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अस्पताल गेट पर शव रखकर रात भर धरने पर बैठे परिजन

Thu, 28 Feb 2019 07:02 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 28 Feb 2019 07:02 PM IST
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अस्पताल गेट पर शव रखकर रात भर धरने पर बैठे परिजन
अस्पताल गेट पर शव रख रात भर धरना, दिनभर हंगामा
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फरीदाबाद। डबुआ कॉलोनी निवासी डिंपी की एनसथीसिया (बेहोशी) की ओवरडोज से हुई मौत के मामले में पीड़ित परिवार रातभर एनआईटी तीन स्थित निजी अस्पताल के गेट पर शव रखकर धरने पर बैठा रहा। बृहस्पतिवार को भी दिनभर हुए हंगामे के हालात रहे। दोपहर बाद अस्पताल के डॉक्टरों ने परिजनों को आर्थिक मदद देने की बात कही, तब कहीं जाकर परिजन शांत हुए। शाम को करीब छह बजे परिजन डिंपी का शव संस्कार करने के लिए ले गए। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली।
डिंपी (31) को बवासीर की समस्या थी। 17 फरवरी को डिंपी इलाज करवाने एनआईटी तीन ईएसआई अस्पताल रोड स्थित एक निजी अस्पताल में आया था। परिजनों ने आरोप लगाया था कि ऑपरेशन टेबल पर डिंपी को एनसथीसिया (बेहोशी) की ओवरडोज दे दी गई, जिससे वह कोमा में चला गया था। एक सप्ताह तक जिंदगी और मौत से लड़ने के बाद 26 फरवरी को डिंपी ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में दम तोड़ दिया। इससे गुस्साए परिजनों ने बुधवार देर शाम ईएसआई अस्पताल रोड पर जाम लगा दिया था। हंगामा होते देख अस्पताल से डॉक्टर फरार हो गए। पुलिस ने लोगों को शांत कर समझाने का प्रयास किया, मगर लोग मानने को तैयार नहीं थे।
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पीड़ित परिजन रात भर डिंपी के शव को अस्पताल के गेट पर रखकर धरने पर बैठे रहे। बृहस्पतिवार सुबह परिजनों ने ईएसआई अस्पताल रोड जाम करने का प्रयास किया, मगर पुलिस के समझाने पर वे मान गए। दिन चढ़ने के साथ ही एनआईटी विधानसभा से विधायक नगेंद्र भड़ाना, पूर्व विधायक चंदर भाटिया, पूर्व मंत्री महेंद्र प्रताप के पुत्र विवेक प्रताप, पूर्व पार्षद योगेश ढींगड़ा सहित कई लोग धरना स्थल पर पहुंचे। एसीपी राधेश्याम से हुई बातचीत के बाद पुलिस ने डॉक्टरों को थाने बुला लिया। परिवार के सदस्यों और डॉक्टरों के बीच घंटों चली वार्ता के बाद शाम को अस्पताल प्रबंधन ने पीड़ित परिजनों को मुआवजे के तौर पर 12 लाख रुपये की आर्थिक मदद की बात कही, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
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मन्नत से मांगी बच्ची को नहीं देख पाया डिंपी
रिश्ते की बहन चंचल ने बताया कि डिंपी की शादी को नौ साल हो गए हैं। अब तक उसका कोई बच्चा नहीं हुआ था। उसने हर दर पर मात्था टेका और जब डिंपी की पत्नी ने बेटी को जन्म दिया है तो वह अपनी बेटी को देखने के लिए इस दुनिया में नहीं है। चंचल ने बताया कि डिंपी की गर्भवती पत्नी का भी एम्स में ही इलाज चल रहा था। 26 फरवरी को ही उसे एम्स में डिलीवरी के लिए भर्ती करवाया गया था। डिंपी की पत्नी को उसकी मौत की खबर नहीं दी गई ताकि उसकी तबियत न बिगड़ जाए। बुधवार को एम्स के शवगृह में डिंपी के शव का पोस्टमार्टम हो रहा था। उस दौरान एम्स में ही उसकी पत्नी ने बेटी को जन्म दिया।
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