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ईएसआईसी में चार माह में 160 स्वास्थ्य कर्मी कोरोना संक्रमित
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फरीदाबाद। कोरोना संक्रमण का असर लोगों के साथ स्वास्थ्यकर्मियों पर भी पड़ा है। कोविड अस्पताल ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में कोविड ड्यूटी में लगे करीब 160 स्वास्थ्य कर्मी अब तक कोरोना की चपेट में आ चुके है। इनमें से 95 फीसदी स्वस्थ होकर दोबारा काम पर आ गए हैं जबकि कई अभी होम क्वारंटीन है। डॉक्टरों की निगरानी में इनका इलाज चल रहा है।
एनआईटी तीन स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज को सरकार ने कोविड अस्पताल घोषित कर रखा है। शहर में सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमित मरीज यहीं भर्ती है। डॉक्टरों की देखरेख में इनका इलाज चल रहा है। इस दौरान डॉक्टर मरीजों के देखने जाते है। नर्सिंग स्टाफ को समय-समय पर मरीज को दवा व अन्य खुराक देनी पड़ती है। इसी तरह अन्य कर्मियों की ड्यूटी तय है। इस कारण ये सीधे तौर पर कोरोना मरीजों के संपर्क में आते हैं। हालांकि स्वास्थ्य कर्मियों को कोरोना से बचाव के लिए अस्पताल द्वारा सभी पीपीई किट, मास्क, सैनिटाइजर आदि दिए जाते हैं। इसके बावजूद कोरोना के संपर्क में आने से बच नहीं सके। चार महीने में 160 कोरोना योद्धा संक्रमण की जद आ गए। लेकिन उनके हौसले डगमगाए नहीं बल्कि कोरोना को मात देखकर एक बार फिर काम पर लौट आए हैं।
वर्जन
अस्पताल में कोरोना ड्यूटी में लगे सभी स्वास्थ्य कर्मियों को सुरक्षा संबंधी पीपीई किट, मास्क, दस्ताने आदि उपलब्ध करवाए जाते है। 160 स्वास्थ्य कर्मी कोरोना की चपेट में आ चुके है। इनमें से 95 फीसदी स्वस्थ कर होकर दोबारा ड्यूटी पर आ गए। अन्य मरीजों का उपचार किया जा रहा है। - डॉ. अनिल पांडे, रजिस्ट्रार, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल
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एनआईटी तीन स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज को सरकार ने कोविड अस्पताल घोषित कर रखा है। शहर में सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमित मरीज यहीं भर्ती है। डॉक्टरों की देखरेख में इनका इलाज चल रहा है। इस दौरान डॉक्टर मरीजों के देखने जाते है। नर्सिंग स्टाफ को समय-समय पर मरीज को दवा व अन्य खुराक देनी पड़ती है। इसी तरह अन्य कर्मियों की ड्यूटी तय है। इस कारण ये सीधे तौर पर कोरोना मरीजों के संपर्क में आते हैं। हालांकि स्वास्थ्य कर्मियों को कोरोना से बचाव के लिए अस्पताल द्वारा सभी पीपीई किट, मास्क, सैनिटाइजर आदि दिए जाते हैं। इसके बावजूद कोरोना के संपर्क में आने से बच नहीं सके। चार महीने में 160 कोरोना योद्धा संक्रमण की जद आ गए। लेकिन उनके हौसले डगमगाए नहीं बल्कि कोरोना को मात देखकर एक बार फिर काम पर लौट आए हैं।
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अस्पताल में कोरोना ड्यूटी में लगे सभी स्वास्थ्य कर्मियों को सुरक्षा संबंधी पीपीई किट, मास्क, दस्ताने आदि उपलब्ध करवाए जाते है। 160 स्वास्थ्य कर्मी कोरोना की चपेट में आ चुके है। इनमें से 95 फीसदी स्वस्थ कर होकर दोबारा ड्यूटी पर आ गए। अन्य मरीजों का उपचार किया जा रहा है। - डॉ. अनिल पांडे, रजिस्ट्रार, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल
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