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नगर निगम में ठेकेदारी का रजिस्ट्रेशन बंद
Updated Mon, 06 Aug 2018 10:44 PM IST
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नगर निगम में ठेकेदारी का रजिस्ट्रेशन बंद
फरीदाबाद। नगर निगम प्रशासन ने सोमवार से ठेकेदारों के रजिस्ट्रेशन पर रोक लगा दी है। शहर में रुके हुए विकास कार्यों के लिए निगम आयुक्त के साथ हुई बैठक में ठेकेदारों ने अयोग्य ठेकेदारों को बड़े प्रोजेक्ट देने का आरोप लगाते हुए ऐसे ठेकेदारों का लाइसेंस समाप्त करने की मांग की थी। निगमायुक्त ने अतिरिक्त आयुक्त सुरेंद्र कुमार को मामले की जांच सौंपी है, इसी कड़ी में सोमवार को ठेकेदारों का रजिस्ट्रेशन रोकने का फैसला लिया गया। जांच पूरी होने तक रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया बंद रहेगी।
नगर निगम में वर्तमान में दो सौ से अधिक ठेकेदार पंजीकृत हैं। इंजीनियरिंग शाखा की ओर से लगातार नए ठेकेदारों का रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है। ठेकेदार वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने निगमायुक्त से शिकायत की थी कि जिन लोगों के पास आधारभूत संसाधन, मशीनें और पूंजी की व्यवस्था भी नहीं है उनका भी रजिस्ट्रेशन कर लाइसेंस जारी किया गया है। ऐसे ठेकेदार बड़े काम या तो बीच में ही छोड़ देते हैं या खराब गुणवत्ता वाले काम करते हैं। पांच लाख रुपये की क्षमता वाले ठेकेदार को दो करोड़ का काम सौंपे जाने की भी शिकायत की गई थी। मामले की जांच कर रहे अतिरिक्त आयुक्त सुरेंद्र कुमार ने ठेकेदारों की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया बंद करने का आदेश जारी किया। ब्यूरो
फरीदाबाद। नगर निगम प्रशासन ने सोमवार से ठेकेदारों के रजिस्ट्रेशन पर रोक लगा दी है। शहर में रुके हुए विकास कार्यों के लिए निगम आयुक्त के साथ हुई बैठक में ठेकेदारों ने अयोग्य ठेकेदारों को बड़े प्रोजेक्ट देने का आरोप लगाते हुए ऐसे ठेकेदारों का लाइसेंस समाप्त करने की मांग की थी। निगमायुक्त ने अतिरिक्त आयुक्त सुरेंद्र कुमार को मामले की जांच सौंपी है, इसी कड़ी में सोमवार को ठेकेदारों का रजिस्ट्रेशन रोकने का फैसला लिया गया। जांच पूरी होने तक रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया बंद रहेगी।
नगर निगम में वर्तमान में दो सौ से अधिक ठेकेदार पंजीकृत हैं। इंजीनियरिंग शाखा की ओर से लगातार नए ठेकेदारों का रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है। ठेकेदार वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने निगमायुक्त से शिकायत की थी कि जिन लोगों के पास आधारभूत संसाधन, मशीनें और पूंजी की व्यवस्था भी नहीं है उनका भी रजिस्ट्रेशन कर लाइसेंस जारी किया गया है। ऐसे ठेकेदार बड़े काम या तो बीच में ही छोड़ देते हैं या खराब गुणवत्ता वाले काम करते हैं। पांच लाख रुपये की क्षमता वाले ठेकेदार को दो करोड़ का काम सौंपे जाने की भी शिकायत की गई थी। मामले की जांच कर रहे अतिरिक्त आयुक्त सुरेंद्र कुमार ने ठेकेदारों की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया बंद करने का आदेश जारी किया। ब्यूरो
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