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वाईएमसीए के विद्यार्थियों की बनाई सोलर कार को मिला पुरस्कार
Updated Fri, 23 Mar 2018 07:07 PM IST
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वाईएमसीए के विद्यार्थियों की बनाई सोलर कार को पुरस्कार
फरीदाबाद। वाईएमसीए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की 25 सदस्यीय इंजीनियरिंग विद्यार्थियों की टीम ने सौर ऊर्जा से चलने वाली कार बनाई है। इस कार का प्रदर्शन महर्षि मारकंडेश्वर विश्वविद्यालय, मुलाना हिसार में आयोजित इंडियन सोलर व्हीकल चैंपियनशिप में किया गया। इसमें कार को मेन एंड्योरेंस और लाइटवेट श्रेणी में प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ, जबकि ओवरआल प्रतियोगिता में दूसरा स्थान मिला।
इंडियन सोलर व्हीकल चैंपियनशिप का आयोजन सौर ऊर्जा के प्रभावी उपयोग के नवीनतम विचारों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किया जाता है। विद्यार्थियों द्वारा सौर ऊर्जा से संचालित कार के निर्माण छह महीने का समय और लगभग 1.5 लाख रुपये की लागत आई है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.दिनेश कुमार ने विद्यार्थियों को जीत पर बधाई दी। इसके साथ ही उन्होंने वाहन डिजाइन और उसे तैयार करने में सहयोग देने वाली सभी फैकल्टी सदस्यों की भी सराहना की।
मैकेनिकल इंजीनियरिंग के सहायक प्रोफेसर और परियोजना में विद्यार्थियों के मार्ग दर्शक रहे डॉ. कृष्ण वर्मा ने बताया कि विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई सोलर कार का वजन 138 किलोग्राम है। यह एक बार चार्ज होने पर 45 किमी प्रति घंटे की गति से 150 किलोमीटर तक जा सकती है। बिजली द्वारा चार्ज करने पर कार को चार घंटे का समय लगता है। इस कार में 48 वाल्ट की लीथियम आयन बैटरी लगी है, जोकि इसे स्टार्ट बैकअप प्रदान करती है।
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फरीदाबाद। वाईएमसीए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की 25 सदस्यीय इंजीनियरिंग विद्यार्थियों की टीम ने सौर ऊर्जा से चलने वाली कार बनाई है। इस कार का प्रदर्शन महर्षि मारकंडेश्वर विश्वविद्यालय, मुलाना हिसार में आयोजित इंडियन सोलर व्हीकल चैंपियनशिप में किया गया। इसमें कार को मेन एंड्योरेंस और लाइटवेट श्रेणी में प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ, जबकि ओवरआल प्रतियोगिता में दूसरा स्थान मिला।
इंडियन सोलर व्हीकल चैंपियनशिप का आयोजन सौर ऊर्जा के प्रभावी उपयोग के नवीनतम विचारों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किया जाता है। विद्यार्थियों द्वारा सौर ऊर्जा से संचालित कार के निर्माण छह महीने का समय और लगभग 1.5 लाख रुपये की लागत आई है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.दिनेश कुमार ने विद्यार्थियों को जीत पर बधाई दी। इसके साथ ही उन्होंने वाहन डिजाइन और उसे तैयार करने में सहयोग देने वाली सभी फैकल्टी सदस्यों की भी सराहना की।
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मैकेनिकल इंजीनियरिंग के सहायक प्रोफेसर और परियोजना में विद्यार्थियों के मार्ग दर्शक रहे डॉ. कृष्ण वर्मा ने बताया कि विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई सोलर कार का वजन 138 किलोग्राम है। यह एक बार चार्ज होने पर 45 किमी प्रति घंटे की गति से 150 किलोमीटर तक जा सकती है। बिजली द्वारा चार्ज करने पर कार को चार घंटे का समय लगता है। इस कार में 48 वाल्ट की लीथियम आयन बैटरी लगी है, जोकि इसे स्टार्ट बैकअप प्रदान करती है।
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