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हड़ताली कर्मचारियों ने ओल्ड फरीदाबाद और एनएच पांच की बाजार में जुलूस निकाला
Updated Tue, 22 May 2018 10:52 PM IST
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समाधान मिला नहीं, हड़ताल जारी
फरीदाबाद। नगर निगम कर्मचारियों ने हड़ताल के 14वें दिन मंगलवार को ओल्ड फरीदाबाद के मुख्य बाजार और निसन हट (एनएच) पांच के बाजार में जुलूस निकाल कर लोगों से समर्थन मांगा। इधर निगम आयुक्त के आदेश पर सेक्टर 16 में मोतीमहल के पास सफाई अभियान चलाया गया। निजी सफाई कर्मचारियों ने इलाकेे की सफाई की। जिला सिविल सर्जन ने एक बार फिर निगमायुक्त को पत्र लिख कर गंदगी साफ करवाने का आग्रह किया है।
निगम मुख्यालय पर आयोजित धरने की अध्यक्षता नगर पालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा के जिला सचिव नानकचंद खैरालिया ने की तथा मंच का संचालन कर्मी नेता प्रकाश प्रचारी ने किया।
हड़ताली कर्मचारियों को समर्थन देने आए फतेहाबाद के नगरपालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष पूनमचंद रति ने कहा कि 1996 में भी पालिका कर्मचारियों की हड़ताल 89 दिन तक चली थी। तब हरियाणा विकास पार्टी एवं भारतीय जनता पार्टी के संयुक्त मुख्यमंत्री चौ. बंसीलाल ने भी हठधर्मिता दिखाते हुए नगर पालिका के कर्मचारी पर दमन चक्र चलाया था। हमारे 1700 महिला कर्मचारियों सहित 4200 से अधिक पुरुष कर्मचारियों को जेल में डाला था। पांच हजार से अधिक कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया था। इतने दमनकारी नीतियों के बाद भी 4 मार्च 1997 को वर्तमान के शिक्षामंत्री प्रो. रामविलास शर्मा, पूर्व मंत्री शशिपाल मेहता, पूर्व शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डा. कमला वर्मा ने समझौता कर सभी मांगों को माना था तथा कर्मचारियों को वापस ड्यूटी पर लिया गया था। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा में जारी इस हड़ताल में नगर पालिका/निगम कर्मचारी खंभे की तरह मजबूत है तथा कोई भी ताकत इन्हें नहीं तोड़ सकती।
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नगर निगम सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान बलवीर सिंह बालगुहेर ने दावा किया सरकार के तमाम दमनकारी प्रयास के बावजूद पूरे प्रदेश में हड़ताल जारी है। भाजपा सरकार बातचीत कर समाधान ढूंढने के बजाय कर्मचारी उत्पीडन के ओछे हथकंडे अपना रही है। हड़ताल ने सरकार के दलित विरोधी चेहरे को भी बेनकाब किया है। हड़ताल में कर्मी नेता सुनील चिंडालिया, सुभाष फेंटमार, बिशनस्वरूप तेवतिया, परसराम अधाना, योगेश शर्मा, सतीश पहलवान, श्रीनंद ढकोलिया, दान सिंह, रघुबीर चौटाला, सोमपाल झिझोटिया, देवेंद्र मंझावली, बल्लू प्रधान, प्रेमपाल, महिला नेत्री, माया, कमलेश, ममता, ब्रजवती, शकुंतला, ज्ञानोदेवी, कमला, रामवती आदि मौजूद रहे।
फरीदाबाद। नगर निगम कर्मचारियों ने हड़ताल के 14वें दिन मंगलवार को ओल्ड फरीदाबाद के मुख्य बाजार और निसन हट (एनएच) पांच के बाजार में जुलूस निकाल कर लोगों से समर्थन मांगा। इधर निगम आयुक्त के आदेश पर सेक्टर 16 में मोतीमहल के पास सफाई अभियान चलाया गया। निजी सफाई कर्मचारियों ने इलाकेे की सफाई की। जिला सिविल सर्जन ने एक बार फिर निगमायुक्त को पत्र लिख कर गंदगी साफ करवाने का आग्रह किया है।
निगम मुख्यालय पर आयोजित धरने की अध्यक्षता नगर पालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा के जिला सचिव नानकचंद खैरालिया ने की तथा मंच का संचालन कर्मी नेता प्रकाश प्रचारी ने किया।
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हड़ताली कर्मचारियों को समर्थन देने आए फतेहाबाद के नगरपालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष पूनमचंद रति ने कहा कि 1996 में भी पालिका कर्मचारियों की हड़ताल 89 दिन तक चली थी। तब हरियाणा विकास पार्टी एवं भारतीय जनता पार्टी के संयुक्त मुख्यमंत्री चौ. बंसीलाल ने भी हठधर्मिता दिखाते हुए नगर पालिका के कर्मचारी पर दमन चक्र चलाया था। हमारे 1700 महिला कर्मचारियों सहित 4200 से अधिक पुरुष कर्मचारियों को जेल में डाला था। पांच हजार से अधिक कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया था। इतने दमनकारी नीतियों के बाद भी 4 मार्च 1997 को वर्तमान के शिक्षामंत्री प्रो. रामविलास शर्मा, पूर्व मंत्री शशिपाल मेहता, पूर्व शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डा. कमला वर्मा ने समझौता कर सभी मांगों को माना था तथा कर्मचारियों को वापस ड्यूटी पर लिया गया था। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा में जारी इस हड़ताल में नगर पालिका/निगम कर्मचारी खंभे की तरह मजबूत है तथा कोई भी ताकत इन्हें नहीं तोड़ सकती।
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नगर निगम सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान बलवीर सिंह बालगुहेर ने दावा किया सरकार के तमाम दमनकारी प्रयास के बावजूद पूरे प्रदेश में हड़ताल जारी है। भाजपा सरकार बातचीत कर समाधान ढूंढने के बजाय कर्मचारी उत्पीडन के ओछे हथकंडे अपना रही है। हड़ताल ने सरकार के दलित विरोधी चेहरे को भी बेनकाब किया है। हड़ताल में कर्मी नेता सुनील चिंडालिया, सुभाष फेंटमार, बिशनस्वरूप तेवतिया, परसराम अधाना, योगेश शर्मा, सतीश पहलवान, श्रीनंद ढकोलिया, दान सिंह, रघुबीर चौटाला, सोमपाल झिझोटिया, देवेंद्र मंझावली, बल्लू प्रधान, प्रेमपाल, महिला नेत्री, माया, कमलेश, ममता, ब्रजवती, शकुंतला, ज्ञानोदेवी, कमला, रामवती आदि मौजूद रहे।