पैनल के चेयरमैन डॉ. सुरेश अरोड़ा ने बताया कि प्रदेश के करीब 650 अस्पतालों की लगभग 1200 करोड़ रुपये की उपचार राशि सरकार पर बकाया है। सरकार को भुगतान के लिए 15 सितंबर तक का समय दिया गया है। यदि इस अवधि में बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया तो 16 सितंबर से प्रदेश के निजी अस्पताल आयुष्मान योजना के तहत उपचार सेवाएं स्थायी रूप से बंद कर देंगे। ऐसे में समय पर भुगतान होना जरूरी है, ताकि योजना के तहत मरीजों को निर्बाध उपचार मिलता रहे।
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